भारत का भूगोल MCQs
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यदि किसी हिमालयी क्षेत्र में ढाल तीव्र हो और लगातार भारी वर्षा हो, तो कौन-सी प्रक्रिया तेज हो सकती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
तीव्र ढाल पर भारी वर्षा पानी के बहाव को तेज करती है, जिससे मृदा और चट्टानों का अपरदन बढ़ सकता है। यदि चट्टानें कमजोर हों या ढाल पहले से कट चुकी हो, तो भूस्खलन का खतरा भी बढ़ता है। वनस्पति संरक्षण और उचित जल-निकासी इन प्रक्रियाओं को कम करने में मदद कर सकती है।
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सर सिडनी बरार्ड के वर्गीकरण में पंजाब हिमालय की पश्चिमी और पूर्वी सीमाएँ कौन-सी नदियाँ निर्धारित करती हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सर सिडनी बरार्ड ने हिमालय का अनुप्रस्थ विभाजन नदियों के बीच किया था। उनके अनुसार पंजाब हिमालय सिंधु और सतलुज नदियों के बीच स्थित है और इसकी लंबाई लगभग 500 किमी मानी गई है।
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एक विद्यार्थी बरार्ड के वर्गीकरण में 320 किमी लंबे हिमालयी खंड का अध्ययन कर रहा है। वह किस खंड को पढ़ रहा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बरार्ड के वर्गीकरण में कुमाऊँ हिमालय सतलुज और काली नदियों के बीच लगभग 320 किमी तक फैला है। नेपाल हिमालय काली–तीस्ता के बीच लगभग 800 किमी और असम हिमालय तीस्ता–ब्रह्मपुत्र के बीच लगभग 720 किमी बताया गया है।
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एस. पी. चटर्जी के 1964 के वर्गीकरण में पूर्वाचल को किस व्यापक हिमालयी विभाग में रखा गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
एस. पी. चटर्जी ने 1964 में हिमालय को पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भागों में बाँटा। उनके वर्गीकरण में पूर्वाचल अथवा पूर्वोत्तर पर्वतमालाएँ पूर्वी हिमालय के अंतर्गत आती हैं।
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आर. एल. सिंह के 1971 के वर्गीकरण में उत्तर प्रदेश हिमालय किस विभाग में शामिल है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
आर. एल. सिंह के वर्गीकरण में पश्चिमी हिमालय में कश्मीर और हिमाचल हिमालय, मध्य हिमालय में उत्तर प्रदेश और नेपाल हिमालय, तथा पूर्वी हिमालय को अलग विभाग के रूप में रखा गया है।
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हिमालय के क्षेत्रीय विभाजन में कश्मीर घाटी किन दो प्रमुख पर्वतीय इकाइयों के बीच स्थित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कश्मीर घाटी वृहत हिमालय और पीर पंजाल श्रेणी के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति, हिमानी निक्षेपों और करेवा संरचनाओं ने इस क्षेत्र की कृषि तथा बसावट को प्रभावित किया है।
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कश्मीर हिमालय में करेवा निक्षेपों का प्रमुख कृषि महत्त्व किस फसल से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
करेवा हिमानी झीलों और हिमानी प्रक्रियाओं से संबंधित निक्षेप हैं। कश्मीर घाटी में इनकी मिट्टी केसर की खेती के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है, इसलिए करेवा का कृषि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में महत्त्व है।
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निम्न में से कौन-सा दर्रा जास्कर पर्वतमाला से संबंधित बताया गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दिए गए क्षेत्रीय विवरण के अनुसार जोजि ला वृहत हिमालय, बनिहाल पीर पंजाल, फोटु ला जास्कर और खारदुंग ला लद्दाख श्रेणी से जुड़ा प्रमुख दर्रा है। दर्रे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन के महत्त्वपूर्ण मार्ग होते हैं।
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किस विकल्प में केवल काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों के नाम दिए गए हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों में बाल्टोरो, सियाचिन, हिस्पार, बतूरा और बियाफो शामिल हैं। ये हिमनद उच्च पर्वतीय पर्यावरण, हिम-संचय और नदी प्रणालियों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
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श्रीनगर की अवस्थिति किस नदी के तट पर है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
श्रीनगर झेलम नदी के तट पर स्थित है। झेलम सिंधु नदी तंत्र की एक महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है और कश्मीर घाटी की भौतिक तथा सांस्कृतिक भूगोल में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
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कश्मीर हिमालय की झीलों में कौन-सा युग्म मीठे पानी की झीलों का है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
डल और वूलर कश्मीर क्षेत्र की मीठे पानी की झीलें हैं। इसके विपरीत पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी को क्षेत्रीय विवरण में खारे पानी की झीलों के रूप में बताया गया है।
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हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के संदर्भ में लघु हिमालय को हिमाचल प्रदेश में किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
क्षेत्रीय विवरण के अनुसार लघु या मध्य हिमालय को हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और उत्तराखंड में नागभिता कहा जाता है। स्थानीय नामों का ज्ञान क्षेत्रीय भूगोल तथा पर्वत-श्रेणियों की पहचान में उपयोगी है।
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निम्न में से कौन-सा नदी-समूह हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के सिंधु नदी तंत्र से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय का क्षेत्र सिंधु तथा गंगा, दोनों नदी प्रणालियों से अपवाहित होता है। रावी, ब्यास और सतलुज सिंधु तंत्र से जुड़ी नदियाँ हैं, जबकि यमुना और घाघरा गंगा तंत्र से संबंधित हैं।
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उत्तराखंड हिमालय में भागीरथी, अलकनंदा और यमुना नदियों का उद्गम किस भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
भागीरथी, अलकनंदा और यमुना के स्रोत हिमालय के हिमाचल–उत्तराखंड खंड से संबंधित हैं। इन नदियों का हिमनदीय और उच्च पर्वतीय स्रोत गंगा नदी तंत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण है।
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गर्मियों में ऊँचे घास के मैदानों में पशुओं के साथ जाना और सर्दियों में घाटियों में लौटना किस समुदाय की मौसमी जीवन-शैली का उदाहरण है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कुमाऊँ और गढ़वाल के ऊँचे भागों में भोटिया समुदाय के कुछ समूह मौसमी प्रवास करते हैं। गर्मियों में वे बुग्यालों में पशुओं के साथ जाते हैं और सर्दियों में अपेक्षाकृत निचली घाटियों में लौटते हैं।
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हिमालयी भूगोल में ‘बुग्याल’ शब्द का सही अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बुग्याल हिमालय के ऊँचे भागों में, प्रायः हिमरेखा के निकट पाए जाने वाले घास के मैदान हैं। गर्मियों में ये पशुचारण के लिए उपयोगी होते हैं और पर्वतीय पारिस्थितिकी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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निम्न में से कौन-सा समूह हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के प्रमुख पर्यटन/पर्वतीय नगरों का है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
शिमला, मसूरी, धर्मशाला और कसौली हिमाचल तथा उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र के प्रमुख पर्वतीय नगरों में गिने जाते हैं। ऊँचाई, अपेक्षाकृत ठंडी जलवायु और प्राकृतिक दृश्यों ने इन्हें पर्यटन केंद्र बनाया है।
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देहरादून और कोथरीदून जैसे स्थल किस प्रकार की स्थलाकृति के उदाहरण हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दून हिमालय की पर्वत श्रेणियों के बीच विकसित अनुदैर्घ्य घाटियाँ हैं। देहरादून, कोथरीदून और पाटलीदून जैसे उदाहरण हिमालय के दक्षिणी भाग में पाए जाते हैं और इनका निर्माण पर्वतीय भू-आकृतिक प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
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काली और तीस्ता नदियों के बीच फैला लगभग 800 किमी लंबा खंड किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बरार्ड के अनुप्रस्थ विभाजन में काली और तीस्ता नदियों के बीच का लगभग 800 किमी लंबा भाग नेपाल हिमालय कहलाता है। इसे क्षेत्रीय विवरण में दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय अथवा मध्य हिमालय से भी जोड़ा गया है।
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दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय की जैव-विविधता के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय अपनी जैव-विविधता, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और रंगीन ऑर्किड के लिए प्रसिद्ध है। ऊँचाई, वर्षा और स्थलाकृति में विविधता के कारण यहाँ अलग-अलग प्रकार के आवास विकसित होते हैं।