भारत की नदियां
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सिंधु नदी का उद्गम किस स्थान के निकट खोखर-चू हिमनद से माना जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सिंधु नदी का उद्गम तिब्बत में कैलाश पर्वतमाला के उत्तरी ढाल पर स्थित खोखर-चू हिमनद के निकट माना जाता है। यह हिमालय-पार नदी है और प्रारंभ में तिब्बती पठार से होकर बहती है। उद्गम के साथ नदी का शुरुआती प्रवाह, तिब्बत में नाम और आगे लद्दाख में प्रवेश परीक्षा के महत्त्वपूर्ण तथ्य हैं।
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तिब्बत में सिंधु नदी को किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सिंधु को तिब्बत में सिंगी खम्बन या ‘लायन्स माउथ’ कहा जाता है। इसके विपरीत लांगचेन खम्बाब नाम सतलुज से जुड़ा है और यारलुंग त्सांगपो ब्रह्मपुत्र की ऊपरी धारा का नाम है। ऐसे नाम-आधारित प्रश्नों में नदी और क्षेत्र का मिलान सावधानी से करना चाहिए।
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सिंधु नदी भारत में मुख्यतः किस क्षेत्र से होकर बहती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सिंधु नदी भारत में मुख्यतः लद्दाख क्षेत्र से होकर बहती है, फिर पाकिस्तान में प्रवेश करती है। लद्दाख में यह लद्दाख और जास्कर पर्वत श्रेणियों के बीच बहती है तथा गहरी घाटियाँ बनाती है। भारत में सिंधु बेसिन का विस्तार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ अन्य उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों की सहायक नदियों तक है।
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सिंधु नदी अंततः कहाँ गिरती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सिंधु नदी पाकिस्तान से दक्षिण की ओर बहते हुए कराची के निकट अरब सागर में गिरती है। यह हिमालयी नदी तंत्रों में सबसे पश्चिमी प्रमुख तंत्र है। गंगा और ब्रह्मपुत्र के विपरीत इसका मुख्य निकास बंगाल की खाड़ी में नहीं होता। मानचित्र में इसके पश्चिमोन्मुख और फिर दक्षिणी प्रवाह को पहचानना उपयोगी है।
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निम्न में से कौन-सी नदी सिंधु की पाँच प्रमुख सहायक नदियों में शामिल नहीं है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज सिंधु तंत्र की प्रमुख नदियाँ हैं; काबुल नदी भी सिंधु की सहायक नदी है, लेकिन ‘पंजाब की पाँच नदियों’ के पारंपरिक समूह में शामिल नहीं होती। प्रश्न में ‘सिंधु की सहायक नदी’ और ‘पंजाब की पाँच नदियाँ’ के बीच अंतर पहचानना जरूरी है।
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पंजाब की पाँच नदियों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पंजाब का नाम पाँच नदियों के पारंपरिक समूह से जुड़ा है—झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। ये नदियाँ व्यापक सिंधु नदी तंत्र का हिस्सा हैं। काबुल, स्वात और श्योक भी सिंधु तंत्र की सहायक नदियाँ हैं, पर पाँच नदियों वाले पारंपरिक समूह में नहीं गिनी जातीं।
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झेलम नदी का प्राचीन/वैदिक नाम क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
झेलम का प्राचीन नाम वितस्ता है। यूनानी स्रोतों में इसे Hydaspes नाम से भी जाना जाता है। यह कश्मीर घाटी की प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम वेरीनाग के निकट होता है और यह वुलर झील से होकर गुजरती है। प्राचीन नामों का मिलान UPSC, SSC और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।
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झेलम नदी का उद्गम कहाँ है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
झेलम नदी का उद्गम जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र में वेरीनाग के निकट एक झरने से होता है। यह कश्मीर घाटी से उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है, वुलर झील में प्रवेश करती है और आगे पाकिस्तान की ओर जाती है। कश्मीर घाटी में इसकी अपेक्षाकृत कम ढाल ने कुछ हिस्सों में नौपरिवहन को संभव बनाया है।
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झेलम नदी किस झील से होकर गुजरती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
झेलम नदी कश्मीर घाटी में बहते हुए वुलर झील में प्रवेश करती है। वुलर झील जल-भंडारण और बाढ़ के पानी को अस्थायी रूप से समाहित करने में महत्त्वपूर्ण है। डल झील भी श्रीनगर में है, लेकिन झेलम के मुख्य प्रवाह से वुलर जैसा प्रत्यक्ष संबंध नहीं रखती।
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चिनाब नदी का निर्माण किन दो नदियों के संगम से होता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
चिनाब नदी हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में चंद्रा और भागा नदियों के संगम से बनती है। यह संगम टांडी के निकट होता है। ऊपरी भाग में इसे चंद्रभागा भी कहा जाता है। उद्गम-क्षेत्र, संगम-स्थल और नदी के नाम का यह संबंध मानचित्र-आधारित प्रश्नों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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चंद्रा और भागा नदियों का संगम किस स्थान के निकट होता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
चंद्रा और भागा नदियाँ हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में टांडी के निकट मिलकर चिनाब बनाती हैं। चंद्रा का उद्गम बारालाचा ला के निकट हिमनदीय क्षेत्र से तथा भागा का उद्गम उसी दर्रे के दूसरी ओर से संबंधित है। ‘टांडी—चंद्रभागा/चिनाब’ एक महत्त्वपूर्ण परीक्षा-युग्म है।
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चिनाब नदी का प्राचीन नाम कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
चिनाब का प्राचीन नाम अस्किनी माना जाता है। अन्य प्रमुख प्राचीन नामों में झेलम—वितस्ता, रावी—परुष्णी/इरावती, ब्यास—विपाशा और सतलुज—शतद्रु शामिल हैं। नदी के आधुनिक और प्राचीन नामों का सही मिलान इतिहास तथा भूगोल के संयुक्त प्रश्नों में उपयोगी है।
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चिनाब नदी पर स्थित प्रमुख जलविद्युत परियोजना कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
बगलिहार जलविद्युत परियोजना जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में चिनाब नदी पर स्थित है। चिनाब बेसिन में दुलहस्ती और सलाल जैसी परियोजनाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं। भाखड़ा-नांगल सतलुज पर और पोंग बाँध ब्यास पर स्थित है। नदी-परियोजना का सही मिलान सिंचाई, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय जल-विवादों के अध्ययन में जरूरी है।
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रावी नदी का उद्गम किस क्षेत्र के निकट माना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्र में रोहतांग दर्रे के निकट निकलती है। यह धौलाधार और पीर पंजाल से संबंधित पर्वतीय ढालों का जल अपवाहित करती है, फिर पंजाब के मैदान से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है। रावी का प्राचीन नाम परुष्णी या इरावती है।
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रावी नदी का प्राचीन नाम कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
रावी नदी को प्राचीन साहित्य में परुष्णी और इरावती नामों से जोड़ा जाता है। ब्यास का प्राचीन नाम विपाशा, झेलम का वितस्ता और चिनाब का अस्किनी है। इन नामों का समूह याद रखने के लिए नदी-नाम, उद्गम और वर्तमान राज्य को एक साथ पढ़ना अधिक प्रभावी रहता है।
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ब्यास नदी का उद्गम स्थल कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
ब्यास नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के दक्षिणी भाग के निकट स्थित ब्यास कुंड से होता है। यह कुल्लू घाटी से होकर बहती है और आगे कांगड़ा क्षेत्र से गुजरती है। ब्यास का प्राचीन नाम विपाशा है और यह हरिके के निकट सतलुज में मिलती है।
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ब्यास नदी किस नदी में और कहाँ मिलती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ब्यास नदी पंजाब में हरिके के निकट सतलुज में मिलती है। इसके बाद सतलुज का संयुक्त प्रवाह पाकिस्तान की ओर जाता है। हरिके का संगम और आर्द्रभूमि दोनों दृष्टियों से महत्त्व है। परीक्षा में ब्यास-सतलुज संगम को झेलम-चिनाब या चंद्रा-भागा संगम से अलग पहचानें।
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ब्यास नदी का प्राचीन नाम क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ब्यास नदी का प्राचीन नाम विपाशा है। इसे यूनानी विवरणों में Hyphasis से भी जोड़ा जाता है। ब्यास हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदी है और हरिके के निकट सतलुज में मिलती है। पाँच नदियों के प्राचीन नामों का नियमित अभ्यास कई प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी होता है।
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सतलुज नदी का उद्गम किस झील के निकट है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सतलुज का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकसताल क्षेत्र से माना जाता है। यह हिमालय-पार नदी है और शिपकी ला दर्रे के पास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है। सतलुज गहरी घाटियाँ बनाती है और इस पर भाखड़ा बाँध जैसी प्रमुख परियोजना स्थित है।
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सतलुज को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सतलुज का तिब्बती नाम लांगचेन खम्बाब है। सिंगी खम्बन सिंधु से संबंधित नाम है। सतलुज मानसरोवर-राकसताल क्षेत्र से निकलकर पश्चिम की ओर बहती है और शिपकी ला के निकट भारत में प्रवेश करती है। नामों की यह समानता अक्सर विकल्पों में भ्रम पैदा करती है।