भारत का भूगोल MCQs
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अरुणाचल हिमालय को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
अरुणाचल हिमालय को असम हिमालय भी कहा जाता है। लेख के अनुसार इसका विस्तार पूर्व में भूटान हिमालय से दिफू दर्रे तक है। इस क्षेत्र में तेज गति से बहने वाली नदियाँ गहरी घाटियाँ बनाती हैं और कई जनजातीय समुदाय निवास करते हैं।
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अरुणाचल हिमालय की पूर्वी सीमा के संदर्भ में किस दर्रे का उल्लेख किया गया है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अरुणाचल हिमालय भूटान हिमालय से पूर्व में दिफू दर्रे तक फैला बताया गया है। दिफू दर्रा पूर्वोत्तर हिमालय के क्षेत्रीय विस्तार को समझने में महत्त्वपूर्ण है। इस क्षेत्र की स्थलाकृति में गहरी नदी घाटियाँ और ऊँची पर्वतीय श्रेणियाँ प्रमुख हैं।
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नामचा बरवा के पास ब्रह्मपुत्र नदी की प्रमुख भू-आकृतिक विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
अरुणाचल हिमालय में उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली नदियों ने गहरी घाटियाँ काटी हैं। नामचा बरवा के आसपास ब्रह्मपुत्र एक विशाल गॉर्ज बनाती है। तेज प्रवाह, तीव्र ढाल और पर्वतीय उत्थान नदी द्वारा गहरे अपरदन को बढ़ावा देते हैं।
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अरुणाचल हिमालय के पश्चिम से पूर्व की ओर वर्णित जनजातीय समूहों में कौन-सा नाम शामिल है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
लेख में अरुणाचल हिमालय के जनजातीय समूहों में मोनपा, डफला, अबोर, मिश्मी, निशि और नागा का उल्लेख है। इन समुदायों की आजीविका और सांस्कृतिक परंपराएँ पर्वतीय पर्यावरण से जुड़ी हैं। लेख झूम खेती को भी इस क्षेत्र की पारंपरिक कृषि पद्धति के रूप में बताता है।
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‘काटो और जलाओ’ पद्धति किस प्रकार की कृषि का वर्णन करती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
झूम खेती में वनस्पति को काटकर और जलाकर भूमि तैयार की जाती है, फिर कुछ समय तक फसल उगाने के बाद किसान दूसरी जगह जा सकते हैं। लेख इसे अरुणाचल और पूर्वोत्तर के कुछ जनजातीय क्षेत्रों से जोड़ता है। भूमि पर दबाव और पुनर्वास अवधि के अनुसार इसके पर्यावरणीय प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं।
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ब्रह्मपुत्र के पूर्व में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली पर्वतीय इकाइयों को किस व्यापक नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पूर्वी पहाड़ियाँ और पहाड़ ब्रह्मपुत्र के पूर्व में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैले हैं। इनमें पटकाई, नागा, मणिपुर, मिजो या लुशाई तथा अराकान पहाड़ियाँ शामिल की जाती हैं। ये भारत और म्यांमार के बीच सीमा-क्षेत्र के भूगोल में महत्त्वपूर्ण हैं।
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पटकाई, नागा और मिजो पहाड़ियाँ किस व्यापक क्षेत्रीय समूह से संबंधित हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
पूर्वी पहाड़ियों में उत्तर की ओर पटकाई, बुम, नागा और मणिपुर पहाड़ियाँ तथा दक्षिण की ओर मिजो या लुशाई और अराकान पहाड़ियाँ शामिल हैं। इनकी दिशा और स्थिति पश्चिमी हिमालय की पूर्व-पश्चिम फैली मुख्य श्रेणियों से अलग है।
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मणिपुर घाटी के मध्य स्थित प्रसिद्ध झील कौन-सी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
लोकटक झील मणिपुर घाटी में स्थित प्रसिद्ध झील है और चारों ओर से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यह पूर्वोत्तर भारत की महत्त्वपूर्ण मीठे पानी की झीलों में से एक है। झील का क्षेत्रीय जल-विज्ञान, मत्स्य संसाधन और स्थानीय आजीविका के लिए महत्त्व है।
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‘मोलासेस बेसिन’ नाम किस राज्य के भूगर्भीय स्वरूप से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
GeoGyan लेख मिजोरम को ‘मोलासेस बेसिन’ के नाम से वर्णित करता है और इसे मुलायम, असंगठित चट्टानों से जोड़ता है। ऐसी चट्टानी संरचना क्षेत्र की पहाड़ियों, अपरदन और ढाल की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
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बराक नदी का संबंध किस बड़ी नदी प्रणाली से है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
बराक मणिपुर और मिजोरम क्षेत्र की प्रमुख नदी है। लेख के अनुसार बराक आगे मेघना नदी प्रणाली की सहायक नदी है। पूर्वोत्तर भारत की नदियों को समझने के लिए स्थानीय नदी और उससे जुड़ी व्यापक नदी प्रणाली के संबंध को पहचानना आवश्यक है।
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सिंधु नदी के महाखड्ड से परे हिमालय की उत्तर-पश्चिमी शाखाओं में कौन-सी श्रेणी शामिल है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सिंधु के महाखड्ड से परे हिमालय की शाखाएँ उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ती हैं। लेख में हजारा, सुलेमान, बुगती और किरथर का उल्लेख किया गया है। ये उत्तर-पश्चिमी पर्वतीय भूगोल और दक्षिण-पश्चिम एशिया की ओर जाने वाली पर्वतीय संरचनाओं को समझने में उपयोगी हैं।
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किस विकल्प में हिमालय की मुख्य अनुदैर्ध्य श्रेणियों का उत्तर से दक्षिण की ओर सही क्रम दिया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में ट्रांस-हिमालय स्थित है। इसके दक्षिण में महान हिमालय या हिमाद्रि, फिर लघु हिमालय या हिमाचल और सबसे दक्षिण में शिवालिक आता है। यह क्रम हिमालय की स्थलाकृति को उत्तर से दक्षिण समझने का आधार है।
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काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों को सामान्यतः किस भौगोलिक समूह में रखा जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
काराकोरम और लद्दाख श्रेणियाँ मुख्य हिमालय के उत्तर में स्थित ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा मानी जाती हैं। इस क्षेत्र में ऊँचे पर्वत, हिमनद और ठंडी शुष्क जलवायु मिलती है। काराकोरम में सियाचिन जैसे बड़े हिमनद स्थित हैं।
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देहरादून की भौगोलिक स्थिति किस स्थलरूप को समझने का अच्छा उदाहरण है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
देहरादून शिवालिक और लघु हिमालय के बीच स्थित प्रसिद्ध दून घाटी है। दून घाटियाँ लंबी घाटियों के रूप में मिलती हैं और इनमें अपेक्षाकृत समतल भूमि तथा नदी-निक्षेप पाए जा सकते हैं। इनकी भौगोलिक स्थिति हिमालयी तलहटी और ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों के बीच संक्रमण बनाती है।
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शिवालिक की तलहटी के दक्षिण में भाबर पट्टी की भूमि अत्यधिक छिद्रदार क्यों होती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
भाबर क्षेत्र में पर्वतीय नदियाँ कंकड़, बजरी और अन्य मोटे अवसाद जमा करती हैं। इन निक्षेपों के बीच रिक्त स्थान अधिक होते हैं, इसलिए पानी तेजी से जमीन में रिस सकता है। यही कारण है कि कई छोटी धाराएँ भाबर में सतह से गायब होकर तराई में फिर दिखाई देती हैं।
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भाबर से नीचे की ओर बढ़ने पर पानी की धाराएँ फिर सतह पर आने वाला नम क्षेत्र कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
तराई भाबर के दक्षिण में स्थित अपेक्षाकृत नम और कई स्थानों पर दलदली पट्टी है। भाबर के मोटे निक्षेपों में रिसा हुआ पानी तराई के महीन अवसादों और कम ढाल के कारण फिर सतह पर आ सकता है। इस क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से घने वन और आर्द्रभूमियाँ रही हैं।
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महान हिमालय की ऊँची चोटियों पर स्थायी हिम और हिमनद मिलने का सबसे सीधा कारण क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
महान हिमालय या हिमाद्रि बहुत ऊँचा है, इसलिए तापमान कम रहता है और कई क्षेत्रों में बर्फ लंबे समय तक बनी रहती है। ऊँचाई, हिमपात और तापमान की परिस्थितियाँ हिमनदों के विकास में मदद करती हैं। हिमनदों का पिघला पानी अनेक हिमालयी नदी प्रणालियों के प्रवाह में योगदान देता है।
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लघु हिमालय की पीर पंजाल और धौलाधार श्रेणियाँ किस व्यापक पट्टी से संबंधित हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
हिमाचल लघु हिमालय का दूसरा नाम है। पीर पंजाल और धौलाधार इसकी प्रमुख श्रेणियों में शामिल हैं। यह पट्टी महान हिमालय के दक्षिण में स्थित है और इसमें पर्वतीय घाटियाँ, वन तथा कई बसे हुए क्षेत्र मिलते हैं।
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किस भूवैज्ञानिक प्रक्रिया ने हिमालय में वलित पर्वतों और ऊँची श्रेणियों का निर्माण किया?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर बढ़ने और यूरेशियाई प्लेट से टकराने से हिमालय का उत्थान हुआ। इस अभिसरण ने चट्टानों में वलन, भ्रंशन और विकृति पैदा की। प्लेटों की गति जारी रहने के कारण हिमालय आज भी सक्रिय विवर्तनिक क्षेत्र है और यहाँ भूकंप का जोखिम बना रहता है।
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हिमालय को युवा वलित पर्वत कहने का उपयुक्त आधार क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
हिमालय का निर्माण भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के अभिसरण के कारण हुआ और भूवैज्ञानिक दृष्टि से इसे युवा पर्वत प्रणाली माना जाता है। इसकी वलित चट्टानें, सक्रिय भ्रंश और निरंतर उत्थान इसके युवा तथा सक्रिय स्वरूप के प्रमाण हैं। यही सक्रियता भूकंप और तीव्र अपरदन से भी जुड़ी है।