भारत का भूगोल MCQs

  1. लद्दाख को ‘ठंडा मरुस्थल’ कहने के पीछे प्रमुख भौगोलिक कारण क्या है?

    Options:
    1. साल भर उच्च आर्द्रता और गर्म तापमान
    2. ऊँची पर्वत श्रेणियों की वर्षाछाया के कारण कम वर्षा और ठंडा वातावरण
    3. समुद्री ज्वार से नियमित जलभराव
    4. भूमध्यरेखीय वर्षावन जैसी लगातार वर्षा

    Correct Option: B

    Explanation:

    लद्दाख हिमालय की वर्षाछाया में स्थित है। ऊँची पर्वत श्रेणियाँ मानसूनी नमी को रोकती हैं, इसलिए यहाँ वर्षा कम होती है; ऊँचाई के कारण तापमान भी कम रहता है। इस संयोजन से ठंडे मरुस्थल जैसी परिस्थितियाँ बनती हैं और बस्तियाँ अक्सर सिंधु जैसी नदी घाटियों के आसपास केंद्रित होती हैं।

  2. सियाचिन हिमनद किस पर्वतीय श्रेणी से संबंधित है?

    Options:
    1. काराकोरम
    2. धौलाधार
    3. अरावली
    4. शिवालिक

    Correct Option: A

    Explanation:

    सियाचिन हिमनद काराकोरम पर्वत क्षेत्र में स्थित है। काराकोरम ट्रांस-हिमालय का प्रमुख भाग है और अत्यधिक ऊँची चोटियों तथा बड़े हिमनदों के लिए प्रसिद्ध है। हिमनद क्षेत्र की जलवायु, जल-प्रवाह और सामरिक भूगोल में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  3. पर्वतीय क्षेत्र में ‘दून’ और ‘दोआब’ के बीच सही अंतर क्या है?

    Options:
    1. दून दो नदियों के बीच और दोआब पर्वतों के बीच होता है
    2. दून पर्वत श्रेणियों के बीच घाटी है, जबकि दोआब दो नदियों के बीच का भू-भाग है
    3. दोनों केवल हिमनदों के नाम हैं
    4. दोनों समुद्री डेल्टा के नाम हैं

    Correct Option: B

    Explanation:

    दून हिमालय में दो पर्वतीय श्रेणियों के बीच स्थित लंबी घाटी को कहते हैं, जैसे देहरादून। दोआब का अर्थ दो नदियों के बीच स्थित भूमि है। दोनों शब्द अलग भौगोलिक आकृतियों के लिए प्रयुक्त होते हैं और परीक्षा में इनका अंतर महत्त्वपूर्ण है।

  4. यदि कोई छोटी नदी भाबर में बहते-बहते सतह से गायब हो जाए, तो इसका सबसे संभावित कारण क्या होगा?

    Options:
    1. नदी का तुरंत समुद्र में पहुँच जाना
    2. जल का स्थायी रूप से बर्फ बन जाना
    3. नदी का ज्वालामुखी में बदल जाना
    4. मोटे और छिद्रदार निक्षेपों में जल का नीचे रिस जाना

    Correct Option: D

    Explanation:

    भाबर के कंकड़-बजरीयुक्त निक्षेप अत्यधिक छिद्रदार होते हैं। इनमें सतही जल तेजी से नीचे रिस सकता है, इसलिए छोटी नदियाँ या धाराएँ कुछ दूरी तक सतह से गायब दिखाई देती हैं। आगे दक्षिण में तराई के कम पारगम्य महीन निक्षेपों के कारण पानी फिर सतह पर आ सकता है।

  5. हिमालय के पश्चिमी भाग में सर्दियों के दौरान वर्षा और हिमपात लाने वाली मौसम प्रणाली कौन-सी है?

    Options:
    1. स्थानीय समुद्री समीर
    2. पश्चिमी विक्षोभ
    3. दक्षिण-पश्चिम मानसून ही
    4. लू

    Correct Option: B

    Explanation:

    पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया से आगे बढ़ने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं, जो सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुँचती हैं। ये पश्चिमी हिमालय में वर्षा और ऊँचे क्षेत्रों में हिमपात कराती हैं। यह हिमपात रबी फसलों तथा पर्वतीय जल-संसाधनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  6. पूर्वी हिमालय में अधिक वर्षा होने की सामान्य वजह क्या है?

    Options:
    1. पूर्वी हिमालय में मानसून नहीं पहुँचता
    2. यहाँ पर्वत पूरी तरह वर्षा रोक देते हैं
    3. बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली मानसूनी हवाओं का प्रभाव
    4. यह क्षेत्र समुद्र से बहुत दूर और वर्षाछाया में है

    Correct Option: C

    Explanation:

    पूर्वी हिमालय बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी मानसूनी हवाओं के प्रभाव में रहता है। इसलिए कई पूर्वी क्षेत्रों में पश्चिमी हिमालय की तुलना में वर्षा अधिक होती है। हालांकि वर्षा की वास्तविक मात्रा ढाल, ऊँचाई, पवन दिशा और घाटियों के अनुसार बदलती है।

  7. हिमालयी ढाल पर सड़क कटान के बाद भारी वर्षा हो तो किस खतरे की आशंका बढ़ सकती है?

    Options:
    1. प्रवाल विरंजन
    2. भूस्खलन
    3. ज्वारीय लहर
    4. मरुस्थलीय धूल-आँधी ही

    Correct Option: B

    Explanation:

    सड़क निर्माण में ढाल काटना, विस्फोट करना, वनस्पति हटाना और जल-निकासी बदलना पहाड़ी ढाल को अस्थिर कर सकता है। भारी वर्षा चट्टानों और मिट्टी को ढीला करके भूस्खलन की संभावना बढ़ाती है। वैज्ञानिक भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उचित निकासी और ढाल स्थिरीकरण जोखिम घटाने में मदद करते हैं।

  8. हिमालयी नदियों में हिमनदों का योगदान किस रूप में होता है?

    Options:
    1. नदियों का सारा पानी समुद्री जल से बनाना
    2. नदी प्रवाह को हमेशा रोक देना
    3. गर्म मौसम में पिघलकर ऊपरी नदी प्रवाह को जल देना
    4. केवल नदी के रंग को बदलना

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमनद बर्फ के दीर्घकालिक भंडार हैं। गर्म मौसम में पिघलने वाला हिम कई हिमालयी नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं को जल देता है। नदी प्रवाह में वर्षा, हिमपिघलन और भूजल का योगदान नदी तथा मौसम के अनुसार बदलता है, इसलिए हिमनदों में बदलाव जल उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।

  9. हिमालय में प्राकृतिक वनस्पति का ऊँचाई के साथ बदलना किस संकल्पना का उदाहरण है?

    Options:
    1. महाद्वीपीय विस्थापन मात्र
    2. ऊँचाई-आधारित क्षेत्रीकरण
    3. समुद्री ज्वार चक्र
    4. देशांतर आधारित समय क्षेत्र

    Correct Option: B

    Explanation:

    हिमालय में ऊँचाई बढ़ने पर तापमान सामान्यतः घटता है और बढ़ने का मौसम छोटा होता जाता है। नमी और ढाल की दिशा भी वनस्पति को प्रभावित करती है। इसलिए तलहटी के उपोष्णकटिबंधीय वनों से समशीतोष्ण वन, अल्पाइन घासभूमि और हिमरेखा के ऊपर विरल वनस्पति तक अलग पट्टियाँ मिलती हैं।

  10. किस प्रकार की स्थलाकृति हिमालयी तलहटी में शिवालिक और लघु हिमालय के बीच मिलती है?

    Options:
    1. प्रवाल द्वीप
    2. लावा पठार
    3. समुद्री डेल्टा
    4. लंबी दून घाटियाँ

    Correct Option: D

    Explanation:

    दून घाटियाँ शिवालिक और लघु हिमालय के बीच कई स्थानों पर फैली लंबी घाटियाँ हैं। देहरादून इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। इन घाटियों में अपेक्षाकृत समतल भूमि, नदी निक्षेप और बसावट के अनुकूल परिस्थितियाँ मिल सकती हैं, हालांकि स्थानीय जोखिमों का आकलन आवश्यक है।

  11. हिमालय में भूकंप की संवेदनशीलता मुख्यतः किससे जुड़ी है?

    Options:
    1. केवल मौसमी तापमान परिवर्तन
    2. महासागरीय ज्वार
    3. भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के बीच जारी अभिसरण
    4. रेत के टीलों की गति

    Correct Option: C

    Explanation:

    भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों का अभिसरण हिमालय में तनाव और विकृति उत्पन्न करता है। चट्टानों में जमा तनाव के अचानक मुक्त होने से भूकंप आते हैं। इसी कारण हिमालयी क्षेत्रों में निर्माण, सड़क विकास और आपदा प्रबंधन में भूकंपीय जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।

  12. हिमालयी दर्रों का ऐतिहासिक महत्त्व किससे सबसे अधिक जुड़ा है?

    Options:
    1. पर्वतीय क्षेत्रों के बीच आवागमन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क
    2. केवल समुद्री मत्स्य पालन
    3. रेगिस्तान में सिंचाई
    4. ज्वार-भाटा नियंत्रण

    Correct Option: A

    Explanation:

    दर्रे पर्वतीय श्रेणियों में अपेक्षाकृत नीची जगहें हैं, जिनसे लोगों और व्यापारिक काफिलों का आवागमन संभव होता है। हिमालयी दर्रों ने विभिन्न घाटियों और क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित किया। मौसम, ऊँचाई और हिमपात के कारण कई दर्रे मौसमी रूप से बंद भी हो सकते हैं।

  13. हिमालय की घाटियों में अपेक्षाकृत अधिक बस्तियाँ बसने का एक कारण क्या है?

    Options:
    1. हर घाटी में कोई प्राकृतिक जोखिम नहीं होता
    2. घाटियाँ हमेशा समतल और चौड़ी होती हैं
    3. जल, कुछ समतल भूमि और आवागमन के मार्गों की उपलब्धता
    4. ऊँचाई का मानव जीवन पर कोई प्रभाव नहीं होता

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमालय में तीव्र ढालों के कारण समतल भूमि सीमित है। घाटियों में जल, कृषि योग्य छोटे मैदान और परिवहन मार्ग उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए बस्तियाँ वहाँ केंद्रित होती हैं। फिर भी बाढ़, नदी कटाव और भूस्खलन जैसे जोखिमों के कारण सुरक्षित भूमि उपयोग महत्त्वपूर्ण है।

  14. हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ाने वाले कारकों का सही समूह कौन-सा है?

    Options:
    1. तीव्र ढाल, कमजोर चट्टानें, भारी वर्षा और मानवीय कटान
    2. केवल समुद्री ज्वार और प्रवाल
    3. समतल भूभाग, सूखा मौसम और मजबूत चट्टानें
    4. केवल कम तापमान

    Correct Option: A

    Explanation:

    भूस्खलन के जोखिम में ढाल का कोण, चट्टानों की मजबूती, दरारें, वर्षा, भूकंप और मानवीय गतिविधियाँ योगदान देती हैं। हिमालय में तीव्र ढाल और सक्रिय भू-प्रक्रियाओं के कारण जोखिम अधिक हो सकता है। सड़क कटान और खराब जल-निकासी इस खतरे को और बढ़ा सकते हैं।

  15. ट्रांस-हिमालय को मुख्य हिमालय से अलग पहचानने का सबसे उपयोगी संकेत क्या है?

    Options:
    1. यह मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित है
    2. यह केवल शिवालिक के दक्षिण में है
    3. यह गंगा के डेल्टा में स्थित है
    4. यह भारत के दक्षिणी तट पर स्थित है

    Correct Option: A

    Explanation:

    ट्रांस-हिमालय मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित पर्वतीय क्षेत्र है। काराकोरम, लद्दाख और जास्कर जैसी श्रेणियाँ इसमें शामिल की जाती हैं। इसकी ऊँची पर्वतीय स्थिति और वर्षाछाया के कारण कई भाग ठंडे तथा शुष्क हैं।

  16. हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी से मैदान की ओर जाते समय सामान्यतः कौन-से तलहटी क्षेत्र मिल सकते हैं?

    Options:
    1. मालवा और दक्कन
    2. सुंदरवन और राढ़
    3. भाबर और तराई
    4. डेल्टा और लैगून

    Correct Option: C

    Explanation:

    शिवालिक के दक्षिण में भाबर की कंकड़-बजरीयुक्त छिद्रदार पट्टी और उसके दक्षिण में तराई का नम क्षेत्र मिलता है। भाबर में पानी जमीन में रिस सकता है, जबकि तराई में वह फिर सतह पर आकर दलदली परिस्थितियाँ बना सकता है। ये क्षेत्र हिमालय और उत्तरी मैदान के बीच संक्रमण दर्शाते हैं।

  17. महान हिमालय के जलवैज्ञानिक महत्त्व का एक सही उदाहरण कौन-सा है?

    Options:
    1. यह केवल समुद्री जल का स्रोत है
    2. हिमनदों और हिमपिघलन से नदी प्रणालियों को जल मिलना
    3. यह मानसून को पूरी तरह समाप्त कर देता है
    4. यहाँ से कोई नदी प्रणाली पोषित नहीं होती

    Correct Option: B

    Explanation:

    महान हिमालय में हिमनद और मौसमी हिमावरण मौजूद हैं। गर्मियों में हिमपिघलन कई नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं को जल देता है। हालांकि नदी प्रवाह पर वर्षा और भूजल भी प्रभाव डालते हैं, हिमनदों का आकार और पिघलने का समय जल-सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  18. हिमालय में पर्यावरण के अनुकूल विकास योजना बनाते समय किस बात को प्राथमिकता देनी चाहिए?

    Options:
    1. भू-जोखिम, ढाल की स्थिरता, जल-निकासी और स्थानीय पारिस्थितिकी का आकलन
    2. वनस्पति और जल-निकासी की अनदेखी
    3. बाढ़ तथा भूस्खलन जोखिम को अप्रासंगिक मानना
    4. हर स्थान पर बिना सर्वेक्षण निर्माण

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय में भूकंप, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और संवेदनशील पारिस्थितिकी जैसी चुनौतियाँ हैं। विकास योजनाओं में भू-जोखिम मानचित्रण, ढाल स्थिरता, जल-निकासी, वनस्पति संरक्षण और प्रारंभिक चेतावनी को शामिल करना चाहिए। इससे सड़क, भवन और बस्तियों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।

  19. किस कथन में ‘हिमाद्रि’ और ‘शिवालिक’ का अंतर सही बताया गया है?

    Options:
    1. शिवालिक हिमाद्रि से अधिक ऊँची है
    2. हिमाद्रि मैदान और शिवालिक नदी है
    3. दोनों एक ही श्रेणी के पर्याय हैं
    4. हिमाद्रि सर्वोच्च मुख्य श्रेणी है, जबकि शिवालिक बाहरी और अपेक्षाकृत नवीन श्रेणी है

    Correct Option: D

    Explanation:

    हिमाद्रि महान हिमालय की सबसे ऊँची और अधिक निरंतर श्रेणी है। शिवालिक हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी है, जिसकी ऊँचाई कम है और जिसमें अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेप मिलते हैं। दोनों की ऊँचाई, चट्टानों और स्थलाकृतिक स्थिति में स्पष्ट अंतर है।

  20. हिमालय की विभिन्न श्रेणियों की तुलना करते समय कौन-से तत्व सबसे अधिक उपयोगी हैं?

    Options:
    1. स्थिति, ऊँचाई, चट्टानी संरचना, हिमावरण और घाटियों की विशेषताएँ
    2. केवल राजनीतिक सीमा
    3. केवल जनसंख्या की संख्या
    4. केवल नाम की वर्तनी

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय की श्रेणियों को समझने के लिए उनकी उत्तर-दक्षिण स्थिति, ऊँचाई, चट्टानी संरचना, हिमावरण और घाटियों की तुलना करनी चाहिए। ट्रांस-हिमालय, हिमाद्रि, हिमाचल और शिवालिक की विशेषताएँ अलग हैं। इन तत्वों से भौतिक भूगोल और क्षेत्रीय अंतर स्पष्ट होते हैं।

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