भारत का भूगोल MCQs
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लद्दाख को ‘ठंडा मरुस्थल’ कहने के पीछे प्रमुख भौगोलिक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
लद्दाख हिमालय की वर्षाछाया में स्थित है। ऊँची पर्वत श्रेणियाँ मानसूनी नमी को रोकती हैं, इसलिए यहाँ वर्षा कम होती है; ऊँचाई के कारण तापमान भी कम रहता है। इस संयोजन से ठंडे मरुस्थल जैसी परिस्थितियाँ बनती हैं और बस्तियाँ अक्सर सिंधु जैसी नदी घाटियों के आसपास केंद्रित होती हैं।
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सियाचिन हिमनद किस पर्वतीय श्रेणी से संबंधित है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सियाचिन हिमनद काराकोरम पर्वत क्षेत्र में स्थित है। काराकोरम ट्रांस-हिमालय का प्रमुख भाग है और अत्यधिक ऊँची चोटियों तथा बड़े हिमनदों के लिए प्रसिद्ध है। हिमनद क्षेत्र की जलवायु, जल-प्रवाह और सामरिक भूगोल में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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पर्वतीय क्षेत्र में ‘दून’ और ‘दोआब’ के बीच सही अंतर क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दून हिमालय में दो पर्वतीय श्रेणियों के बीच स्थित लंबी घाटी को कहते हैं, जैसे देहरादून। दोआब का अर्थ दो नदियों के बीच स्थित भूमि है। दोनों शब्द अलग भौगोलिक आकृतियों के लिए प्रयुक्त होते हैं और परीक्षा में इनका अंतर महत्त्वपूर्ण है।
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यदि कोई छोटी नदी भाबर में बहते-बहते सतह से गायब हो जाए, तो इसका सबसे संभावित कारण क्या होगा?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
भाबर के कंकड़-बजरीयुक्त निक्षेप अत्यधिक छिद्रदार होते हैं। इनमें सतही जल तेजी से नीचे रिस सकता है, इसलिए छोटी नदियाँ या धाराएँ कुछ दूरी तक सतह से गायब दिखाई देती हैं। आगे दक्षिण में तराई के कम पारगम्य महीन निक्षेपों के कारण पानी फिर सतह पर आ सकता है।
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हिमालय के पश्चिमी भाग में सर्दियों के दौरान वर्षा और हिमपात लाने वाली मौसम प्रणाली कौन-सी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया से आगे बढ़ने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं, जो सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुँचती हैं। ये पश्चिमी हिमालय में वर्षा और ऊँचे क्षेत्रों में हिमपात कराती हैं। यह हिमपात रबी फसलों तथा पर्वतीय जल-संसाधनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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पूर्वी हिमालय में अधिक वर्षा होने की सामान्य वजह क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पूर्वी हिमालय बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी मानसूनी हवाओं के प्रभाव में रहता है। इसलिए कई पूर्वी क्षेत्रों में पश्चिमी हिमालय की तुलना में वर्षा अधिक होती है। हालांकि वर्षा की वास्तविक मात्रा ढाल, ऊँचाई, पवन दिशा और घाटियों के अनुसार बदलती है।
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हिमालयी ढाल पर सड़क कटान के बाद भारी वर्षा हो तो किस खतरे की आशंका बढ़ सकती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सड़क निर्माण में ढाल काटना, विस्फोट करना, वनस्पति हटाना और जल-निकासी बदलना पहाड़ी ढाल को अस्थिर कर सकता है। भारी वर्षा चट्टानों और मिट्टी को ढीला करके भूस्खलन की संभावना बढ़ाती है। वैज्ञानिक भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उचित निकासी और ढाल स्थिरीकरण जोखिम घटाने में मदद करते हैं।
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हिमालयी नदियों में हिमनदों का योगदान किस रूप में होता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
हिमनद बर्फ के दीर्घकालिक भंडार हैं। गर्म मौसम में पिघलने वाला हिम कई हिमालयी नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं को जल देता है। नदी प्रवाह में वर्षा, हिमपिघलन और भूजल का योगदान नदी तथा मौसम के अनुसार बदलता है, इसलिए हिमनदों में बदलाव जल उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
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हिमालय में प्राकृतिक वनस्पति का ऊँचाई के साथ बदलना किस संकल्पना का उदाहरण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
हिमालय में ऊँचाई बढ़ने पर तापमान सामान्यतः घटता है और बढ़ने का मौसम छोटा होता जाता है। नमी और ढाल की दिशा भी वनस्पति को प्रभावित करती है। इसलिए तलहटी के उपोष्णकटिबंधीय वनों से समशीतोष्ण वन, अल्पाइन घासभूमि और हिमरेखा के ऊपर विरल वनस्पति तक अलग पट्टियाँ मिलती हैं।
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किस प्रकार की स्थलाकृति हिमालयी तलहटी में शिवालिक और लघु हिमालय के बीच मिलती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
दून घाटियाँ शिवालिक और लघु हिमालय के बीच कई स्थानों पर फैली लंबी घाटियाँ हैं। देहरादून इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। इन घाटियों में अपेक्षाकृत समतल भूमि, नदी निक्षेप और बसावट के अनुकूल परिस्थितियाँ मिल सकती हैं, हालांकि स्थानीय जोखिमों का आकलन आवश्यक है।
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हिमालय में भूकंप की संवेदनशीलता मुख्यतः किससे जुड़ी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों का अभिसरण हिमालय में तनाव और विकृति उत्पन्न करता है। चट्टानों में जमा तनाव के अचानक मुक्त होने से भूकंप आते हैं। इसी कारण हिमालयी क्षेत्रों में निर्माण, सड़क विकास और आपदा प्रबंधन में भूकंपीय जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।
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हिमालयी दर्रों का ऐतिहासिक महत्त्व किससे सबसे अधिक जुड़ा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दर्रे पर्वतीय श्रेणियों में अपेक्षाकृत नीची जगहें हैं, जिनसे लोगों और व्यापारिक काफिलों का आवागमन संभव होता है। हिमालयी दर्रों ने विभिन्न घाटियों और क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित किया। मौसम, ऊँचाई और हिमपात के कारण कई दर्रे मौसमी रूप से बंद भी हो सकते हैं।
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हिमालय की घाटियों में अपेक्षाकृत अधिक बस्तियाँ बसने का एक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
हिमालय में तीव्र ढालों के कारण समतल भूमि सीमित है। घाटियों में जल, कृषि योग्य छोटे मैदान और परिवहन मार्ग उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए बस्तियाँ वहाँ केंद्रित होती हैं। फिर भी बाढ़, नदी कटाव और भूस्खलन जैसे जोखिमों के कारण सुरक्षित भूमि उपयोग महत्त्वपूर्ण है।
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हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ाने वाले कारकों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
भूस्खलन के जोखिम में ढाल का कोण, चट्टानों की मजबूती, दरारें, वर्षा, भूकंप और मानवीय गतिविधियाँ योगदान देती हैं। हिमालय में तीव्र ढाल और सक्रिय भू-प्रक्रियाओं के कारण जोखिम अधिक हो सकता है। सड़क कटान और खराब जल-निकासी इस खतरे को और बढ़ा सकते हैं।
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ट्रांस-हिमालय को मुख्य हिमालय से अलग पहचानने का सबसे उपयोगी संकेत क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ट्रांस-हिमालय मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित पर्वतीय क्षेत्र है। काराकोरम, लद्दाख और जास्कर जैसी श्रेणियाँ इसमें शामिल की जाती हैं। इसकी ऊँची पर्वतीय स्थिति और वर्षाछाया के कारण कई भाग ठंडे तथा शुष्क हैं।
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हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी से मैदान की ओर जाते समय सामान्यतः कौन-से तलहटी क्षेत्र मिल सकते हैं?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
शिवालिक के दक्षिण में भाबर की कंकड़-बजरीयुक्त छिद्रदार पट्टी और उसके दक्षिण में तराई का नम क्षेत्र मिलता है। भाबर में पानी जमीन में रिस सकता है, जबकि तराई में वह फिर सतह पर आकर दलदली परिस्थितियाँ बना सकता है। ये क्षेत्र हिमालय और उत्तरी मैदान के बीच संक्रमण दर्शाते हैं।
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महान हिमालय के जलवैज्ञानिक महत्त्व का एक सही उदाहरण कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
महान हिमालय में हिमनद और मौसमी हिमावरण मौजूद हैं। गर्मियों में हिमपिघलन कई नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं को जल देता है। हालांकि नदी प्रवाह पर वर्षा और भूजल भी प्रभाव डालते हैं, हिमनदों का आकार और पिघलने का समय जल-सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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हिमालय में पर्यावरण के अनुकूल विकास योजना बनाते समय किस बात को प्राथमिकता देनी चाहिए?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
हिमालय में भूकंप, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और संवेदनशील पारिस्थितिकी जैसी चुनौतियाँ हैं। विकास योजनाओं में भू-जोखिम मानचित्रण, ढाल स्थिरता, जल-निकासी, वनस्पति संरक्षण और प्रारंभिक चेतावनी को शामिल करना चाहिए। इससे सड़क, भवन और बस्तियों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।
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किस कथन में ‘हिमाद्रि’ और ‘शिवालिक’ का अंतर सही बताया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हिमाद्रि महान हिमालय की सबसे ऊँची और अधिक निरंतर श्रेणी है। शिवालिक हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी है, जिसकी ऊँचाई कम है और जिसमें अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेप मिलते हैं। दोनों की ऊँचाई, चट्टानों और स्थलाकृतिक स्थिति में स्पष्ट अंतर है।
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हिमालय की विभिन्न श्रेणियों की तुलना करते समय कौन-से तत्व सबसे अधिक उपयोगी हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
हिमालय की श्रेणियों को समझने के लिए उनकी उत्तर-दक्षिण स्थिति, ऊँचाई, चट्टानी संरचना, हिमावरण और घाटियों की तुलना करनी चाहिए। ट्रांस-हिमालय, हिमाद्रि, हिमाचल और शिवालिक की विशेषताएँ अलग हैं। इन तत्वों से भौतिक भूगोल और क्षेत्रीय अंतर स्पष्ट होते हैं।