भारतीय जलवायु
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भारत की जलवायु को सामान्यतः किस प्रकार की जलवायु कहा जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
भारत में ऋतु के अनुसार पवनों की दिशा बदलती है और वार्षिक वर्षा का बड़ा भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है। इसी कारण भारतीय जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है, हालांकि देश के अलग-अलग भागों में तापमान और वर्षा में उल्लेखनीय क्षेत्रीय अंतर पाया जाता है।
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भारतीय जलवायु में क्षेत्रीय विविधता का प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
भारत में हिमालय, प्रायद्वीपीय पठार, तटीय मैदान और मरुस्थलीय क्षेत्र मौजूद हैं। अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी और पर्वतीय अवरोध अलग-अलग तापमान तथा वर्षा पैदा करते हैं। इसलिए राजस्थान, पश्चिमी तट और हिमालयी क्षेत्रों की जलवायु एक जैसी नहीं है।
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मानसून की मूल विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मानसून का प्रमुख लक्षण ऋतु के अनुसार पवनों की दिशा और वायुमंडलीय परिसंचरण में बदलाव है। गर्मियों में दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनें समुद्र से स्थल की ओर नमी लाती हैं, जबकि शीत ऋतु में सामान्य प्रवाह प्रायः स्थल से समुद्र की ओर होता है।
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भारत के अधिकांश भागों में वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा किस अवधि में होता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
भारत के अधिकांश क्षेत्रों में जून से सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। हालांकि तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ भागों में अक्टूबर-दिसंबर के उत्तर-पूर्वी मानसून से भी महत्वपूर्ण वर्षा होती है।
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ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब बनने का मुख्य कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
गर्मियों में उत्तर-पश्चिमी भारत सहित उपमहाद्वीप का स्थलभाग तेजी से गर्म होता है। इससे सतह के पास निम्न दाब विकसित होता है, जो समुद्र से नमी वाली पवनों के आगमन और मानसूनी परिसंचरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।
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हिमालय भारतीय जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
हिमालय विशाल पर्वतीय अवरोध है। यह मध्य एशिया से आने वाली अत्यधिक ठंडी वायु के प्रभाव को सीमित करता है और मानसूनी पवनों के मार्ग तथा वर्षा-वितरण को प्रभावित करता है। इसकी ऊँचाई और दिशा भारत की जलवायु के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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तटीय क्षेत्रों में तापमान का वार्षिक अंतर आंतरिक क्षेत्रों की तुलना में सामान्यतः कैसा होता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
समुद्र धीरे गर्म और धीरे ठंडा होता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों के तापमान को संतुलित करता है। इससे तटों पर ग्रीष्म और शीत ऋतु के तापमान में अंतर अपेक्षाकृत कम रहता है। समुद्र से दूर आंतरिक क्षेत्रों में महाद्वीपीय प्रभाव से तापांतर अधिक हो सकता है।
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समुद्र से दूर आंतरिक क्षेत्रों में तापमान का वार्षिक अंतर अधिक होने को किस प्रभाव से समझते हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
महाद्वीपीय प्रभाव समुद्र से दूर स्थित क्षेत्रों में स्पष्ट होता है। स्थल जल्दी गर्म और जल्दी ठंडा होता है, इसलिए गर्मियों में अधिक गर्मी और सर्दियों में अधिक ठंड हो सकती है। इसी कारण उत्तर-पश्चिमी और आंतरिक भारत में तापमान का वार्षिक अंतर तटीय भागों से अधिक रहता है।
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शीत ऋतु में उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा लाने वाली प्रमुख प्रणालियाँ कौन-सी हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया और भूमध्यसागरीय क्षेत्र के आसपास विकसित मौसम प्रणालियाँ हैं, जो पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती हैं। सर्दियों में ये उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा और हिमालय में हिमपात करा सकती हैं। यह वर्षा रबी फसलों, विशेषकर गेहूँ, के लिए उपयोगी होती है।
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उत्तर-पूर्वी मानसून से विशेष रूप से किस क्षेत्र में वर्षा होती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अक्टूबर से दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ भागों में वर्षा लाता है। बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने वाली पवनें और कभी-कभी अवदाब या चक्रवातीय प्रणालियाँ इस क्षेत्र की वर्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
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भारत में वर्षा का वितरण कैसा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
भारत में वर्षा की मात्रा और समय में बड़ा क्षेत्रीय अंतर मिलता है। पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में बहुत अधिक वर्षा होती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान तथा लद्दाख जैसे क्षेत्रों में कम वर्षा होती है। मानसूनी मार्ग, स्थलाकृति और समुद्र से दूरी इस अंतर को प्रभावित करते हैं।
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थार मरुस्थल में कम वर्षा का एक प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
अरावली पर्वतमाला की दिशा अरब सागर से आने वाली मानसूनी पवनों के लगभग समानांतर है, इसलिए यह उन्हें व्यापक रूप से ऊपर उठाने वाला प्रभावी अवरोध नहीं बनती। समुद्र से दूरी और पवनों में नमी की कमी भी पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा के कारण हैं।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन सबसे पहले किस राज्य के तट पर माना जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन केरल तट पर जून के आरंभ में माना जाता है। इसके बाद मानसून देश के अन्य भागों में आगे बढ़ता है। आगमन की वास्तविक तारीख हर वर्ष बदल सकती है, इसलिए इसे एक सामान्य मौसमी क्रम समझना चाहिए, निश्चित वार्षिक तारीख नहीं।
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मानसून का विराम (break in monsoon) किस स्थिति को दर्शाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
मानसून का विराम मानसूनी मौसम के दौरान ऐसा अंतराल है जब कई क्षेत्रों में वर्षा घट जाती है या उसका वितरण बदल जाता है। यह मानसूनी द्रोणी की स्थिति और वायुमंडलीय परिसंचरण से संबंधित होता है। इसका प्रभाव भारत के अलग-अलग भागों में अलग हो सकता है।
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मानसून की अनिश्चितता कृषि को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
भारत की कृषि का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर है। मानसून देर से आए, कमजोर रहे, बहुत अधिक वर्षा करे या लंबे विराम हों, तो बुवाई, मिट्टी की नमी, सिंचाई की मांग और फसल उत्पादन प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए मानसून का समय और क्षेत्रीय वितरण दोनों महत्वपूर्ण हैं।
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ऊँचाई का भारतीय जलवायु पर प्रभाव किस उदाहरण से स्पष्ट होता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सामान्य परिस्थितियों में ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय तापमान घटता है। इस कारण हिमालयी क्षेत्रों में मैदानों की तुलना में अधिक ठंड रहती है और ऊँचे भागों में हिमपात भी हो सकता है। ढाल, दिशा और स्थानीय मौसम के कारण वास्तविक दशाओं में अंतर संभव है।
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कर्क रेखा का भारत से गुजरना किस प्रकार की जलवायु विविधता से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कर्क रेखा भारत के मध्य भाग से गुजरती है। इसके दक्षिण के क्षेत्र सामान्यतः उष्ण कटिबंधीय प्रभाव में हैं, जबकि उत्तर के बड़े भाग में उपोष्ण दशाओं का प्रभाव भी मिलता है। वास्तविक जलवायु अक्षांश के साथ-साथ ऊँचाई, स्थलाकृति और समुद्री प्रभाव से भी निर्धारित होती है।
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भारत में ऋतुओं का मौसमी चक्र मुख्यतः किससे जुड़ा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पृथ्वी की परिक्रमा और अक्षीय झुकाव के कारण सौर ऊष्मा का मौसमी वितरण बदलता है। स्थल और समुद्र के असमान ताप, दाब-प्रणालियों और मानसूनी परिसंचरण के साथ मिलकर भारत में ग्रीष्म, वर्षा, शरद और शीत ऋतु की विशिष्ट दशाएँ बनती हैं।
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स्थल-समुद्र तापांतर भारतीय मानसून के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
स्थल समुद्र की तुलना में जल्दी गर्म और जल्दी ठंडा होता है। इससे ऋतुओं के अनुसार स्थल और समुद्र के ऊपर वायुदाब में अंतर बन सकता है, जो मानसूनी पवनों के मौसमी बदलाव में योगदान देता है। यह भारतीय मानसूनी जलवायु की व्याख्या का एक महत्वपूर्ण आधार है।
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भारतीय जलवायु की विशेषताओं का सबसे उपयुक्त सार कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
भारतीय जलवायु की प्रमुख पहचान मानसूनी परिसंचरण है, लेकिन इसकी प्रकृति पूरे देश में समान नहीं है। अक्षांश, ऊँचाई, पर्वतीय अवरोध, समुद्र से दूरी और मौसमी प्रणालियाँ तापमान तथा वर्षा को प्रभावित करती हैं। मानसून की अनिश्चितता कृषि और जल संसाधनों पर भी असर डाल सकती है।