भारत का भूगोल MCQs
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चंबल क्षेत्र के बीहड़ मुख्यतः किस प्रक्रिया से विकसित हुए हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
चंबल क्षेत्र के बीहड़ जल और गली अपरदन से बने गहरे, कटे-फटे स्थलरूप हैं। छोटी नदियों और वर्षाजल ने पठारी सतह को काटकर अनेक खड्ड विकसित किए हैं।
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विंध्य श्रेणी का विस्तार किस क्षेत्र तक बताया गया है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
विंध्य श्रेणी पश्चिम में गुजरात के जोबत और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ क्षेत्र से पूर्व में बिहार के सासाराम तक फैली है। इसकी लंबाई लगभग 1,050 किमी बताई गई है।
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बुंदेलखंड पठार के उत्तर में कौन-सी नदी सीमा बनाती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
बुंदेलखंड पठार के उत्तर में यमुना, दक्षिण में विंध्य पर्वत, उत्तर-पश्चिम में चंबल और दक्षिण-पूर्व में पन्ना-अजयगढ़ श्रेणी का उल्लेख मिलता है।
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बुंदेलखंड पठार की प्रमुख स्थलाकृतिक विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
बुंदेलखंड की स्थलाकृति में जीर्णावस्था, तीखे खड्ड, क्षिप्रिकाएँ और जलप्रपात मिलते हैं। बेतवा, धसान और केन जैसी नदियों ने इस क्षेत्र को आकार दिया है।
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सतना और रीवा के पठार किस प्रादेशिक इकाई के भाग हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सतना और रीवा के पठार विंध्याचल-बाघेलखंड क्षेत्र में आते हैं। इस इकाई में उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर पठार भी शामिल माना गया है।
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नर्मदा और तापी नदियों के बीच कौन-सी पर्वत श्रेणी स्थित है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सतपुड़ा श्रेणी नर्मदा और तापी नदियों के बीच स्थित है और विंध्य के लगभग समानांतर फैली है। इसके अंतर्गत राजपीपला, महादेव और मैकाल पहाड़ियाँ आती हैं।
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पचमढ़ी के निकट सतपुड़ा की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
धूपगढ़ सतपुड़ा की सर्वोच्च चोटी है। यह पचमढ़ी के निकट स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 1,350 मीटर बताई गई है।
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छोटानागपुर पठार की आर्थिक महत्ता मुख्यतः किससे जुड़ी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
छोटानागपुर पठार खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहाँ गोंडवाना काल के कोयले के बड़े भंडार मिलते हैं तथा दामोदर और बराकर जैसी नदियाँ इस क्षेत्र से संबंधित हैं।
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छोटानागपुर पठार की उत्तरी सीमा के पास कौन-सी पहाड़ियाँ स्थित हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
छोटानागपुर पठार की उत्तरी सीमा राजमहल पहाड़ियों से जुड़ी है। इसके उत्तर-पश्चिम में सोन नदी बहती है, जो आगे गंगा में मिलती है।
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छोटानागपुर पठार के मध्य-पश्चिमी ऊँचे भाग को क्या कहा जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
छोटानागपुर पठार का मध्य-पश्चिमी भाग अपेक्षाकृत ऊँचा है और इसे ‘पाट’ क्षेत्र कहा जाता है। लेख में इस भाग की सामान्य ऊँचाई लगभग 1,100 मीटर बताई गई है।
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कौन-सा नदी-समूह छोटानागपुर पठार से संबंधित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दामोदर, बराकर, सुवर्णरेखा और कोयल छोटानागपुर क्षेत्र की प्रमुख नदियों में गिनी जाती हैं। दामोदर घाटी कोयला संसाधनों और औद्योगिक विकास के कारण महत्त्वपूर्ण है।
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मेघालय पठार का दूसरा नाम क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मेघालय पठार को शिलांग पठार भी कहा जाता है। इसमें गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ शामिल हैं और यह प्रायद्वीपीय पठार की प्राचीन चट्टानों का उत्तर-पूर्वी विस्तार है।
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मेघालय पठार की प्रमुख ऊँची चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
शिलांग चोटी खासी पहाड़ियों में स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 1,823 मीटर बताई गई है। गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी नॉकरेक है।
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गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
नॉकरेक गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी है। मेघालय पठार में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ प्रमुख हैं तथा मानसूनी हवाओं के कारण यहाँ वर्षा में क्षेत्रीय विविधता मिलती है।
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मिकिर पहाड़ियों की अपवाह व्यवस्था कैसी बताई गई है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
मिकिर पहाड़ियाँ मेघालय पठार से अलग और तीन ओर से मैदानों से घिरी हैं। यहाँ धनश्री और जमुना प्रमुख नदियाँ बताई गई हैं तथा अपवाह तंत्र अरीय है।
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महाराष्ट्र पठार की प्रमुख चट्टानें कौन-सी हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
महाराष्ट्र पठार का बड़ा भाग क्रिटेशस काल के ज्वालामुखीय उद्गारों से बनी बेसाल्ट चट्टानों से ढका है। पश्चिमी भाग में इनकी परत अधिक मोटी है और पूर्व की ओर मोटाई घटती है।
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छत्तीसगढ़ मैदान का प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
कोरबा छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र है। यहाँ गोंडवाना शैल-समूहों में बिटुमिनस कोयला मिलता है, जो ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक उपयोग के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए कौन-सा क्षेत्र जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दल्ली-राजहरा की पहाड़ियों में धारवाड़ क्रम की चट्टानों के भीतर हेमेटाइट लौह अयस्क मिलता है। इस क्षेत्र से लौह अयस्क की आपूर्ति भिलाई इस्पात संयंत्र को की जाती रही है।
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गढ़जात पहाड़ियों को किस नाम से भी जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
गढ़जात पहाड़ियों को ओडिशा उच्चभूमि भी कहा जाता है। यह छोटानागपुर पठार, महानदी बेसिन, पूर्वी घाट और उत्कल मैदान के बीच स्थित है।
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दण्डकारण्य पठार के लौह अयस्क से जुड़ी पर्वत श्रेणी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
बैलाडीला श्रेणी दण्डकारण्य क्षेत्र का हिस्सा है और लौह अयस्क के समृद्ध भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। दण्डकारण्य का विस्तार ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों तक बताया गया है।