भारत का भूगोल MCQs
-
हिमाद्रि और हिमाचल में सही अंतर कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
हिमाद्रि महान हिमालय की सर्वोच्च और अधिक निरंतर श्रेणी है। हिमाचल या लघु हिमालय इसके दक्षिण में स्थित है और इसमें अपेक्षाकृत कम ऊँची श्रेणियाँ तथा अनेक घाटियाँ मिलती हैं। दोनों में ऊँचाई, हिमावरण और मानव बसावट की परिस्थितियों में अंतर होता है।
-
शिवालिक को हिमालय की बाहरी श्रेणी क्यों कहा जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
शिवालिक हिमालय की दक्षिणी या बाहरी पर्वतीय पट्टी है और मैदानों के निकट स्थित है। यह महान हिमालय से कम ऊँची और अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेपों से बनी है। इसके दक्षिण में भाबर और तराई जैसे तलहटी क्षेत्र पाए जाते हैं।
-
हिमालयी क्षेत्रों में ऊँचाई और जलवायु के अंतर का मुख्य कारण क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ऊँचाई बढ़ने पर तापमान सामान्यतः घटता है और ढाल की दिशा तथा मानसूनी हवाओं के संपर्क से वर्षा बदलती है। दक्षिणी ढालों पर कई जगह अधिक वर्षा होती है, जबकि वर्षाछाया में स्थित लद्दाख अपेक्षाकृत शुष्क है। इससे वनस्पति, हिमावरण और बसावट में क्षेत्रीय अंतर आते हैं।
-
पूर्वी हिमालय में पश्चिमी भाग की तुलना में अधिक वर्षा होने का सामान्य कारण क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
पूर्वी हिमालय बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से युक्त मानसूनी हवाओं के प्रभाव में अधिक रहता है। इस कारण कई पूर्वी क्षेत्रों में वर्षा पश्चिमी हिमालय से अधिक होती है। फिर भी वास्तविक वर्षा ऊँचाई, ढाल और घाटियों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है।
-
पश्चिमी हिमालय में शीतकालीन वर्षा और हिमपात पर कौन-सी मौसम प्रणाली प्रभाव डालती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया से होकर उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुँचने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं। ये सर्दियों में पश्चिमी हिमालय में वर्षा और ऊँचे क्षेत्रों में हिमपात लाती हैं। यह हिमपात रबी फसलों, जल-संसाधनों और पर्वतीय पारिस्थितिकी के लिए महत्त्वपूर्ण है।
-
हिमालय में ऊँचाई के अनुसार वनस्पति बदलने का प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ऊँचाई बढ़ने पर तापमान और बढ़ने के मौसम की अवधि सामान्यतः घटती है। नमी तथा ढाल भी बदलते हैं, इसलिए तलहटी के उपोष्णकटिबंधीय वनों से समशीतोष्ण वन, अल्पाइन घासभूमि और हिमरेखा के ऊपर विरल वनस्पति तक अलग पट्टियाँ मिलती हैं।
-
हिमालयी दर्रों का प्रमुख महत्त्व क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दर्रे पर्वतीय श्रेणियों में अपेक्षाकृत नीची जगहें हैं जिनसे लोग, सड़कें और व्यापारिक मार्ग गुजर सकते हैं। हिमालयी दर्रों का सामरिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्त्व है। ऊँचाई, हिमपात और मौसम के कारण कई दर्रे वर्ष के कुछ हिस्सों में बंद हो सकते हैं।
-
हिमालयी नदी घाटियों में बस्तियाँ अक्सर कहाँ विकसित होती हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
हिमालय में तीव्र ढाल के कारण समतल भूमि सीमित है। घाटियों और नदी के निकट अपेक्षाकृत समतल स्थानों पर जल, कृषि और परिवहन की सुविधा के कारण बस्तियाँ विकसित हो सकती हैं। फिर भी बाढ़, कटाव और भूस्खलन के जोखिम को ध्यान में रखकर भूमि उपयोग नियोजित करना आवश्यक है।
-
हिमालयी घाटियों के निर्माण में कौन-सी प्रक्रियाएँ भूमिका निभाती हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
हिमालयी घाटियाँ कई प्रक्रियाओं से बनती और बदलती हैं। नदियाँ चट्टानों का अपरदन करके घाटियों को गहरा करती हैं, विवर्तनिक उत्थान और भ्रंश उनकी दिशा तथा रूप को प्रभावित करते हैं, और ऊँचे क्षेत्रों में हिमनद भी घाटियों को आकार देते हैं।
-
हिमालय में सड़क निर्माण से ढाल अस्थिरता का जोखिम क्यों बढ़ सकता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ी ढाल काटने, विस्फोट, वनस्पति हटाने और जल-निकासी बदलने से ढाल अस्थिर हो सकती है। भारी वर्षा या भूकंप के समय भूस्खलन का खतरा बढ़ता है। भूवैज्ञानिक जाँच, उपयुक्त निकासी और ढाल-स्थिरीकरण जोखिम घटाने में मदद करते हैं।
-
हिमालय में जैव-विविधता अधिक होने का प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
तलहटी से ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों तक ऊँचाई, तापमान, वर्षा और मिट्टी में व्यापक बदलाव मिलते हैं। इससे विभिन्न वन, घासभूमियाँ और अल्पाइन आवास विकसित होते हैं। विभिन्न आवासों के कारण अनेक पौधों और जीवों का अस्तित्व संभव होता है, जिससे हिमालय संरक्षण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
-
सर सिडनी बरार्ड ने हिमालय को कितने अनुप्रस्थ प्रादेशिक भागों में बाँटा था?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सर सिडनी बरार्ड ने नदियों के बीच स्थित हिमालयी खंडों के आधार पर चार अनुप्रस्थ भाग बताए: पंजाब, कुमाऊँ, नेपाल और असम हिमालय। यह वर्गीकरण पश्चिम से पूर्व की ओर नदी-सीमाओं के आधार पर किया गया है।
-
बरार्ड के वर्गीकरण में पंजाब हिमालय किन दो नदियों के बीच स्थित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पंजाब हिमालय सिंधु और सतलुज नदियों के बीच फैला है और इसकी लंबाई लगभग 500 किमी बताई गई है। इसे कश्मीर या उत्तर-पश्चिमी हिमालय से भी जोड़ा जाता है। नदियाँ इस वर्गीकरण में प्रादेशिक सीमाओं का काम करती हैं।
-
बरार्ड के अनुसार सतलुज और काली नदियों के बीच का हिमालयी खंड कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कुमाऊँ हिमालय सतलुज नदी और काली नदी के बीच स्थित है तथा इसकी लंबाई लगभग 320 किमी दी गई है। यह खंड हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय भूगोल को समझने में उपयोगी है।
-
काली और तीस्ता नदियों के बीच लगभग 800 किमी लंबा खंड किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बरार्ड के प्रादेशिक विभाजन में काली और तीस्ता नदियों के बीच का लगभग 800 किमी लंबा भाग नेपाल हिमालय कहलाता है। GeoGyan लेख में दार्जिलिंग-सिक्किम हिमालय को भी नेपाल या मध्य हिमालय के संदर्भ में बताया गया है।
-
तीस्ता और ब्रह्मपुत्र नदियों के बीच का हिमालयी भाग बरार्ड ने किस नाम से वर्गीकृत किया?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
असम हिमालय तीस्ता और ब्रह्मपुत्र नदियों के बीच स्थित लगभग 720 किमी लंबा खंड है। आधुनिक क्षेत्रीय वर्णन में इसका पूर्वी भाग अरुणाचल हिमालय के नाम से भी चर्चित है। इस क्षेत्र में गहरी नदी घाटियाँ और तीव्र ढालें मिलती हैं।
-
एस.पी. चटर्जी ने 1964 में हिमालय को कितने व्यापक प्रादेशिक भागों में बाँटा?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
एस.पी. चटर्जी के 1964 के वर्गीकरण में पश्चिमी हिमालय, मध्य हिमालय और पूर्वी हिमालय शामिल हैं। पश्चिमी भाग में कश्मीर, पंजाब और कुमाऊँ हिमालय; मध्य भाग में नेपाल हिमालय; तथा पूर्वी भाग में पूर्वांचल या पूर्वोत्तर पर्वतमाला शामिल की गई है।
-
आर.एल. सिंह के 1971 के वर्गीकरण में पश्चिमी हिमालय के अंतर्गत कौन-से उपभाग रखे गए?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
आर.एल. सिंह ने 1971 में हिमालय को पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भागों में विभाजित किया। उनके वर्गीकरण में पश्चिमी हिमालय के अंतर्गत कश्मीर हिमालय और हिमाचल हिमालय आते हैं, जबकि मध्य हिमालय में उत्तर प्रदेश हिमालय और नेपाल हिमालय रखे गए।
-
वर्तमान लेख में उच्चावच और भू-आकृतिक विशेषताओं के आधार पर हिमालय को कितने क्षेत्रीय भागों में बाँटा गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
लेख में छह क्षेत्र दिए गए हैं: कश्मीर या उत्तर-पश्चिमी हिमालय, हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय, दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय, अरुणाचल हिमालय, पूर्वी पहाड़ियाँ और पहाड़, तथा हिमालय की उत्तर-पश्चिमी शाखाएँ।
-
कश्मीर हिमालय को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
GeoGyan लेख कश्मीर हिमालय को पंजाब या उत्तर-पश्चिमी हिमालय भी कहता है। यह सिंधु से सतलुज तक फैला क्षेत्र है। इसमें काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और पीर पंजाल जैसी प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ मिलती हैं।