भारत का भूगोल MCQs
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कश्मीर या उत्तर-पश्चिमी हिमालय में प्रमुख पर्वत श्रेणियों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
उत्तर-पश्चिमी हिमालय में काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और पीर पंजाल प्रमुख श्रेणियाँ हैं। ये क्षेत्र की ऊँचाई, घाटियों, हिमनदों और दर्रों की विविधता को निर्धारित करती हैं। इन्हें दक्षिण भारत की प्रायद्वीपीय श्रेणियों से अलग पहचानना चाहिए।
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कश्मीर घाटी किन दो प्रमुख पर्वतीय श्रेणियों के बीच स्थित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
कश्मीर घाटी वृहत हिमालय और पीर पंजाल श्रेणी के बीच स्थित है। यह स्थिति घाटी की जलवायु, आवागमन और भौगोलिक अलगाव को प्रभावित करती है। कश्मीर घाटी करेवा निक्षेपों के लिए भी प्रसिद्ध है।
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करेवा निक्षेप किस कृषि उत्पाद की खेती के लिए विशेष रूप से उपयोगी माने जाते हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कश्मीर घाटी के करेवा पुराने झील-सम्बंधित तथा हिमनदीय पदार्थों से जुड़े निक्षेप हैं। इनकी मिट्टी के गुण केसर या जाफरान की खेती के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इसलिए करेवा कश्मीर के भौतिक भूगोल और कृषि भूगोल दोनों में महत्त्वपूर्ण हैं।
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श्रीनगर किस नदी के तट पर स्थित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
श्रीनगर झेलम नदी के तट पर स्थित है। झेलम सिंधु नदी प्रणाली की एक महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है और कश्मीर घाटी के जल-निकास तथा बसावट में बड़ी भूमिका निभाती है।
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निम्न में से कौन-सी जोड़ी उत्तर-पश्चिमी हिमालय की मीठे पानी की झीलों को दर्शाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
डल और वूलर कश्मीर क्षेत्र की मीठे पानी की प्रसिद्ध झीलें हैं। इसके विपरीत पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी लद्दाख क्षेत्र की खारी या लवणीय झीलों के उदाहरण हैं। झीलों का प्रकार स्थानीय जलवायु, जल निकास और वाष्पीकरण से जुड़ा होता है।
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कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र की खारे पानी वाली झीलों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी लद्दाख की प्रसिद्ध लवणीय झीलें हैं। शुष्क जलवायु और सीमित बाहरी जल-निकास वाले क्षेत्रों में वाष्पीकरण से लवण जमा हो सकते हैं। डल और वूलर इसके विपरीत कश्मीर की मीठे पानी की झीलों के उदाहरण हैं।
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कश्मीर हिमालय में वृहत हिमालय की प्रमुख दर्रा-स्थली कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
जोजिला वृहत हिमालय में स्थित एक महत्त्वपूर्ण दर्रा है। लेख इसे उत्तर-पश्चिमी हिमालय के प्रमुख दर्रों में गिनता है। अन्य उल्लेखनीय दर्रों में पीर पंजाल का बनिहाल, जास्कर का फोटू ला और लद्दाख श्रेणी का खारदुंग ला शामिल हैं।
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बनिहाल दर्रा किस पर्वत श्रेणी से संबंधित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
बनिहाल दर्रा पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है। पर्वतीय दर्रे ऊँची श्रेणियों के बीच अपेक्षाकृत कम ऊँचाई वाले मार्ग प्रदान करते हैं और आवागमन के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं। कश्मीर हिमालय में जोजिला, फोटू ला और खारदुंग ला भी प्रमुख दर्रे हैं।
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फोटू ला दर्रा किस श्रेणी में स्थित बताया गया है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
फोटू ला जास्कर श्रेणी से संबंधित महत्त्वपूर्ण दर्रा है। लेख में उत्तर-पश्चिमी हिमालय के दर्रों का उल्लेख श्रेणीवार किया गया है: जोजिला-वृहत हिमालय, बनिहाल-पीर पंजाल, फोटू ला-जास्कर और खारदुंग ला-लद्दाख।
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खारदुंग ला दर्रा किस पर्वतीय श्रेणी से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
खारदुंग ला लद्दाख श्रेणी का महत्त्वपूर्ण दर्रा है। लद्दाख क्षेत्र ऊँचे, ठंडे और शुष्क पर्वतीय भू-दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। दर्रों का उपयोग पर्वतीय क्षेत्रों के बीच संपर्क के लिए किया जाता है, हालांकि मौसम और हिमपात से आवागमन प्रभावित हो सकता है।
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काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों में सियाचिन, हिस्पार, बतूरा, वाल्टोरो और बिफाओ का उल्लेख मिलता है। ये बड़े हिमनद उच्च पर्वतीय जल-संग्रह और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के संकेतक हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे हिमनद मुख्यतः गंगा-यमुना प्रणालियों के ऊपरी भाग से जुड़े हैं।
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हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय की पश्चिमी तथा पूर्वी सीमा बनाने वाली नदियाँ कौन-सी हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय पश्चिम में सतलुज नदी और पूर्व में घाघरा की सहायक काली नदी के बीच फैला है। इस क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय भाग शामिल हैं तथा सिंधु और गंगा नदी प्रणालियों की सहायक नदियाँ बहती हैं।
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हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय में कौन-सी दो प्रमुख नदी प्रणालियाँ जल-निकास करती हैं?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय में सिंधु और गंगा नदी प्रणालियों का प्रभाव मिलता है। रावी, ब्यास और सतलुज सिंधु प्रणाली से संबंधित हैं, जबकि यमुना और घाघरा गंगा प्रणाली की प्रमुख नदियाँ हैं। यह क्षेत्र हिमालयी नदी-उद्गम और जल संसाधनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लघु हिमालय के लिए लेख में कौन-से स्थानीय नाम बताए गए हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
लेख के अनुसार लघु हिमालय को हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और उत्तराखंड में नागभिता कहा गया है। स्थानीय नाम क्षेत्रीय भूगोल में उपयोगी हैं, क्योंकि एक ही व्यापक पर्वतीय पट्टी के अलग-अलग हिस्सों में अलग नाम प्रचलित हो सकते हैं।
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निम्न में से कौन-सा समूह हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के पहाड़ी पर्यटन स्थलों का है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
शिमला, मसूरी, धर्मशाला और कसौली इस हिमालयी क्षेत्र के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। रानीखेत और लैंसडाउन जैसे स्थल भी यहाँ स्थित हैं। इनका विकास पर्वतीय जलवायु, प्राकृतिक दृश्यों और ऐतिहासिक परिवहन-व्यवस्थाओं से जुड़ा है।
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गंगा की प्रमुख स्रोत धाराओं भागीरथी और अलकनंदा का उद्गम किस क्षेत्र से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
भागीरथी और अलकनंदा उत्तराखंड हिमालय से निकलती हैं और आगे देवप्रयाग में मिलकर गंगा नाम से प्रवाहित होती हैं। इसी क्षेत्र में यमुना का उद्गम भी है। हिमालयी हिमपात, हिमनद और वर्षा इन नदियों के प्रवाह को पोषित करते हैं।
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भोटिया समुदाय के मौसमी प्रवास का संबंध किस प्रकार की पर्वतीय आजीविका से है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
लेख में कुमाऊँ और गढ़वाल के ऊँचे क्षेत्रों में भोटिया समुदाय के मौसमी प्रवास का उल्लेख है। गर्मियों में वे पशुओं के साथ हिमरेखा के निकट बुग्यालों में जाते हैं और सर्दियों में घाटियों की ओर लौटते हैं। यह पर्वतीय पर्यावरण के अनुसार विकसित मौसमी पशुपालन का उदाहरण है।
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काली और तीस्ता नदियों के बीच स्थित दार्जिलिंग-सिक्किम हिमालय को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय को लेख में नेपाल हिमालय या मध्य हिमालय भी कहा गया है। यह काली और तीस्ता नदियों के बीच लगभग 800 किमी लंबा खंड है। यह क्षेत्र ऊँची चोटियों, विविध वनस्पतियों और रंगीन ऑर्किड के लिए प्रसिद्ध है।
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कंचनजंघा और मकालू जैसी ऊँची चोटियाँ किस क्षेत्रीय हिमालयी भाग के वर्णन में शामिल हैं?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय के वर्णन में कंचनजंघा, मकालू, धौलागिरी और अन्नपूर्णा जैसी ऊँची चोटियों का उल्लेख है। यह खंड काली और तीस्ता नदियों के बीच स्थित है और पर्वतीय जैव-विविधता तथा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है।
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दार्जिलिंग-सिक्किम हिमालय के ऊँचे भागों में लेख के अनुसार कौन-सा समुदाय पाया जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
लेख के अनुसार लेप्चा समुदाय दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय के ऊँचे भागों में पाया जाता है। दक्षिणी भागों में नेपाली, बंगाली और मध्य भारतीय जनजातीय समूहों सहित मिश्रित आबादी का उल्लेख है। यह क्षेत्र सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।