भारत का भूगोल MCQs

  1. भारत के किस भाग में अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा के परस्पर मिलने का प्रभाव अक्सर बताया जाता है?

    Options:
    1. केवल लक्षद्वीप के दक्षिण में
    2. उत्तर भारत के मैदानों में, दिल्ली के आसपास सहित
    3. केवल अंडमान द्वीपसमूह में
    4. केवल कच्छ के रण में

    Correct Option: B

    Explanation:

    दोनों शाखाओं के प्रवाह का प्रभाव उत्तरी मैदानों में मिल सकता है और कई भूगोल पाठ्य-स्रोत दिल्ली के आसपास इनके संगम/एकीकृत प्रवाह का उल्लेख करते हैं। वास्तविक स्थिति हर मौसम में समान नहीं रहती, क्योंकि मानसूनी द्रोणी और निम्नदाब प्रणालियाँ बदलती रहती हैं।

  2. कौन-सा विकल्प ओरोग्राफिक वर्षा की सही व्याख्या करता है?

    Options:
    1. नम वायु पर्वत पर ऊपर उठकर ठंडी होती है और वर्षा करती है
    2. गर्म वायु बिना ठंडी हुए वर्षा करती है
    3. वर्षा केवल समुद्र के भीतर होती है
    4. वायु पर्वत से नीचे उतरते हुए हमेशा अधिक वर्षा करती है

    Correct Option: A

    Explanation:

    ओरोग्राफिक वर्षा तब होती है जब नम वायु पर्वतीय अवरोध से टकराकर ऊपर उठती है। ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, संघनन होता है और वर्षा होती है। पश्चिमी घाट तथा मेघालय की पहाड़ियों में इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण योगदान है।

  3. किस कथन से स्पष्ट होता है कि मानसूनी शाखाओं का वर्षा-वितरण एकसमान नहीं है?

    Options:
    1. भारत के सभी स्थानों पर समान वर्षा होती है
    2. वर्षा केवल समुद्र तट पर होती है
    3. पूर्वोत्तर भारत में मानसून नहीं पहुँचता
    4. पश्चिमी घाट पर भारी वर्षा, जबकि उसके पूर्व के कुछ भागों में कम वर्षा हो सकती है

    Correct Option: D

    Explanation:

    मानसून की शाखाओं का मार्ग, नमी की मात्रा, पर्वतीय अवरोध और समुद्र से दूरी वर्षा को क्षेत्रानुसार बदलते हैं। पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा तथा पूर्वी ओर कुछ क्षेत्रों में वर्षाछाया इसका स्पष्ट उदाहरण है।

  4. निम्न में से कौन-सा युग्म गलत है?

    Options:
    1. अराकान पर्वत — बंगाल की खाड़ी शाखा का विक्षेपण
    2. पश्चिमी घाट — अरब सागर शाखा की भारी वर्षा
    3. खासी पहाड़ियाँ — पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा
    4. नर्मदा-तापी घाटियाँ — बंगाल की खाड़ी शाखा का मुख्य मार्ग

    Correct Option: D

    Explanation:

    नर्मदा और तापी घाटियों का संबंध अरब सागर शाखा के एक प्रवाह से है, जो मध्य भारत की ओर बढ़ता है। अराकान पर्वत बंगाल की खाड़ी शाखा को विक्षेपित करते हैं, पश्चिमी घाट अरब सागर शाखा से भारी वर्षा प्राप्त करते हैं और खासी पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर में वर्षा बढ़ाती हैं।

  5. अरब सागर शाखा के पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा कराने में कौन-सा संयोजन सहायक है?

    Options:
    1. अरावली की लगभग समानांतर दिशा और नमी का सीमित उपलब्ध होना
    2. हिमालय का पश्चिमी राजस्थान में होना
    3. बंगाल की खाड़ी से सीधा समुद्री संपर्क
    4. खासी पहाड़ियों की निकटता

    Correct Option: A

    Explanation:

    अरब सागर शाखा का एक भाग सौराष्ट्र-कच्छ से पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ता है, लेकिन अरावली पर्वतमाला की दिशा पवनों को प्रभावी रूप से रोककर ऊपर उठाने में सीमित रहती है। समुद्र से दूरी और पवनों की नमी में कमी भी कम वर्षा में योगदान देती है।

  6. कौन-सा कथन बंगाल की खाड़ी शाखा की वर्षा-प्रक्रिया के बारे में सही है?

    Options:
    1. यह केवल पश्चिमी घाट पर वर्षा करती है
    2. यह हिमालय के उत्तर से भारत में प्रवेश करती है
    3. यह वर्षा से पहले पूरी तरह नमी खो देती है
    4. यह पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा कराने के बाद गंगा मैदान की ओर पश्चिम बढ़ सकती है

    Correct Option: D

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा समुद्र से नमी लेकर पूर्वोत्तर भारत पहुँचती है, जहाँ पहाड़ी अवरोधों से भारी वर्षा हो सकती है। आगे हिमालय की तलहटी से पश्चिम की ओर मुड़कर यह गंगा के मैदानों में वर्षा करती है।

  7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

    Options:
    1. पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा हो सकती है
    2. बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत में वर्षा करती है
    3. पश्चिमी घाट पार करने के बाद मानसूनी वायु सामान्यतः और अधिक नम हो जाती है
    4. हिमालय बंगाल की खाड़ी शाखा को पश्चिम की ओर मोड़ने में मदद करता है

    Correct Option: C

    Explanation:

    पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल पर वर्षा के दौरान वायु नमी खो देती है। घाट के पूर्वी भाग में नीचे उतरती वायु गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क हो सकती है। इसलिए यह कहना गलत है कि घाट पार करने के बाद वायु सामान्यतः और अधिक नम हो जाती है।

  8. मानसूनी शाखाओं के अध्ययन में ‘विक्षेपण’ (deflection) का क्या अर्थ है?

    Options:
    1. किसी पर्वतीय अवरोध से टकराकर पवनों की दिशा बदलना
    2. पवनों का हमेशा समाप्त हो जाना
    3. वर्षा का हिमपात में बदलना
    4. समुद्र का स्थल में बदल जाना

    Correct Option: A

    Explanation:

    विक्षेपण का अर्थ है किसी अवरोध के कारण पवनों के मार्ग या दिशा में बदलाव। बंगाल की खाड़ी शाखा का एक बड़ा भाग म्यांमार के अराकान पर्वतों से प्रभावित होकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ता है।

  9. भारत की जलवायु को सामान्यतः किस प्रकार की जलवायु कहा जाता है?

    Options:
    1. भूमध्यसागरीय
    2. टुंड्रा
    3. मानसूनी जलवायु
    4. भूमध्यरेखीय

    Correct Option: C

    Explanation:

    भारत में ऋतु के अनुसार पवनों की दिशा बदलती है और वार्षिक वर्षा का बड़ा भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है। इसी कारण भारतीय जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है, हालांकि देश के अलग-अलग भागों में तापमान और वर्षा में उल्लेखनीय क्षेत्रीय अंतर पाया जाता है।

  10. भारतीय जलवायु में क्षेत्रीय विविधता का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी और स्थलाकृति में अंतर
    2. पूरे देश की ऊँचाई समान होना
    3. सभी क्षेत्रों में समान वर्षा होना
    4. भारत का पूर्णतः द्वीपीय होना

    Correct Option: A

    Explanation:

    भारत में हिमालय, प्रायद्वीपीय पठार, तटीय मैदान और मरुस्थलीय क्षेत्र मौजूद हैं। अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी और पर्वतीय अवरोध अलग-अलग तापमान तथा वर्षा पैदा करते हैं। इसलिए राजस्थान, पश्चिमी तट और हिमालयी क्षेत्रों की जलवायु एक जैसी नहीं है।

  11. मानसून की मूल विशेषता क्या है?

    Options:
    1. साल भर एक दिशा से पवन चलना
    2. वर्षा केवल हिमपात के रूप में होना
    3. पवनों की दिशा में मौसमी परिवर्तन
    4. हर जगह समान तापमान रहना

    Correct Option: C

    Explanation:

    मानसून का प्रमुख लक्षण ऋतु के अनुसार पवनों की दिशा और वायुमंडलीय परिसंचरण में बदलाव है। गर्मियों में दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनें समुद्र से स्थल की ओर नमी लाती हैं, जबकि शीत ऋतु में सामान्य प्रवाह प्रायः स्थल से समुद्र की ओर होता है।

  12. भारत के अधिकांश भागों में वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा किस अवधि में होता है?

    Options:
    1. जनवरी से मार्च
    2. केवल अक्टूबर से दिसंबर
    3. केवल अप्रैल और मई
    4. दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान

    Correct Option: D

    Explanation:

    भारत के अधिकांश क्षेत्रों में जून से सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। हालांकि तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ भागों में अक्टूबर-दिसंबर के उत्तर-पूर्वी मानसून से भी महत्वपूर्ण वर्षा होती है।

  13. ग्रीष्म ऋतु में उत्तर-पश्चिमी भारत में निम्न वायुदाब बनने का मुख्य कारण क्या है?

    Options:
    1. समुद्र का स्थायी रूप से जमना
    2. स्थल का तीव्र गर्म होना
    3. हिमालय का नीचे खिसकना
    4. शीतकालीन पश्चिमी विक्षोभ

    Correct Option: B

    Explanation:

    गर्मियों में उत्तर-पश्चिमी भारत सहित उपमहाद्वीप का स्थलभाग तेजी से गर्म होता है। इससे सतह के पास निम्न दाब विकसित होता है, जो समुद्र से नमी वाली पवनों के आगमन और मानसूनी परिसंचरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।

  14. हिमालय भारतीय जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करता है?

    Options:
    1. ठंडी मध्य एशियाई हवाओं को रोकता और मानसूनी पवनों को प्रभावित करता है
    2. भारत में वर्षा पूरी तरह समाप्त करता है
    3. केवल दक्षिण भारत को प्रभावित करता है
    4. जलवायु पर इसका कोई प्रभाव नहीं

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय विशाल पर्वतीय अवरोध है। यह मध्य एशिया से आने वाली अत्यधिक ठंडी वायु के प्रभाव को सीमित करता है और मानसूनी पवनों के मार्ग तथा वर्षा-वितरण को प्रभावित करता है। इसकी ऊँचाई और दिशा भारत की जलवायु के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  15. तटीय क्षेत्रों में तापमान का वार्षिक अंतर आंतरिक क्षेत्रों की तुलना में सामान्यतः कैसा होता है?

    Options:
    1. बहुत अधिक
    2. हर जगह शून्य
    3. केवल सर्दियों में अधिक
    4. कम

    Correct Option: D

    Explanation:

    समुद्र धीरे गर्म और धीरे ठंडा होता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों के तापमान को संतुलित करता है। इससे तटों पर ग्रीष्म और शीत ऋतु के तापमान में अंतर अपेक्षाकृत कम रहता है। समुद्र से दूर आंतरिक क्षेत्रों में महाद्वीपीय प्रभाव से तापांतर अधिक हो सकता है।

  16. समुद्र से दूर आंतरिक क्षेत्रों में तापमान का वार्षिक अंतर अधिक होने को किस प्रभाव से समझते हैं?

    Options:
    1. महाद्वीपीय प्रभाव
    2. समुद्री प्रभाव
    3. ज्वारीय प्रभाव
    4. हिमानी प्रभाव

    Correct Option: A

    Explanation:

    महाद्वीपीय प्रभाव समुद्र से दूर स्थित क्षेत्रों में स्पष्ट होता है। स्थल जल्दी गर्म और जल्दी ठंडा होता है, इसलिए गर्मियों में अधिक गर्मी और सर्दियों में अधिक ठंड हो सकती है। इसी कारण उत्तर-पश्चिमी और आंतरिक भारत में तापमान का वार्षिक अंतर तटीय भागों से अधिक रहता है।

  17. शीत ऋतु में उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा लाने वाली प्रमुख प्रणालियाँ कौन-सी हैं?

    Options:
    1. अरब सागर शाखा
    2. समुद्री समीर
    3. ज्वारीय लहरें
    4. पश्चिमी विक्षोभ

    Correct Option: D

    Explanation:

    पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया और भूमध्यसागरीय क्षेत्र के आसपास विकसित मौसम प्रणालियाँ हैं, जो पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती हैं। सर्दियों में ये उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा और हिमालय में हिमपात करा सकती हैं। यह वर्षा रबी फसलों, विशेषकर गेहूँ, के लिए उपयोगी होती है।

  18. उत्तर-पूर्वी मानसून से विशेष रूप से किस क्षेत्र में वर्षा होती है?

    Options:
    1. पश्चिमी राजस्थान
    2. तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र
    3. लद्दाख
    4. पंजाब का मैदानी भाग

    Correct Option: B

    Explanation:

    अक्टूबर से दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ भागों में वर्षा लाता है। बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने वाली पवनें और कभी-कभी अवदाब या चक्रवातीय प्रणालियाँ इस क्षेत्र की वर्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

  19. भारत में वर्षा का वितरण कैसा है?

    Options:
    1. पूरे देश में समान
    2. केवल उत्तर भारत में वर्षा
    3. केवल तटीय क्षेत्रों में वर्षा
    4. अत्यंत असमान और क्षेत्रीय रूप से विविध

    Correct Option: D

    Explanation:

    भारत में वर्षा की मात्रा और समय में बड़ा क्षेत्रीय अंतर मिलता है। पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में बहुत अधिक वर्षा होती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान तथा लद्दाख जैसे क्षेत्रों में कम वर्षा होती है। मानसूनी मार्ग, स्थलाकृति और समुद्र से दूरी इस अंतर को प्रभावित करते हैं।

  20. थार मरुस्थल में कम वर्षा का एक प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. वहाँ बंगाल की खाड़ी स्थित है
    2. वहाँ वर्षभर हिमपात होता है
    3. अरावली की दिशा मानसूनी पवनों को प्रभावी ढंग से ऊपर नहीं उठाती
    4. यह भूमध्य रेखा पर है

    Correct Option: C

    Explanation:

    अरावली पर्वतमाला की दिशा अरब सागर से आने वाली मानसूनी पवनों के लगभग समानांतर है, इसलिए यह उन्हें व्यापक रूप से ऊपर उठाने वाला प्रभावी अवरोध नहीं बनती। समुद्र से दूरी और पवनों में नमी की कमी भी पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा के कारण हैं।

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