भारत का भूगोल MCQs
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शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में उच्च दाब बनने का मुख्य कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
शीतकाल में विशाल एशियाई स्थलखंड तेजी से ठंडा होकर उच्च दाब विकसित करता है। हवाएँ उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती हैं और स्थल से समुद्र की ओर जाने के कारण अधिकांश उत्तर-पूर्वी हवाएँ शुष्क रहती हैं।
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तिब्बत पठार की भूमिका पर विशेष बल देने वाले भारतीय मौसम वैज्ञानिक कौन थे?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पी. कोटेश्वरम ने तिब्बत पठार के ग्रीष्मकालीन ताप और जेट धाराओं की भूमिका पर बल दिया। पठार आसपास के मैदानों से अधिक सूर्यातप प्राप्त कर ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रभावित कर सकता है।
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जेट स्ट्रीम सिद्धांत में मानसून के साथ जुड़ी ऊपरी वायु धारा कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ग्रीष्मकाल में भारतीय उपमहाद्वीप के ऊपर उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट का विकास मानसून के साथ जुड़ा है। तिब्बत पठार का ताप और ऊपरी वायुमंडल की तापीय संरचना इसके विकास को प्रभावित करते हैं।
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मानसून की दिशा में मौसमी परिवर्तन का सही वर्णन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मानसून की मुख्य विशेषता पवन दिशा का मौसमी उत्क्रमण है। ग्रीष्म में दक्षिण-पश्चिम मानसून समुद्र से स्थल की ओर नमी लाता है; शीत में सामान्य प्रवाह स्थल से समुद्र की ओर हो जाता है, हालांकि बंगाल की खाड़ी से नमी लेने वाली हवाएँ तमिलनाडु में वर्षा करा सकती हैं।
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भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य शुरुआत किस तट से मानी जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन केरल तट पर लगभग 1 जून के आसपास माना जाता है। इसके बाद यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की शाखाओं में आगे बढ़ता है; वास्तविक तारीख हर वर्ष बदल सकती है।
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‘मानसून सीमा’ या Monsoon Front किसे कहते हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
GeoGyan लेख में मानसून सीमा को उस सीमा के रूप में समझाया गया है जहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनें उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनों से मिलती हैं। अभिसरण के कारण हवा ऊपर उठ सकती है और बादल-वर्षा विकसित हो सकती है।
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मानसून की क्षेत्रीय वर्षा-विविधता पर कौन-सा भौगोलिक कारक सीधा प्रभाव डालता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
स्थलाकृति मानसूनी वर्षा के वितरण को बहुत प्रभावित करती है। पश्चिमी घाट की पवनाभिमुख ढाल पर अधिक वर्षा और पूर्वी ओर वर्षाछाया मिल सकती है; हिमालय भी नम हवाओं के मार्ग और उत्तर भारत की वर्षा प्रणालियों को प्रभावित करता है।
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तापीय संकल्पना का मूल आधार क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
तापीय संकल्पना में स्थल और समुद्र के गर्म तथा ठंडा होने की अलग-अलग दरों से दाब-अंतर उत्पन्न होता है। वायु उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती है; आधुनिक व्याख्या इस आधार के साथ ITCZ, जेट धाराओं और स्थलाकृति को भी शामिल करती है।
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दक्षिणी दोलन (Southern Oscillation) की खोज और अध्ययन को व्यवस्थित रूप देने का श्रेय किसे दिया जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सर गिल्बर्ट वॉकर ने 20वीं शताब्दी के आरंभ में भारतीय मानसून और वैश्विक वायुदाब के बीच संबंधों का अध्ययन किया। दक्षिणी दोलन प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के वायुदाब में होने वाले seesaw-जैसे बदलाव को दर्शाता है।
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दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) निकालने में सामान्यतः किन दो स्थानों के समुद्र-स्तरीय वायुदाब की तुलना की जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
SOI की गणना में मध्य/पूर्वी प्रशांत के ताहिती और ऑस्ट्रेलिया के डार्विन के वायुदाब का अंतर महत्वपूर्ण होता है। इन स्थानों के दबाव में विपरीत बदलाव उष्णकटिबंधीय प्रशांत-वायुमंडलीय परिसंचरण में परिवर्तन का संकेत देते हैं।
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एल नीनो की स्थिति सामान्यतः किस महासागरीय क्षेत्र के असामान्य गर्म होने से जुड़ी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
एल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतही समुद्री परत सामान्य से अधिक गर्म हो जाती है। यह समुद्र-सतह तापमान परिवर्तन वायुमंडलीय परिसंचरण को बदल सकता है और भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को कमजोर करने की संभावना बढ़ा सकता है, हालांकि प्रभाव हर वर्ष समान नहीं होता।
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ला नीना की पहचान किस स्थिति से होती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
ला नीना ENSO की ठंडी अवस्था है, जिसमें भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत का समुद्री सतह तापमान सामान्य से कम रहता है। यह प्रायः व्यापारिक पवनों और उष्णकटिबंधीय परिसंचरण में बदलाव से जुड़ी होती है तथा कई बार भारत में अनुकूल मानसूनी परिस्थितियों के साथ देखी जाती है, लेकिन यह निश्चित नियम नहीं है।
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ENSO का पूर्ण रूप क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ENSO का पूरा नाम El Niño–Southern Oscillation है। यह उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के समुद्री सतह तापमान और वायुमंडलीय दाब-पवन परिसंचरण के परस्पर जुड़े बदलावों को दर्शाता है। एल नीनो और ला नीना इसके गर्म तथा ठंडे चरण हैं।
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एल नीनो और भारतीय मानसून के संबंध में सबसे सटीक कथन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर में तापमान और वायुमंडलीय परिसंचरण बदलते हैं, जिससे भारतीय मानसून के लिए प्रतिकूल परिस्थितियाँ बन सकती हैं। फिर भी मानसून पर हिंद महासागर, भारतीय महासागर द्विध्रुव, हिमालय-तिब्बत की दशाओं और अन्य कारकों का भी प्रभाव होता है, इसलिए परिणाम हर वर्ष समान नहीं रहता।
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भारतीय महासागर द्विध्रुव (IOD) किस महासागर के पश्चिमी और पूर्वी भागों के बीच तापीय अंतर से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
Indian Ocean Dipole हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी उष्णकटिबंधीय भागों के समुद्री सतह तापमान के अंतर से जुड़ा है। इसके चरण समुद्री संवहन और वायुमंडलीय परिसंचरण को बदल सकते हैं, जिससे भारत सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा पर असर पड़ सकता है।
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सकारात्मक IOD की सामान्य पहचान क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सकारात्मक IOD में पश्चिमी उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर अपेक्षाकृत गर्म और पूर्वी भाग, विशेषकर इंडोनेशिया के निकट, अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। यह तापीय अंतर संवहन और पवनों को प्रभावित करता है; कुछ वर्षों में यह एल नीनो के प्रतिकूल प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित कर सकता है।
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नकारात्मक IOD की सामान्य दशा कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
नकारात्मक IOD में पूर्वी उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर अपेक्षाकृत गर्म और पश्चिमी भाग अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। इससे समुद्री संवहन और वर्षा के क्षेत्र बदल सकते हैं। भारतीय मानसून पर इसका प्रभाव ENSO और अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियों के साथ मिलकर सामने आता है।
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वाकर परिसंचरण (Walker Circulation) मुख्यतः किस दिशा में उष्णकटिबंधीय प्रशांत के ऊपर वायु के पूर्व-पश्चिम प्रवाह को दर्शाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
वाकर परिसंचरण उष्णकटिबंधीय प्रशांत के ऊपर पूर्व-पश्चिम दिशा में होने वाले वायुमंडलीय परिसंचरण का नाम है। सामान्य परिस्थितियों में पश्चिमी प्रशांत में हवा ऊपर उठती है और पूर्वी प्रशांत में अपेक्षाकृत नीचे उतरती है। ENSO के दौरान इस परिसंचरण की तीव्रता और स्थिति बदल सकती है।
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सामान्य ENSO-तटस्थ दशाओं में पश्चिमी उष्णकटिबंधीय प्रशांत में संवहन अधिक होने का एक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
तटस्थ दशाओं में व्यापारिक पवनें गर्म सतही जल को पश्चिमी प्रशांत की ओर धकेलती हैं। गर्म समुद्री सतह से वाष्पीकरण और नम हवा का ऊपर उठना बादल तथा वर्षा को बढ़ावा देता है। एल नीनो में गर्म जल पूर्व की ओर फैलने से संवहन का सामान्य वितरण बदल सकता है।
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एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग में समुद्री सतह गर्म होने पर सामान्यतः कौन-सा बदलाव हो सकता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
एल नीनो के दौरान गर्म समुद्री सतह का क्षेत्र मध्य और पूर्वी प्रशांत की ओर फैलता है। इससे संवहन तथा वर्षा के क्षेत्र पूर्व की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं और वाकर परिसंचरण कमजोर पड़ सकता है। यही व्यापक बदलाव दूरस्थ क्षेत्रों, जैसे भारत, के मानसून को भी प्रभावित कर सकता है।