भारत का भूगोल MCQs
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शीत ऋतु में पश्चिमी जेट प्रवाह किस मौसम तंत्र को उत्तर-पश्चिम भारत तक लाने में मदद करता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र के आसपास उत्पन्न होकर पश्चिमी प्रवाह के साथ उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुँचते हैं। ये शीतकालीन वर्षा और हिमालय में हिमपात करा सकते हैं तथा रबी फसलों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
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तिब्बत पठार के ग्रीष्म में तीव्र गर्म होने का एक प्रभाव क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
तिब्बत पठार विशाल और ऊँचा भूभाग है। ग्रीष्म में गर्म होने से ऊपरी वायुमंडल में तापीय प्रतिचक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है, जिससे जेट धाराओं और ऊपरी वायु प्रवाह की स्थिति प्रभावित होती है।
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भारतीय मानसून में तिब्बत पठार और उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट की भूमिका पर किस भारतीय वैज्ञानिक ने बल दिया?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पी. कोटेश्वरम ने तिब्बत पठार के ग्रीष्मकालीन ताप और जेट धाराओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। पठार का गर्म होना ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रभावित कर सकता है और मानसून की अनुकूल दशाओं में योगदान देता है।
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तिब्बत पठार मानसून के अध्ययन में महत्वपूर्ण क्यों है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
तिब्बत पठार की ऊँचाई और विशाल क्षेत्र इसे ग्रीष्म में महत्वपूर्ण ऊष्मा स्रोत बनाते हैं। यह ऊपरी वायुमंडल के तापीय ढाँचे और जेट धाराओं को प्रभावित करता है; हिमालय की स्थलाकृति भी वायु प्रवाह के मार्ग को बदलती है।
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MONEX यानी मानसून अभियान किस वर्ष आयोजित हुआ था?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
GeoGyan लेख के अनुसार MONEX अभियान 1973 में भारत और सोवियत मौसम वैज्ञानिकों के सहयोग से आयोजित हुआ। मई से जुलाई के दौरान हिंद महासागर और अरब सागर में जहाजों से मौसम संबंधी आँकड़े एकत्र किए गए।
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MONEX अभियान का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
MONEX का उद्देश्य समुद्र और वायुमंडल की परस्पर क्रिया को समझने के लिए मानसून के दौरान प्रत्यक्ष मौसम आँकड़े जुटाना था। तापमान, दाब और पवनों के अवलोकन से मानसून की उत्पत्ति और तीव्रता के अध्ययन में सहायता मिली।
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‘पवनों का उत्क्रमण’ मानसून की मूल विशेषता बताने वाले विद्वान कौन थे?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
एच. जी. डोबी ने पवन प्रणाली के उत्क्रमण को मानसूनी जलवायु का मूल सिद्धांत बताया। ग्रीष्म में हवाएँ समुद्र से स्थल की ओर नमी लाती हैं, जबकि शीत में सामान्य प्रवाह स्थल से समुद्र की ओर हो जाता है।
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‘मानसून जलवायु की प्रमुख विशेषता ऋतुओं का आवर्तन है’ यह विचार किससे जुड़ा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
आर. एल. सिंह ने मानसून जलवायु में ऋतुओं के आवर्तन या लय को प्रमुख माना। मानसून केवल वर्षा नहीं, बल्कि ताप, दाब, पवन दिशा और वर्षा के मौसमी चक्र से जुड़ी व्यापक जलवायु व्यवस्था है।
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कोपेन, हान्न और एंगॉट ने मानसून की तुलना किस प्रक्रिया के बड़े रूप से की?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
इन विद्वानों ने मानसून को बड़े पैमाने पर स्थल और समुद्र के तापांतर से बनने वाली समीरों जैसा माना। दैनिक समीर में दिशा दिन-रात से बदलती है, जबकि मानसून में दिशा का बदलाव मौसमी पैमाने पर होता है।
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तापीय संकल्पना की मुख्य सीमा क्या मानी जाती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
हैली का सिद्धांत स्थल और समुद्र के तापांतर की भूमिका समझाता है, लेकिन ITCZ, जेट धाराओं, मानसून विराम और वर्षा के क्षेत्रीय अंतर की पूरी व्याख्या नहीं करता। इसलिए आधुनिक व्याख्या में अनेक परस्पर जुड़े कारक शामिल किए जाते हैं।
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अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की शाखाएँ किस व्यापक प्रणाली का भाग हैं?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून मुख्यतः अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दो शाखाओं के रूप में आगे बढ़ता है। दोनों शाखाएँ समुद्र से नमी लाती हैं, लेकिन स्थलाकृति और प्रवाह दिशा के कारण वर्षा का वितरण अलग-अलग होता है।
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पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा का प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अरब सागर से आने वाली नम हवाएँ पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊपर उठने पर हवा ठंडी होती है, जलवाष्प संघनित होता है और पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा होती है; पूर्वी ओर वर्षाछाया बन सकती है।
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मानसून का ‘प्रस्फोट’ या burst किसे कहते हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मानसून प्रस्फोट में आगमन के आसपास वर्षा और पवन की गतिविधि अपेक्षाकृत अचानक तेज होती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का केरल तट पर सामान्य आगमन लगभग जून की शुरुआत में माना जाता है, पर तारीख साल-दर-साल बदल सकती है।
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मानसून गर्त की स्थिति बदलने से किस पर असर पड़ता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मानसून गर्त उत्तर भारत के मैदानों के आसपास विकसित निम्न-दाब की लंबी पट्टी है। इसका उत्तर-दक्षिण खिसकाव वर्षा के क्षेत्र को बदल सकता है; गर्त के पास सक्रियता बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा और अन्य क्षेत्रों में विराम हो सकता है।
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सही युग्म चुनिए।
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हैली ने 1686 में तापीय संकल्पना प्रस्तुत की, जिसमें स्थल-समुद्र तापांतर से बनने वाले दाब-अंतर को मानसून का कारण माना गया। फ्लोन ITCZ से संबंधित विचारों और कोटेश्वरम तिब्बत पठार तथा जेट धाराओं की भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
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मानसून सिद्धांतों के संदर्भ में सही युग्म पहचानिए।
Options:
Correct Option: D
Explanation:
फ्लोन ने मानसून को ITCZ के मौसमी विस्थापन और भूमध्यरेखीय पछुआ पवनों से जोड़ा। उनके अनुसार ITCZ के उत्तर की ओर बढ़ने से पवन प्रणालियों में बदलाव आता है और दक्षिण एशिया का मानसून व्यापक परिसंचरण का हिस्सा बनता है।
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कथन 1: ITCZ ऋतु के साथ उत्तर-दक्षिण खिसकता है। कथन 2: इसका खिसकना मानसून को प्रभावित कर सकता है।
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दोनों कथन सही हैं। ITCZ सूर्य की आभासी गति और मौसमी ताप वितरण के साथ खिसकता है। ग्रीष्म में इसके उत्तर की ओर जाने से दक्षिणी गोलार्ध की व्यापारिक पवनें भूमध्य रेखा पार करके भारत की ओर आ सकती हैं और मानसूनी परिसंचरण को बल मिलता है।
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कथन 1: जेट धाराएँ धरातलीय मौसम को प्रभावित कर सकती हैं। कथन 2: जेट धाराएँ केवल समुद्र की सतह पर बहती हैं।
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कथन 1 सही है क्योंकि जेट धाराएँ बड़े पैमाने के परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और मानसून को प्रभावित करती हैं। कथन 2 गलत है; जेट धाराएँ समुद्र की सतह पर नहीं, ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से बहने वाली पवन पट्टियाँ हैं।
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मानसून की आधुनिक व्याख्या में अनेक कारक क्यों शामिल किए जाते हैं?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मानसून एक जटिल जलवायु प्रणाली है। तापांतर सतही दाब को प्रभावित करता है, ITCZ और व्यापारिक पवनें निचले स्तर का प्रवाह बनाती हैं, जेट धाराएँ ऊपरी वायु प्रवाह बदलती हैं और पर्वत वर्षा के स्थानिक वितरण को प्रभावित करते हैं।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए नमी का मुख्य स्रोत क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएँ हिंद महासागर और आसपास के गर्म समुद्री क्षेत्रों से गुजरते हुए जलवाष्प ग्रहण करती हैं। भारत में पहुँचकर जब नम हवा ऊपर उठती और ठंडी होती है, तो संघनन से वर्षा होती है।