भारत का भूगोल MCQs
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सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच किस वर्ष हुई थी?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई थी; विश्व बैंक ने वार्ता और संधि व्यवस्था में भूमिका निभाई। पारंपरिक व्यवस्था में पूर्वी नदियाँ—रावी, ब्यास और सतलुज—भारत के उपयोग के लिए आवंटित की गईं, जबकि पश्चिमी नदियाँ—सिंधु, झेलम और चिनाब—मुख्यतः पाकिस्तान के लिए निर्धारित हुईं, संधि में भारत के कुछ निर्दिष्ट उपयोगों के प्रावधान भी हैं।
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सिंधु जल संधि के अंतर्गत पूर्वी नदियों का समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सिंधु जल संधि में पूर्वी नदियाँ रावी, ब्यास और सतलुज हैं। पश्चिमी नदियाँ सिंधु, झेलम और चिनाब हैं। यह विभाजन नदी-भूगोल के साथ अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन का भी महत्त्वपूर्ण तथ्य है। संधि में निर्दिष्ट शर्तों के अंतर्गत पश्चिमी नदियों पर भारत के कुछ गैर-उपभोगी और सीमित उपयोगों की अनुमति भी है।
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सिंधु जल संधि में पश्चिमी नदियों का समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सिंधु जल संधि के पश्चिमी नदी समूह में सिंधु, झेलम और चिनाब शामिल हैं। इन नदियों के जल का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के लिए निर्धारित है, लेकिन भारत को संधि में बताए गए घरेलू, कृषि और निर्दिष्ट जलविद्युत उपयोगों के अधिकार प्राप्त हैं। पूर्वी नदियों के समूह को याद रखने के लिए रावी-ब्यास-सतलुज का क्रम उपयोगी है।
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घग्घर नदी को किस प्रकार के अपवाह से जोड़ा जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
घग्घर उत्तर-पश्चिम भारत की मौसमी नदी है, जो हरियाणा और राजस्थान के क्षेत्रों से होकर बहती है तथा शुष्क क्षेत्र में लुप्त हो जाती है। इसे सामान्यतः अंतःस्थलीय अपवाह से जोड़ा जाता है। घग्घर-हकरा के पुराने नदी-पथ और वैदिक सरस्वती से संभावित संबंध पर शोध एवं मतभेद रहे हैं; इसे निर्विवाद तथ्य की तरह प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
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घग्घर नदी हरियाणा के किस क्षेत्र के निकट शिवालिक पादप्रदेश से निकलती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
घग्घर नदी का उद्गम हरियाणा के अंबाला के निकट शिवालिक पादप्रदेश से जुड़ा माना जाता है। आगे यह मौसमी प्रवाह के रूप में हरियाणा और राजस्थान के शुष्क भागों में जाती है। इसका प्रवाह मानसूनी वर्षा पर अधिक निर्भर है, इसलिए इसे सिंधु की प्रमुख सदानीरा हिमालयी सहायक नदियों के समान नहीं समझना चाहिए।
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निम्न में से कौन-सा नदी-प्राचीन नाम मिलान सही है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सतलुज का प्राचीन नाम शतद्रु या शतद्रु (Shatadru) है। झेलम—वितस्ता, चिनाब—अस्किनी, रावी—परुष्णी/इरावती और ब्यास—विपाशा के नामों को भी याद रखना चाहिए। प्राचीन नाम अक्सर वैदिक साहित्य, यूनानी विवरणों और ऐतिहासिक भूगोल के प्रश्नों में आते हैं।
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सही नदी-संगम युग्म चुनिए।
Options:
Correct Option: D
Explanation:
ब्यास नदी हरिके के निकट सतलुज में मिलती है। चंद्रा और भागा टांडी में मिलकर चिनाब बनाती हैं, जबकि काबुल अटक के पास सिंधु में मिलती है। झेलम वुलर झील से गुजरती है और आगे चिनाब में मिलती है। संगम-स्थलों को नक्शे पर क्रमवार देखना सबसे उपयोगी अभ्यास है।
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किश्तवार के निकट चिनाब नदी की कौन-सी विशेषता बताई जाती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
चिनाब नदी जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय भाग में गहरे घाटी मार्ग से बहती है और किश्तवार के निकट तीखा हेयर-पिन मोड़ बनाती है। पर्वतीय नदियों में ढाल, संरचना और घाटी की दिशा के कारण तीखे मोड़ और गहरे महाखड्ड विकसित हो सकते हैं। यह नदी आगे पाकिस्तान की ओर बहती है और सिंधु तंत्र का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
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गंगा नदी की स्रोत धारा भागीरथी किस हिमनद से निकलती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
भागीरथी गंगा की स्रोत धारा है, जो उत्तराखंड में गंगोत्री हिमनद के गौमुख से निकलती है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अनुसार गौमुख की ऊँचाई लगभग 3,892 मीटर है। अलकनंदा और भागीरथी देवप्रयाग में मिलती हैं; इसके बाद नदी को गंगा कहा जाता है।
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गंगा नदी को ‘गंगा’ नाम किस स्थान पर प्राप्त होता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
उत्तराखंड के देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा का संगम होता है। इसी संगम के बाद नदी का नाम गंगा पड़ता है। यह तथ्य पंच प्रयाग, हिमालयी अपवाह और नदी के उद्गम संबंधी प्रश्नों में बार-बार उपयोगी है।
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पंच प्रयागों में अलकनंदा और धौलीगंगा का संगम कहाँ होता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
विष्णुप्रयाग में धौलीगंगा अलकनंदा से मिलती है। अलकनंदा के मार्ग पर पंच प्रयागों का क्रम ऊपर से नीचे की ओर विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग है। इस क्रम को मानचित्र पर दोहराना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
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नंदप्रयाग में अलकनंदा से कौन-सी नदी मिलती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
नंदप्रयाग में नंदाकिनी नदी अलकनंदा से मिलती है। इसके बाद कर्णप्रयाग में पिंडर, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और देवप्रयाग में भागीरथी अलकनंदा से मिलती हैं। पंच प्रयागों के साथ सहायक नदियों का मिलान एक प्रमुख मानचित्र-आधारित परीक्षा विषय है।
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कर्णप्रयाग में अलकनंदा से कौन-सी नदी मिलती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कर्णप्रयाग उत्तराखंड में अलकनंदा और पिंडर नदियों का संगम स्थल है। पिंडर नदी कुमाऊँ हिमालय के पिंडारी हिमनद क्षेत्र से संबंधित है। पंच प्रयागों के क्रम में कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग के बाद और रुद्रप्रयाग से पहले आता है।
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रुद्रप्रयाग में अलकनंदा से कौन-सी नदी मिलती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी अलकनंदा से मिलती है। मंदाकिनी केदारनाथ क्षेत्र से निकलती है और 2013 की उत्तराखंड आपदा के संदर्भ में भी चर्चा में रही। संगम स्थल याद करते समय रुद्रप्रयाग—मंदाकिनी, कर्णप्रयाग—पिंडर और नंदप्रयाग—नंदाकिनी का सही मिलान करें।
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गंगा नदी हिमालय से निकलकर मैदान में कहाँ प्रवेश करती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
गंगा हरिद्वार के निकट हिमालयी क्षेत्र से निकलकर उत्तरी भारतीय मैदान में प्रवेश करती है। यहाँ नदी का ढाल कम होने लगता है और मैदान में जलोढ़ निक्षेपण, विसर्प तथा बाढ़मैदान का विकास होता है। हरिद्वार से ऊपरी गंगा नहर में भी पानी मोड़ा जाता है।
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गंगा नदी की कुल लंबाई सामान्यतः कितनी मानी जाती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
गंगा की लंबाई सामान्यतः लगभग 2,525 किलोमीटर मानी जाती है। यह उत्तराखंड से निकलकर उत्तर भारत के मैदानों से गुजरती है, फिर पश्चिम बंगाल में विभाजित होकर बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी के डेल्टा तंत्र से जुड़ती है। अलग-अलग स्रोतों में मापन की पद्धति के कारण छोटे अंतर मिल सकते हैं।
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प्रयागराज में गंगा से मिलने वाली सबसे प्रमुख दाहिने तट की सहायक नदी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
यमुना प्रयागराज में गंगा से दाहिने तट पर मिलती है। यह गंगा की सबसे लंबी और प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। संगम क्षेत्र धार्मिक-सांस्कृतिक महत्त्व के साथ नदी-भूगोल में भी उल्लेखनीय है। बाईं ओर से मिलने वाली प्रमुख सहायक नदियों में रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा शामिल हैं।
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यमुना नदी का उद्गम किस हिमनद से होता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
यमुना का उद्गम उत्तराखंड में बंदरपूँछ पर्वत क्षेत्र के निकट यमुनोत्री हिमनद से होता है। यह हिमालय से निकलकर हरियाणा-उत्तर प्रदेश की सीमा के कुछ हिस्सों से बहती है, दिल्ली से गुजरती है और प्रयागराज में गंगा से मिलती है। टोंस इसकी महत्त्वपूर्ण ऊपरी सहायक नदी है।
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यमुना नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन-सी मानी जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
टोंस नदी यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदियों में गिनी जाती है और हिमालयी क्षेत्र से निकलती है। यमुना की अन्य महत्त्वपूर्ण सहायक नदियों में चंबल, सिंध, बेतवा, केन और हिंडन शामिल हैं। प्रश्न में ‘यमुना की सहायक’ और ‘गंगा की सहायक’ का अंतर स्पष्ट रखें।
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चंबल नदी किस नदी में मिलती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
चंबल नदी मध्य भारत से उत्तर की ओर बहकर उत्तर प्रदेश के इटावा क्षेत्र के निकट यमुना में मिलती है। यह यमुना की प्रमुख सहायक नदी है और अपने बीहड़ (ravines) भू-आकृतियों के लिए प्रसिद्ध है। चंबल पर गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर जैसी परियोजनाएँ भी स्थित हैं।