भारत का भूगोल MCQs
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गंगा नदी में ‘ई-फ्लो’ या पर्यावरणीय प्रवाह से क्या आशय है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
पर्यावरणीय प्रवाह से आशय नदी में इतना जल और उपयुक्त मौसमी प्रवाह बनाए रखना है कि जलीय पारितंत्र, तलछट परिवहन और नदी से जुड़े सामाजिक उपयोग बने रह सकें। केवल न्यूनतम पानी छोड़ना हर परिस्थिति में पर्याप्त नहीं होता; प्रवाह का समय, मात्रा और प्राकृतिक मौसमी बदलाव भी महत्त्वपूर्ण हैं।
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गंगा नदी की स्वच्छता के संदर्भ में सीवेज उपचार संयंत्रों का मुख्य कार्य क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सीवेज उपचार संयंत्र घरेलू अपशिष्ट जल से जैविक पदार्थ, निलंबित ठोस और कुछ पोषक तत्वों सहित प्रदूषकों को हटाने या कम करने के लिए बनाए जाते हैं। उपचार के बाद पानी का सुरक्षित निस्तारण या पुनः उपयोग किया जा सकता है। संयंत्रों का प्रभाव तभी अच्छा होता है जब सीवर नेटवर्क, संचालन और रखरखाव भी प्रभावी हों।
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गंगा नदी के प्रवाह में मानसून की भूमिका क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
गंगा को हिमालयी हिम-पिघलाव और वर्षा दोनों से जल मिलता है। मानसून के दौरान इसके विस्तृत जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा होने से प्रवाह बढ़ता है और बाढ़ की संभावना रहती है। हिमनदों का योगदान ऊपरी भागों में महत्त्वपूर्ण है, जबकि मैदानों में मानसूनी वर्षा और सहायक नदियों का प्रवाह बड़ा योगदान देता है।
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नदी की बाईं और दाईं तट की सहायक नदियों की पहचान कैसे की जाती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
नदी के प्रवाह की दिशा में मुख करके देखने पर बाईं ओर से मिलने वाली नदियाँ बाएँ तट की और दाईं ओर से मिलने वाली नदियाँ दाएँ तट की सहायक कहलाती हैं। यह परिभाषा दिशा बदलने वाली नदियों में भी लागू होती है। गंगा की बाएँ तट की नदियों में रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा शामिल हैं।
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गंगा के डेल्टा क्षेत्र में नदी के कई वितरक चैनल बनने का प्रमुख कारण क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
डेल्टा क्षेत्र में नदी का ढाल कम होता है और बड़ी मात्रा में तलछट जमा होती है। नदी अनेक शाखाओं और वितरकों में विभाजित हो सकती है; ज्वार और समुद्री प्रक्रियाएँ भी चैनलों के विकास को प्रभावित करती हैं। गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना डेल्टा विश्व के सबसे बड़े डेल्टा तंत्रों में से एक है।
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गंगा नदी तंत्र के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
भागीरथी और अलकनंदा देवप्रयाग में मिलकर गंगा बनाती हैं। यमुना प्रयागराज में गंगा से मिलती है, जबकि सोन दाहिने तट की सहायक नदी है। अमरकंटक सोन सहित कुछ प्रायद्वीपीय नदियों के उद्गम क्षेत्र के रूप में महत्त्वपूर्ण है, गंगा के उद्गम के रूप में नहीं।
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गंगा नदी तंत्र में बिहार की बाढ़ समस्या को समझने के लिए कौन-सी नदी विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
कोसी नेपाल हिमालय से बड़ी मात्रा में तलछट लाकर बिहार के मैदान में बहती है। इसके ऐतिहासिक धारा-परिवर्तन और व्यापक बाढ़ ने इसे ‘बिहार का शोक’ नाम दिया। बाढ़ जोखिम वर्षा, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र, तटबंधों, तलछट और नदी के मार्ग परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव से बनता है।
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नदी बेसिन प्रबंधन में ‘समेकित जलग्रहण प्रबंधन’ का अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
समेकित जलग्रहण प्रबंधन में वर्षा-जल, मिट्टी, वनस्पति, कृषि, भूजल, नदी प्रवाह और स्थानीय आजीविका को एक साथ ध्यान में रखा जाता है। इससे अपरदन, गाद जमाव और जल-संकट घटाने में मदद मिल सकती है। गंगा जैसे बड़े बेसिन में प्रभावी प्रबंधन के लिए अंतरराज्यीय समन्वय और प्रदूषण नियंत्रण भी जरूरी हैं।
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ब्रह्मपुत्र का उद्गम किस क्षेत्र में माना जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बती उच्चभूमि में कैलाश पर्वतमाला के निकट चेमायुंगदुंग अथवा अंगसी हिमानी क्षेत्र से माना जाता है। विभिन्न स्रोतों में उद्गम-स्थल के नाम में थोड़ा अंतर मिलता है, लेकिन नदी का स्रोत तिब्बत में है।
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तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी को मुख्यतः किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
तिब्बत में नदी को यारलुंग त्सांगपो या त्सांगपो कहा जाता है। यह तिब्बती पठार पर मुख्यतः पूर्व की ओर बहती है और नामचा बरवा के निकट गहरा मोड़ लेकर दक्षिण की ओर मुड़ती है।
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अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर नदी किस नाम से जानी जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
तिब्बत से भारत में अरुणाचल प्रदेश पहुँचने पर नदी को सियांग या दिहांग कहा जाता है। आगे लोहित और दिबांग जैसी प्रमुख नदियों का जल मिलने के बाद असम में संयुक्त धारा ब्रह्मपुत्र कहलाती है।
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असम में ब्रह्मपुत्र नाम से बहने वाली मुख्य धारा किन नदियों के संगम से बनती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
अरुणाचल प्रदेश से आने वाली सियांग/दिहांग धारा में लोहित और दिबांग का जल मिलने के बाद असम में संयुक्त नदी ब्रह्मपुत्र कहलाती है। यह संगम क्षेत्र सादिया के आसपास माना जाता है।
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नामचा बरवा के निकट ब्रह्मपुत्र की कौन-सी विशेषता दिखाई देती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
नामचा बरवा के आसपास यारलुंग त्सांगपो पूर्वमुखी प्रवाह से अचानक दक्षिण की ओर मुड़ती है और पूर्वी हिमालय में गहरी गॉर्ज बनाती है। इस तीखे मोड़ को महान मोड़ या सिंटैक्सियल बेंड कहा जाता है।
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ब्रह्मपुत्र नदी अंततः किस जल निकाय में गिरती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ब्रह्मपुत्र असम से होकर बांग्लादेश पहुँचती है। वहाँ इसकी मुख्य धारा जमुना कहलाती है और गंगा की पद्मा धारा के साथ मिलकर संयुक्त नदी-प्रणाली के रूप में बंगाल की खाड़ी की ओर बहती है।
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बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र की मुख्य धारा किस नाम से जानी जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र की मुख्य धारा जमुना कहलाती है। इसे भारत की यमुना नदी से भ्रमित नहीं करना चाहिए; दोनों अलग नदी प्रणालियों से संबंधित हैं।
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असम के मैदान में ब्रह्मपुत्र किस प्रकार की धारा-रचना के लिए प्रसिद्ध है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
असम के मैदान में भारी जलप्रवाह और अवसाद के कारण ब्रह्मपुत्र अनेक शाखाओं में बँटती और फिर मिलती है। इस बहुधारात्मक संरचना को ब्रेडेड चैनल कहते हैं; इसमें रेत के बार और नदी-द्वीप भी बनते हैं।
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असम में ब्रह्मपुत्र के रेतीले नदी-द्वीपों को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ब्रह्मपुत्र में अधिक अवसाद जमा होने और धारा के बदलने से रेत के द्वीप बनते हैं, जिन्हें असम में चार या चापोरी कहा जाता है। बाढ़ और कटाव के कारण इनका आकार तथा स्थान बदल सकता है।
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ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ आने का प्रमुख प्राकृतिक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ब्रह्मपुत्र बेसिन में मानसून के दौरान तीव्र वर्षा होती है और ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों से हिम-पिघलाव भी प्रवाह बढ़ा सकता है। भारी अवसाद, मैदानों का कम ढाल और बदलते चैनल बाढ़ तथा तट-कटाव की समस्या बढ़ाते हैं।
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ब्रह्मपुत्र की उत्तरी तटवर्ती सहायक नदियों की सामान्य विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
असम में उत्तरी तट की अनेक सहायक नदियाँ हिमालय और भूटान की पहाड़ियों से उतरती हैं। इनका ढाल तीव्र होता है और ये कंकड़, बजरी तथा गाद लाती हैं; इसलिए इनमें अचानक बाढ़ आने की प्रवृत्ति रहती है।
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निम्नलिखित में से कौन-सी ब्रह्मपुत्र की उत्तरी तट की प्रमुख सहायक नदी है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सुबनसिरी ब्रह्मपुत्र की प्रमुख उत्तरी तटवर्ती सहायक नदी है। यह तिब्बती/हिमालयी क्षेत्र से निकलकर अरुणाचल प्रदेश और असम से बहती हुई मुख्य नदी में मिलती है।