भारत का भूगोल MCQs
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झील के तट पर निर्माण और अतिक्रमण से कौन-सा प्रभाव हो सकता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
तटों पर निर्माण, भराव और अतिक्रमण झील के प्राकृतिक फैलाव क्षेत्र को घटा सकते हैं। इससे बाढ़ के समय पानी के फैलने और संग्रहित होने की क्षमता कम हो सकती है, साथ ही पक्षियों और जलीय जीवों के आवास नष्ट हो सकते हैं। भूमि उपयोग नियोजन, बफर जोन और अपशिष्ट जल नियंत्रण संरक्षण के अहम उपाय हैं।
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झील के पानी की लवणता का सबसे सीधा माप किससे संबंधित है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
लवणता पानी में घुले लवणों की मात्रा को दर्शाती है। समुद्री संपर्क, नदी से मीठे पानी की आपूर्ति, वाष्पीकरण और जल-निकास झील की लवणता को प्रभावित करते हैं। चिलिका जैसी लैगून में लवणता स्थान और मौसम के अनुसार बदल सकती है, जबकि सांभर जैसी बंद बेसिन झील में वाष्पीकरण से लवण संकेंद्रित होते हैं।
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झील में जल का निवास समय (residence time) सामान्यतः किसे दर्शाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
जल का निवास समय झील में पानी के औसतन बने रहने की अवधि का संकेत देता है। यह जल-आगमन, निकास और कुल जल-मात्रा से प्रभावित होता है। कम निवास समय वाली झील में पानी तेजी से बदल सकता है, जबकि लंबे निवास समय में पोषक तत्वों या प्रदूषकों का संचय अलग प्रकार से हो सकता है।
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झीलों में भूजल पुनर्भरण किस प्रकार संभव हो सकता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कुछ झीलों और आर्द्रभूमियों से पानी आसपास की पारगम्य मिट्टी या चट्टानों में रिसकर भूजल भंडारों को पुनर्भरित कर सकता है। यह प्रक्रिया स्थानीय भूगर्भीय संरचना, जल-स्तर और मिट्टी की पारगम्यता पर निर्भर करती है। सभी झीलें समान मात्रा में भूजल पुनर्भरण नहीं करतीं, लेकिन आर्द्रभूमि जलचक्र का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं।
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झील और आर्द्रभूमि संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
स्थानीय समुदाय अक्सर मत्स्य पालन, कृषि, चारा, पर्यटन और जल उपयोग के लिए आर्द्रभूमियों पर निर्भर होते हैं। उनकी भागीदारी से स्थानीय ज्ञान, संसाधन उपयोग और संरक्षण लक्ष्यों के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है। प्रभावी प्रबंधन के लिए समुदायों के साथ वैज्ञानिक निगरानी, नियमन और दीर्घकालीन योजना भी जरूरी हैं।
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झीलों पर जलवायु परिवर्तन का संभावित प्रभाव कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
जलवायु परिवर्तन वर्षा के पैटर्न, वाष्पीकरण, हिमपात और हिम-पिघलाव को प्रभावित कर सकता है। इससे झीलों का जल-स्तर, तापीय परत-विभाजन, जल-गुणवत्ता और जीवों का वितरण बदल सकता है। प्रभाव हर क्षेत्र में समान नहीं होगा; स्थानीय जलग्रहण, बाँध संचालन और भूमि उपयोग भी परिणामों को प्रभावित करते हैं।
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किस प्रकार की झील में समुद्री जल और नदी के मीठे पानी का मिश्रण आम है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
तटीय लैगून में समुद्र से सीमित संपर्क और नदियों से मीठे पानी का आगमन होने पर खारे-मिश्रित पानी की स्थिति बन सकती है। चिलिका इसका प्रमुख भारतीय उदाहरण है। लवणता समुद्री मुख की स्थिति, ज्वार, नदी प्रवाह और मानसून के साथ बदलती रहती है।
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किस विकल्प में झील/आर्द्रभूमि और राज्य का सही मिलान है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
नलसरोवर गुजरात में, सस्थमकोट्टा केरल में, दीपोर बील असम में और आसन संरक्षण रिजर्व उत्तराखंड में स्थित है। राज्य-स्थल मिलान के प्रश्नों में समान प्रकार के नामों के कारण भ्रम हो सकता है, इसलिए राज्य के साथ भौगोलिक क्षेत्र और प्रमुख विशेषता भी याद रखें।
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किस झील/जलाशय का संबंध ब्यास नदी और प्रवासी पक्षियों से है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पोंग बाँध झील हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी पर बने महाराणा प्रताप सागर जलाशय से संबंधित है। यह जलपक्षियों और प्रवासी पक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण आर्द्रभूमि है। बाँध-निर्मित जलाशय भी उपयुक्त जलस्तर, तटवर्ती वनस्पति और भोजन उपलब्ध होने पर जैव-विविधता को सहारा दे सकते हैं।
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किस झील को उच्च पर्वतीय खारे/क्षारीय झील-आर्द्रभूमि के रूप में जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
त्सो कार लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में स्थित उच्च पर्वतीय झील-आर्द्रभूमि है, जहाँ खारे/क्षारीय जल और नमक के निक्षेप मिलते हैं। उच्च ऊँचाई, कम तापमान और सीमित जल-निकास इसकी विशेषताएँ हैं। इसे मीठे पानी की निचली पर्वतीय झीलों से अलग पहचानना चाहिए।
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झीलों के वैज्ञानिक सर्वेक्षण में जल का pH किसका संकेत देता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
pH जल की अम्लीयता या क्षारीयता का संकेत देता है। pH में बदलाव प्राकृतिक भू-रसायन, औद्योगिक अपशिष्ट, अम्लीय निक्षेपण और जैविक गतिविधियों से हो सकता है। जलीय जीवों की विभिन्न प्रजातियाँ pH की अलग-अलग सीमाओं के प्रति संवेदनशील होती हैं, इसलिए जल गुणवत्ता की निगरानी में यह एक महत्त्वपूर्ण पैरामीटर है।
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सिंधु नदी का उद्गम किस स्थान के निकट खोखर-चू हिमनद से माना जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सिंधु नदी का उद्गम तिब्बत में कैलाश पर्वतमाला के उत्तरी ढाल पर स्थित खोखर-चू हिमनद के निकट माना जाता है। यह हिमालय-पार नदी है और प्रारंभ में तिब्बती पठार से होकर बहती है। उद्गम के साथ नदी का शुरुआती प्रवाह, तिब्बत में नाम और आगे लद्दाख में प्रवेश परीक्षा के महत्त्वपूर्ण तथ्य हैं।
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तिब्बत में सिंधु नदी को किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सिंधु को तिब्बत में सिंगी खम्बन या ‘लायन्स माउथ’ कहा जाता है। इसके विपरीत लांगचेन खम्बाब नाम सतलुज से जुड़ा है और यारलुंग त्सांगपो ब्रह्मपुत्र की ऊपरी धारा का नाम है। ऐसे नाम-आधारित प्रश्नों में नदी और क्षेत्र का मिलान सावधानी से करना चाहिए।
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सिंधु नदी भारत में मुख्यतः किस क्षेत्र से होकर बहती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सिंधु नदी भारत में मुख्यतः लद्दाख क्षेत्र से होकर बहती है, फिर पाकिस्तान में प्रवेश करती है। लद्दाख में यह लद्दाख और जास्कर पर्वत श्रेणियों के बीच बहती है तथा गहरी घाटियाँ बनाती है। भारत में सिंधु बेसिन का विस्तार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ अन्य उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों की सहायक नदियों तक है।
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सिंधु नदी अंततः कहाँ गिरती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
सिंधु नदी पाकिस्तान से दक्षिण की ओर बहते हुए कराची के निकट अरब सागर में गिरती है। यह हिमालयी नदी तंत्रों में सबसे पश्चिमी प्रमुख तंत्र है। गंगा और ब्रह्मपुत्र के विपरीत इसका मुख्य निकास बंगाल की खाड़ी में नहीं होता। मानचित्र में इसके पश्चिमोन्मुख और फिर दक्षिणी प्रवाह को पहचानना उपयोगी है।
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निम्न में से कौन-सी नदी सिंधु की पाँच प्रमुख सहायक नदियों में शामिल नहीं है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज सिंधु तंत्र की प्रमुख नदियाँ हैं; काबुल नदी भी सिंधु की सहायक नदी है, लेकिन ‘पंजाब की पाँच नदियों’ के पारंपरिक समूह में शामिल नहीं होती। प्रश्न में ‘सिंधु की सहायक नदी’ और ‘पंजाब की पाँच नदियाँ’ के बीच अंतर पहचानना जरूरी है।
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पंजाब की पाँच नदियों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पंजाब का नाम पाँच नदियों के पारंपरिक समूह से जुड़ा है—झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। ये नदियाँ व्यापक सिंधु नदी तंत्र का हिस्सा हैं। काबुल, स्वात और श्योक भी सिंधु तंत्र की सहायक नदियाँ हैं, पर पाँच नदियों वाले पारंपरिक समूह में नहीं गिनी जातीं।
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झेलम नदी का प्राचीन/वैदिक नाम क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
झेलम का प्राचीन नाम वितस्ता है। यूनानी स्रोतों में इसे Hydaspes नाम से भी जाना जाता है। यह कश्मीर घाटी की प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम वेरीनाग के निकट होता है और यह वुलर झील से होकर गुजरती है। प्राचीन नामों का मिलान UPSC, SSC और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।
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झेलम नदी का उद्गम कहाँ है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
झेलम नदी का उद्गम जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र में वेरीनाग के निकट एक झरने से होता है। यह कश्मीर घाटी से उत्तर-पश्चिम दिशा में बहती है, वुलर झील में प्रवेश करती है और आगे पाकिस्तान की ओर जाती है। कश्मीर घाटी में इसकी अपेक्षाकृत कम ढाल ने कुछ हिस्सों में नौपरिवहन को संभव बनाया है।
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झेलम नदी किस झील से होकर गुजरती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
झेलम नदी कश्मीर घाटी में बहते हुए वुलर झील में प्रवेश करती है। वुलर झील जल-भंडारण और बाढ़ के पानी को अस्थायी रूप से समाहित करने में महत्त्वपूर्ण है। डल झील भी श्रीनगर में है, लेकिन झेलम के मुख्य प्रवाह से वुलर जैसा प्रत्यक्ष संबंध नहीं रखती।