भारत का भूगोल MCQs

  1. चिनाब नदी का निर्माण किन दो नदियों के संगम से होता है?

    Options:
    1. रावी और ब्यास
    2. चंद्रा और भागा
    3. झेलम और रावी
    4. सतलुज और ब्यास

    Correct Option: B

    Explanation:

    चिनाब नदी हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में चंद्रा और भागा नदियों के संगम से बनती है। यह संगम टांडी के निकट होता है। ऊपरी भाग में इसे चंद्रभागा भी कहा जाता है। उद्गम-क्षेत्र, संगम-स्थल और नदी के नाम का यह संबंध मानचित्र-आधारित प्रश्नों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  2. चंद्रा और भागा नदियों का संगम किस स्थान के निकट होता है?

    Options:
    1. रोपड़
    2. हरिके
    3. टांडी
    4. अटक

    Correct Option: C

    Explanation:

    चंद्रा और भागा नदियाँ हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में टांडी के निकट मिलकर चिनाब बनाती हैं। चंद्रा का उद्गम बारालाचा ला के निकट हिमनदीय क्षेत्र से तथा भागा का उद्गम उसी दर्रे के दूसरी ओर से संबंधित है। ‘टांडी—चंद्रभागा/चिनाब’ एक महत्त्वपूर्ण परीक्षा-युग्म है।

  3. चिनाब नदी का प्राचीन नाम कौन-सा है?

    Options:
    1. वितस्ता
    2. विपाशा
    3. शतद्रु
    4. अस्किनी

    Correct Option: D

    Explanation:

    चिनाब का प्राचीन नाम अस्किनी माना जाता है। अन्य प्रमुख प्राचीन नामों में झेलम—वितस्ता, रावी—परुष्णी/इरावती, ब्यास—विपाशा और सतलुज—शतद्रु शामिल हैं। नदी के आधुनिक और प्राचीन नामों का सही मिलान इतिहास तथा भूगोल के संयुक्त प्रश्नों में उपयोगी है।

  4. चिनाब नदी पर स्थित प्रमुख जलविद्युत परियोजना कौन-सी है?

    Options:
    1. बगलिहार
    2. भाखड़ा-नांगल
    3. पोंग
    4. टिहरी

    Correct Option: A

    Explanation:

    बगलिहार जलविद्युत परियोजना जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में चिनाब नदी पर स्थित है। चिनाब बेसिन में दुलहस्ती और सलाल जैसी परियोजनाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं। भाखड़ा-नांगल सतलुज पर और पोंग बाँध ब्यास पर स्थित है। नदी-परियोजना का सही मिलान सिंचाई, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय जल-विवादों के अध्ययन में जरूरी है।

  5. रावी नदी का उद्गम किस क्षेत्र के निकट माना जाता है?

    Options:
    1. वेरीनाग
    2. रोहतांग दर्रा
    3. राकसताल
    4. खोखर-चू हिमनद

    Correct Option: B

    Explanation:

    रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्र में रोहतांग दर्रे के निकट निकलती है। यह धौलाधार और पीर पंजाल से संबंधित पर्वतीय ढालों का जल अपवाहित करती है, फिर पंजाब के मैदान से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है। रावी का प्राचीन नाम परुष्णी या इरावती है।

  6. रावी नदी का प्राचीन नाम कौन-सा है?

    Options:
    1. अस्किनी
    2. वितस्ता
    3. परुष्णी/इरावती
    4. विपाशा

    Correct Option: C

    Explanation:

    रावी नदी को प्राचीन साहित्य में परुष्णी और इरावती नामों से जोड़ा जाता है। ब्यास का प्राचीन नाम विपाशा, झेलम का वितस्ता और चिनाब का अस्किनी है। इन नामों का समूह याद रखने के लिए नदी-नाम, उद्गम और वर्तमान राज्य को एक साथ पढ़ना अधिक प्रभावी रहता है।

  7. ब्यास नदी का उद्गम स्थल कौन-सा है?

    Options:
    1. वेरीनाग
    2. राकसताल
    3. बारालाचा ला
    4. ब्यास कुंड

    Correct Option: D

    Explanation:

    ब्यास नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के दक्षिणी भाग के निकट स्थित ब्यास कुंड से होता है। यह कुल्लू घाटी से होकर बहती है और आगे कांगड़ा क्षेत्र से गुजरती है। ब्यास का प्राचीन नाम विपाशा है और यह हरिके के निकट सतलुज में मिलती है।

  8. ब्यास नदी किस नदी में और कहाँ मिलती है?

    Options:
    1. सतलुज में हरिके के निकट
    2. चिनाब में टांडी के निकट
    3. झेलम में वुलर झील के भीतर
    4. सिंधु में अटक के निकट

    Correct Option: A

    Explanation:

    ब्यास नदी पंजाब में हरिके के निकट सतलुज में मिलती है। इसके बाद सतलुज का संयुक्त प्रवाह पाकिस्तान की ओर जाता है। हरिके का संगम और आर्द्रभूमि दोनों दृष्टियों से महत्त्व है। परीक्षा में ब्यास-सतलुज संगम को झेलम-चिनाब या चंद्रा-भागा संगम से अलग पहचानें।

  9. ब्यास नदी का प्राचीन नाम क्या है?

    Options:
    1. शतद्रु
    2. विपाशा
    3. वितस्ता
    4. अस्किनी

    Correct Option: B

    Explanation:

    ब्यास नदी का प्राचीन नाम विपाशा है। इसे यूनानी विवरणों में Hyphasis से भी जोड़ा जाता है। ब्यास हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदी है और हरिके के निकट सतलुज में मिलती है। पाँच नदियों के प्राचीन नामों का नियमित अभ्यास कई प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी होता है।

  10. सतलुज नदी का उद्गम किस झील के निकट है?

    Options:
    1. वुलर झील
    2. डल झील
    3. राकसताल
    4. रेणुका झील

    Correct Option: C

    Explanation:

    सतलुज का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकसताल क्षेत्र से माना जाता है। यह हिमालय-पार नदी है और शिपकी ला दर्रे के पास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है। सतलुज गहरी घाटियाँ बनाती है और इस पर भाखड़ा बाँध जैसी प्रमुख परियोजना स्थित है।

  11. सतलुज को तिब्बत में किस नाम से जाना जाता है?

    Options:
    1. सिंगी खम्बन
    2. वितस्ता
    3. अस्किनी
    4. लांगचेन खम्बाब

    Correct Option: D

    Explanation:

    सतलुज का तिब्बती नाम लांगचेन खम्बाब है। सिंगी खम्बन सिंधु से संबंधित नाम है। सतलुज मानसरोवर-राकसताल क्षेत्र से निकलकर पश्चिम की ओर बहती है और शिपकी ला के निकट भारत में प्रवेश करती है। नामों की यह समानता अक्सर विकल्पों में भ्रम पैदा करती है।

  12. सतलुज नदी भारत में किस दर्रे के पास प्रवेश करती है?

    Options:
    1. शिपकी ला
    2. नाथू ला
    3. जोजिला
    4. बनिहाल

    Correct Option: A

    Explanation:

    सतलुज तिब्बत से बहते हुए हिमाचल प्रदेश में शिपकी ला के निकट प्रवेश करती है। यह किन्नौर क्षेत्र से होकर बहती है और आगे भाखड़ा बाँध तथा रोपड़ के आसपास पंजाब के मैदान की ओर जाती है। शिपकी ला, नाथू ला और जोजिला अलग-अलग हिमालयी मार्ग हैं; इन्हें संबंधित राज्य और नदी के साथ याद करें।

  13. भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है?

    Options:
    1. ब्यास
    2. सतलुज
    3. रावी
    4. चिनाब

    Correct Option: B

    Explanation:

    भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर हिमाचल प्रदेश-पंजाब क्षेत्र के निकट स्थित है। इससे गोबिंद सागर जलाशय बना है। यह सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और बाढ़-नियमन में महत्त्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। इसे ब्यास पर बने पोंग बाँध या चिनाब पर बनी बगलिहार परियोजना से अलग पहचानना चाहिए।

  14. सिंधु नदी की कौन-सी सहायक नदी सियाचिन हिमनद क्षेत्र से जुड़ी है?

    Options:
    1. रावी
    2. ब्यास
    3. श्योक
    4. घग्घर

    Correct Option: C

    Explanation:

    श्योक नदी काराकोरम क्षेत्र से निकलती है और इसका संबंध सियाचिन हिमनद के आसपास के उच्च पर्वतीय क्षेत्र से है। यह लद्दाख क्षेत्र में सिंधु तंत्र की महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है। नुब्रा नदी श्योक से जुड़ती है; इस क्षेत्र की नदियाँ हिमनदों और हिम-पिघलाव से पोषित होती हैं।

  15. श्योक और नुब्रा नदियाँ किस प्रमुख नदी तंत्र का हिस्सा हैं?

    Options:
    1. गंगा
    2. ब्रह्मपुत्र
    3. गोदावरी
    4. सिंधु

    Correct Option: D

    Explanation:

    श्योक और नुब्रा नदियाँ लद्दाख के उच्च पर्वतीय क्षेत्र में सिंधु नदी तंत्र से संबंधित हैं। श्योक अंततः सिंधु में मिलती है और नुब्रा, श्योक की सहायक नदी है। इनके प्रवाह पर हिमनद, हिमपिघलाव और ऊँचाई वाले शुष्क पर्यावरण का प्रभाव रहता है।

  16. काबुल नदी सिंधु में किस स्थान के निकट मिलती है?

    Options:
    1. अटक
    2. हरिके
    3. टांडी
    4. रोपड़

    Correct Option: A

    Explanation:

    काबुल नदी पाकिस्तान में अटक के निकट सिंधु में मिलती है। यह अफगानिस्तान से निकलकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है और सिंधु तंत्र की महत्त्वपूर्ण पश्चिमी सहायक नदी है। यह तथ्य दर्शाता है कि सिंधु बेसिन केवल भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं, बल्कि अफगानिस्तान और चीन के तिब्बती क्षेत्र से भी जुड़ा है।

  17. सिंधु नदी का कुल जलग्रहण क्षेत्र लगभग कितना माना जाता है?

    Options:
    1. 3.2 लाख वर्ग किमी
    2. 11.65 लाख वर्ग किमी
    3. 25 लाख वर्ग किमी
    4. 6.5 लाख वर्ग किमी

    Correct Option: B

    Explanation:

    सिंधु नदी तंत्र का कुल जलग्रहण क्षेत्र लगभग 11.65 लाख वर्ग किलोमीटर माना जाता है, जबकि भारत में इसका हिस्सा लगभग 3.21 लाख वर्ग किलोमीटर के आसपास है। अलग-अलग स्रोतों में मापन-सीमा और आँकड़ों के कारण थोड़ा अंतर मिल सकता है। परीक्षा में ‘कुल बेसिन’ और ‘भारत में बेसिन’ के आँकड़ों में अंतर समझें।

  18. सिंधु नदी तंत्र को भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे पश्चिमी प्रमुख नदी तंत्र क्यों कहा जाता है?

    Options:
    1. क्योंकि यह बंगाल की खाड़ी में गिरता है
    2. क्योंकि इसका उद्गम पश्चिमी घाट में है
    3. क्योंकि इसका प्रमुख प्रवाह उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के पश्चिमी भाग में है
    4. क्योंकि यह केवल राजस्थान में बहती है

    Correct Option: C

    Explanation:

    सिंधु तंत्र भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी भाग में विस्तृत है और इसकी मुख्य धारा अरब सागर में गिरती है। इसकी सहायक नदियाँ पंजाब, हिमालय-पार क्षेत्र और पाकिस्तान के पश्चिमी भागों से जुड़ी हैं। गंगा तंत्र मध्य-पूर्वी उत्तर भारत और ब्रह्मपुत्र तंत्र पूर्वोत्तर की ओर अधिक विस्तृत है।

  19. सिंधु नदी के लद्दाख में गहरी घाटियाँ बनाने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. केवल समुद्री ज्वार
    2. रेगिस्तानी पवनों का जमाव
    3. डेल्टा में निक्षेपण
    4. कठोर पर्वतीय भूभाग में नदी का तीव्र ऊर्ध्वाधर अपरदन

    Correct Option: D

    Explanation:

    सिंधु और उसकी हिमालयी सहायक नदियाँ ऊँचे, उठते पर्वतीय भूभाग को काटते हुए गहरी घाटियाँ और महाखड्ड बनाती हैं। नदी का ऊर्ध्वाधर अपरदन, तीव्र ढाल और भूगर्भीय उत्थान इस स्थलरूप विकास में योगदान देते हैं। ऐसी नदियों को कई स्थानों पर पूर्ववर्ती (antecedent) नदी के रूप में समझाया जाता है।

  20. ‘पूर्ववर्ती नदी’ (Antecedent river) की विशेषता क्या है?

    Options:
    1. नदी का मार्ग पर्वतों के उत्थान के बावजूद बना रहना और उन्हें काटना
    2. नदी का केवल मानसून में बहना
    3. नदी का समुद्र से शुरू होना
    4. नदी का पूरी तरह कृत्रिम होना

    Correct Option: A

    Explanation:

    पूर्ववर्ती नदी वह है जिसका प्रवाह-पथ संबंधित पर्वतीय उत्थान से पहले स्थापित हुआ माना जाता है और जो उत्थान के दौरान अपरदन करके घाटी बनाए रखती है। सिंधु और सतलुज को हिमालयी भू-आकृति के संदर्भ में अक्सर ऐसे उदाहरणों के रूप में पढ़ाया जाता है। इससे नदी घाटियों और पर्वत निर्माण के संबंध को समझा जाता है।

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