भारत का भूगोल MCQs
-
बुंदेलखंड पठार का विस्तार उत्तर प्रदेश के किस जिले-समूह में शामिल है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
बुंदेलखंड पठार का विस्तार उत्तर प्रदेश के बांदा, हमीरपुर, जालौन और ललितपुर जिलों में बताया गया है। इसका विस्तार मध्य प्रदेश के दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना तक भी है।
-
बुंदेलखंड क्षेत्र की स्थलाकृति को किस शब्द से विशेष रूप से वर्णित किया गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
लेख में बुंदेलखंड उच्चभूमि की स्थलाकृतिक विशेषता के रूप में जीर्णता (senility) का उल्लेख है। यहाँ अपरदन के कारण खड्ड, क्षिप्रिकाएँ और जलप्रपात विकसित हुए हैं।
-
बुंदेलखंड में तीखे खड्ड और जलप्रपात विकसित करने वाली नदियों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
बेतवा, धसान और केन नदियों ने बुंदेलखंड में तीखे खड्ड, क्षिप्रिकाएँ, महाजलप्रपात और जलप्रपात विकसित किए हैं।
-
विंध्याचल-बाघेलखंड क्षेत्र की ऊँचाई की सीमा क्या बताई गई है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
विंध्याचल-बाघेलखंड क्षेत्र की ऊँचाई लगभग 150 से 1,200 मीटर के बीच बताई गई है। इसमें सतना और रीवा के पठार तथा उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर पठार शामिल हैं।
-
नर्मदा-सोन द्रोणी को लेख में किस प्रकार की संरचना कहा गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
नर्मदा-सोन द्रोणी को भ्रंश घाटी के रूप में वर्णित किया गया है। इस क्षेत्र में आर्कियन और बिजवार श्रेणियों की चट्टानों का उल्लेख मिलता है।
-
सिंगरौली और दुधी के ऊपरी गोंडवाना बेसिन किस संसाधन के लिए प्रसिद्ध हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सिंगरौली और दुधी के ऊपरी गोंडवाना बेसिन में कोयले के प्रचुर भंडार हैं। लेख में इन बेसिनों की ऊँचाई लगभग 150–300 मीटर बताई गई है।
-
नर्मदा और सोन के अतिरिक्त विंध्याचल-बाघेलखंड क्षेत्र की नदी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कर्मनासा, टोंस, केन और बेलांदरे को नर्मदा तथा सोन के अतिरिक्त इस क्षेत्र की नदियों में गिना गया है।
-
छोटानागपुर पठार के अंतर्गत उत्तर में कौन-सा उप-पठार बताया गया है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
छोटानागपुर पठार के अंतर्गत उत्तर में राँची का पठार और दक्षिण में हजारीबाग का पठार जैसे छोटे पठारी भाग शामिल हैं।
-
छोटानागपुर पठार की आधारभूत चट्टानों में कौन-सा युग्म प्रमुख है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
छोटानागपुर पठार का निर्माण मुख्यतः आर्कियन काल के ग्रेनाइट और नाइस से हुआ है। इसके साथ गोंडवाना काल के कोयला भंडार भी इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषता हैं।
-
छोटानागपुर पठार की प्रमुख नदी दामोदर किस प्रकार की घाटी से होकर बहती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दामोदर छोटानागपुर पठार की प्रमुख नदी है और भ्रंश घाटी से होकर पश्चिम से पूर्व दिशा में बहती है। दामोदर घाटी कोयला और उद्योगों के कारण भी महत्त्वपूर्ण है।
-
मेघालय पठार को प्रायद्वीपीय भारत से अलग करने वाला दर्रा कौन-सा बताया गया है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
माल्दा दर्रा मेघालय पठार को प्रायद्वीपीय भारत से अलग करता है। मेघालय पठार को शिलांग पठार भी कहा जाता है।
-
मेघालय पठार के प्रमुख पर्वतीय समूहों का सही संयोजन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मेघालय पठार के प्रमुख भागों में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ आती हैं। लेख में मिकिर और रेंगमा पहाड़ियों का भी उल्लेख है।
-
शिलांग नगर किस पहाड़ी क्षेत्र के मेज-जैसे मध्यवर्ती भाग में स्थित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
खासी पहाड़ियों का मध्यवर्ती भाग मेज की तरह बताया गया है और इसी क्षेत्र में शिलांग नगर स्थित है। शिलांग चोटी इस पठार की सर्वाधिक ऊँची चोटी है।
-
मौसीनराम की भौगोलिक विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मौसीनराम मेघालय में चेरापूंजी से लगभग 16 किमी पश्चिम में स्थित है। लेख इसे विश्व में सर्वाधिक वर्षा दर्ज करने वाले स्थान के रूप में प्रस्तुत करता है।
-
मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी किस नाम से जानी जाती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी को रंगमा पहाड़ियाँ कहा जाता है। लेख में इनकी ऊँचाई लगभग 900 मीटर बताई गई है।
-
मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियों का सही युग्म कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
धनश्री और जमुना मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियाँ हैं। इस क्षेत्र का अपवाह तंत्र अरीय बताया गया है।
-
महाराष्ट्र पठार के अंतर्गत कौन-से क्षेत्र को छोड़कर शेष महाराष्ट्र शामिल बताया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
उत्तरी दक्कन या महाराष्ट्र पठार में कोंकण तट और सह्याद्रि को छोड़कर लगभग संपूर्ण महाराष्ट्र शामिल है। यह मुख्यतः बेसाल्ट चट्टानों से ढका है।
-
महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत की मोटाई लगभग कितनी बताई गई है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत लगभग 3 किमी मोटी बताई गई है। पूर्व और दक्षिण-पूर्व की ओर इसकी मोटाई घटती जाती है।
-
महाराष्ट्र पठार के संदर्भ में लेख में किस संरचनात्मक विशेषता का उल्लेख है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
लेख महाराष्ट्र पठार की एक असाधारण विशेषता के रूप में लगभग 1,000 मीटर के भ्रंश का उल्लेख करता है, जो अरब सागर के निकट ऊँची तटरेखा से संबंधित बताया गया है।
-
छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा बनाने वाले स्थलरूपों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा पर लोमारी पठार, पेंड्रा पठार तथा छुरी और रायगढ़ पहाड़ियों का उल्लेख है। इसकी पश्चिमी सीमा पर मैकाल श्रेणी स्थित है।