भारत का भूगोल MCQs

  1. निचले गंगा मैदान के दक्षिण-पश्चिमी सीमांत क्षेत्र में कौन-सी नदियाँ प्रमुख बताई गई हैं?

    Options:
    1. काली और शारदा
    2. गंडक और कोसी
    3. सतलुज और ब्यास
    4. कसाई और सुवर्णरेखा

    Correct Option: D

    Explanation:

    निचले गंगा मैदान के दक्षिण-पश्चिमी सीमांत क्षेत्र में कसाई और सुवर्णरेखा नदियाँ प्रमुख हैं। इस मैदान की नदी-प्रणाली में पूर्व और पश्चिम की ओर अलग-अलग सहायक नदियाँ मिलती हैं। इसका सामान्य ढाल दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व की ओर है और दक्षिण में यह बंगाल की खाड़ी के निकट डेल्टा एवं तटीय मैदानों से जुड़ता है।

  2. निचले गंगा मैदान में सुंदरवन डेल्टा का निर्माण मुख्यतः किन नदियों के निक्षेपों से जुड़ा है?

    Options:
    1. नर्मदा और ताप्ती
    2. गंगा और ब्रह्मपुत्र
    3. सतलुज और रावी
    4. गोदावरी और कृष्णा

    Correct Option: B

    Explanation:

    सुंदरवन डेल्टा गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी-तंत्र द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेप से जुड़ा है। नदियाँ मैदानों से मिट्टी और अन्य पदार्थ बहाकर समुद्र के निकट जमा करती हैं, जिससे डेल्टा विकसित होता है। सुंदरवन में ज्वारीय जल, दलदली भूमि और मैंग्रोव वनस्पति का व्यापक विस्तार मिलता है।

  3. छोटानागपुर पठार के पूर्व में स्थित निचले गंगा मैदान के भाग को क्या कहा जाता है?

    Options:
    1. बागड़ मैदान
    2. ऊपरी असम घाटी
    3. रोहिलखंड मैदान
    4. राढ़ मैदान

    Correct Option: D

    Explanation:

    राढ़ मैदान निचले गंगा मैदान का वह भाग है जो छोटानागपुर पठार के पूर्व में स्थित है। लेख के अनुसार इस क्षेत्र में दामोदर और सुवर्णरेखा नदियाँ बहती हैं। यहाँ मिट्टी का अपरदन एक प्रमुख समस्या है तथा चावल, मक्का और दलहन जैसी फसलें उगाई जाती हैं।

  4. सुंदरवन नाम किस प्रकार की वनस्पति से जुड़ा है?

    Options:
    1. शंकुधारी वनस्पति से
    2. सुंदरी नामक मैंग्रोव वृक्षों से
    3. देवदार के पर्वतीय वनों से
    4. कंटीली मरुस्थलीय झाड़ियों से

    Correct Option: B

    Explanation:

    सुंदरवन का नाम सुंदरी नामक मैंग्रोव वृक्षों से जुड़ा है। यह गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के पूर्वी भाग में फैला दलदली वन क्षेत्र है। मैंग्रोव पौधे खारे या खारे-मीठे ज्वारीय जल और दलदली मिट्टी के अनुकूल होते हैं। यह क्षेत्र जैव-विविधता, तटीय सुरक्षा तथा बाघ और मगरमच्छ जैसे जीवों के लिए प्रसिद्ध है।

  5. ब्रह्मपुत्र मैदान की पश्चिम से पूर्व तक की लंबाई लगभग कितनी बताई गई है?

    Options:
    1. 1,400 किमी
    2. 300 किमी
    3. 800 किमी
    4. 550 किमी

    Correct Option: C

    Explanation:

    ब्रह्मपुत्र मैदान धुबरी से सदिया तक लगभग 800 किलोमीटर लंबा और करीब 80 किलोमीटर चौड़ा बताया गया है। यह उत्तरी मैदान का पूर्वी हिस्सा है और असम में विस्तृत नदी घाटी बनाता है। चारों ओर पर्वतों से घिरा होने तथा कम ढाल के कारण यहाँ नदी-निक्षेप, बाढ़-मैदान और अनेक नदी द्वीप विकसित हुए हैं।

  6. ब्रह्मपुत्र मैदान का अनुमानित क्षेत्रफल कितना है?

    Options:
    1. लगभग 149,000 वर्ग किमी
    2. लगभग 175,000 वर्ग किमी
    3. लगभग 56,275 वर्ग किमी
    4. लगभग 375,000 वर्ग किमी

    Correct Option: C

    Explanation:

    लेख में ब्रह्मपुत्र मैदान का क्षेत्रफल लगभग 56,275 वर्ग किलोमीटर दिया गया है। यह गंगा मैदान की तुलना में छोटा है, लेकिन इसकी विशिष्ट नदी-प्रणाली और बाढ़-मैदान इसे भौगोलिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाते हैं। ब्रह्मपुत्र के साथ आने वाले भारी अवसाद और कम ढाल के कारण नदी की धाराएँ कई शाखाओं में बँट सकती हैं।

  7. ब्रह्मपुत्र मैदान में नदी का बहु-धाराओं में बँटकर बहना किस विशेषता को दर्शाता है?

    Options:
    1. रेखीय अपवाह
    2. एकल भूमिगत प्रवाह
    3. स्थायी हिमानी प्रवाह
    4. गुथी हुई या ब्रेडेड नदी

    Correct Option: D

    Explanation:

    ब्रह्मपुत्र मैदान में कम ढाल और बड़ी मात्रा में अवसाद के कारण नदी कई धाराओं में विभाजित होकर बहती है। इस प्रकार की नदी को गुथी हुई या braided river कहा जाता है। धाराओं के बीच रेत और अवसाद के टापू बन सकते हैं तथा बाढ़ के दौरान नदी की धाराएँ अपना स्थान बदल सकती हैं।

  8. माजुली द्वीप किस नदी के मैदान में स्थित है?

    Options:
    1. ब्रह्मपुत्र
    2. गंगा
    3. यमुना
    4. लूनी

    Correct Option: A

    Explanation:

    माजुली द्वीप असम में ब्रह्मपुत्र नदी के भीतर स्थित प्रसिद्ध नदी द्वीप है। लेख इसे भारत का सबसे बड़ा नदी द्वीप बताता है और इसका क्षेत्रफल लगभग 930 वर्ग किलोमीटर देता है। नदी द्वीपों का निर्माण अवसादों के जमाव और नदी की शाखाओं के बीच भूमि के अलग-थलग पड़ने से होता है।

  9. ब्रह्मपुत्र मैदान की प्रमुख फसलें कौन-सी बताई गई हैं?

    Options:
    1. कॉफी और चाय ही केवल
    2. गेहूँ और कपास
    3. ज्वार और बाजरा
    4. चावल और पटसन

    Correct Option: D

    Explanation:

    ब्रह्मपुत्र मैदान के उपजाऊ जलोढ़ क्षेत्रों में चावल और पटसन प्रमुख फसलें हैं। पर्याप्त वर्षा, जल की उपलब्धता और जलोढ़ मिट्टी इन फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करती हैं। पटसन को गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है, जबकि चावल की खेती भी पानी की पर्याप्त उपलब्धता वाले क्षेत्रों में व्यापक है।

  10. ब्रह्मपुत्र मैदान की असम घाटी को ऊपरी और निचली घाटी में बाँटने के लिए किस देशांतर का उपयोग बताया गया है?

    Options:
    1. 100° पूर्व
    2. 90° पूर्व
    3. 94° पूर्व
    4. 88° पूर्व

    Correct Option: C

    Explanation:

    लेख के अनुसार असम घाटी का ऊपरी और निचला भागों में विभाजन 94° पूर्वी देशांतर के आधार पर किया जाता है। देशांतर रेखाएँ पूर्व-पश्चिम स्थिति बताने वाले काल्पनिक अर्धवृत्त हैं। किसी क्षेत्र का प्रादेशिक विभाजन करते समय देशांतर, ऊँचाई, नदी-प्रणाली या वर्षा जैसी भौगोलिक सीमाओं का उपयोग किया जा सकता है।

  11. ब्रह्मपुत्र मैदान में उत्तर की सहायक नदियों द्वारा बनने वाली प्रमुख निक्षेपात्मक आकृति कौन-सी है?

    Options:
    1. समुद्री मेहराब
    2. डेल्टा
    3. हिमानी मोरेन
    4. जलोढ़ पंख

    Correct Option: D

    Explanation:

    ब्रह्मपुत्र की उत्तरी सहायक नदियाँ पर्वतीय क्षेत्र से मैदान में उतरते समय अपनी गति खोती हैं और जलोढ़ पंख जैसी निक्षेपात्मक आकृतियाँ बना सकती हैं। इन पंखों में जमा अवसाद जल-निकास को प्रभावित कर सकते हैं और सहायक नदियों को विसर्प बनाते हुए मुख्य नदी के समानांतर बहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इससे तटबंध, बिल और गोखुर झीलें विकसित हो सकती हैं।

  12. हिमालय का अनुदैर्ध्य विभाजन मुख्यतः किस आधार पर किया जाता है?

    Options:
    1. केवल राजनीतिक सीमाओं के आधार पर
    2. केवल नदियों की लंबाई के आधार पर
    3. पूर्व-पश्चिम फैली समानांतर पर्वत श्रेणियों के आधार पर
    4. केवल वर्षा की मात्रा के आधार पर

    Correct Option: C

    Explanation:

    अनुदैर्ध्य विभाजन हिमालय की समानांतर पर्वत पट्टियों और उनकी ऊँचाई, स्थिति तथा भौतिक विशेषताओं पर आधारित है। उत्तर से दक्षिण की ओर ट्रांस-हिमालय, महान हिमालय (हिमाद्रि), लघु हिमालय (हिमाचल) और शिवालिक प्रमुख इकाइयाँ हैं।

  13. मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित पर्वतीय क्षेत्र कौन-सा है?

    Options:
    1. शिवालिक
    2. हिमाचल
    3. पूर्वी घाट
    4. ट्रांस-हिमालय

    Correct Option: D

    Explanation:

    ट्रांस-हिमालय मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित है। काराकोरम, लद्दाख और जास्कर जैसी श्रेणियाँ सामान्यतः इसमें गिनी जाती हैं। यहाँ ऊँचे पर्वत, हिमनद, ठंडी शुष्क जलवायु और ऊँची नदी घाटियाँ मिलती हैं।

  14. महान हिमालय का दूसरा नाम क्या है?

    Options:
    1. हिमाद्रि
    2. हिमाचल
    3. काराकोरम
    4. शिवालिक

    Correct Option: A

    Explanation:

    महान हिमालय को हिमाद्रि कहा जाता है। यह मुख्य हिमालय की सबसे ऊँची और अधिक निरंतर श्रेणी है। इसमें अनेक 6,000 मीटर से ऊँची चोटियाँ और बड़े हिमनद मिलते हैं, जो हिमालयी नदियों के जल-संसाधनों में योगदान करते हैं।

  15. लघु हिमालय को किस नाम से भी जाना जाता है?

    Options:
    1. शिवालिक
    2. ट्रांस-हिमालय
    3. हिमाचल
    4. हिमाद्रि

    Correct Option: C

    Explanation:

    लघु हिमालय या हिमाचल, महान हिमालय के दक्षिण और शिवालिक के उत्तर में स्थित है। इसकी प्रमुख श्रेणियों में पीर पंजाल और धौलाधार शामिल हैं। यहाँ घाटियाँ, वन, पहाड़ी नगर और पर्यटन स्थल पाए जाते हैं।

  16. हिमालय की सबसे दक्षिणी और बाहरी प्रमुख श्रेणी कौन-सी है?

    Options:
    1. हिमाद्रि
    2. काराकोरम
    3. शिवालिक
    4. जास्कर

    Correct Option: C

    Explanation:

    शिवालिक हिमालय की बाहरी तथा सबसे दक्षिणी प्रमुख श्रेणी है। यह अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेपों से बनी है और महान हिमालय की तुलना में कम ऊँची है। इसके दक्षिण में भाबर और तराई जैसे तलहटी क्षेत्र मिलते हैं।

  17. उत्तर से दक्षिण की ओर प्रमुख हिमालयी श्रेणियों का सही क्रम कौन-सा है?

    Options:
    1. हिमाद्रि–हिमाचल–शिवालिक
    2. हिमाद्रि–शिवालिक–हिमाचल
    3. शिवालिक–हिमाचल–हिमाद्रि
    4. हिमाचल–शिवालिक–हिमाद्रि

    Correct Option: A

    Explanation:

    मुख्य हिमालयी पट्टियों का सामान्य उत्तर-दक्षिण क्रम हिमाद्रि, हिमाचल और शिवालिक है। ट्रांस-हिमालय इन मुख्य पट्टियों के उत्तर में स्थित है। इस क्रम से ऊँचाई, हिमावरण और स्थलाकृति में होने वाले बदलाव समझे जा सकते हैं।

  18. हिमालय की सबसे ऊँची और अधिक निरंतर श्रेणी कौन-सी है?

    Options:
    1. शिवालिक
    2. पीर पंजाल
    3. अरावली
    4. महान हिमालय

    Correct Option: D

    Explanation:

    महान हिमालय या हिमाद्रि हिमालय की सर्वोच्च प्रमुख श्रेणी है। इसकी ऊँचाई और हिमाच्छादन के कारण यहाँ बड़े हिमनद और ऊँची चोटियाँ मिलती हैं। हिमालय की अन्य श्रेणियों की तुलना में इसकी पर्वतीय दीवार अधिक ऊँची और निरंतर है।

  19. हिमाद्रि की ऊँचाई की विशेषता क्या है?

    Options:
    1. इसमें अनेक चोटियाँ 6,000 मीटर से अधिक ऊँची हैं
    2. यह हिमालय की सबसे नीची श्रेणी है
    3. यह केवल 1,000 मीटर तक ऊँची है
    4. यह सामान्यतः 500 मीटर से कम है

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमाद्रि में अनेक चोटियाँ 6,000 मीटर से अधिक ऊँची हैं। इसकी ऊँचाई के कारण हिमावरण और हिमनद व्यापक हैं। पूरी श्रेणी की ऊँचाई समान नहीं होती, लेकिन यह हिमालय की सबसे ऊँची प्रमुख पर्वतीय पट्टी है।

  20. ऊँची चोटियों और बड़े हिमनदों का विशेष संबंध किस श्रेणी से है?

    Options:
    1. महान हिमालय (हिमाद्रि)
    2. भाबर
    3. तराई
    4. शिवालिक

    Correct Option: A

    Explanation:

    महान हिमालय में अनेक ऊँची चोटियाँ और बड़े हिमनद पाए जाते हैं। हिमनदों का पिघला जल कई नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं में योगदान देता है। अन्य ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों, जैसे ट्रांस-हिमालय, में भी हिमनद मौजूद हैं।

Test Your Preparation!

Practice topic-wise MCQs with explanations to prepare for competitive exams and improve your concepts