भारतीय मानसून

  1. दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में मुख्यतः किन दो शाखाओं में विभाजित होता है?

    Options:
    1. हिंद महासागर शाखा और प्रशांत महासागर शाखा
    2. अरब सागर शाखा और लाल सागर शाखा
    3. अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा
    4. बंगाल की खाड़ी शाखा और भूमध्यसागरीय शाखा

    Correct Option: C

    Explanation:

    भारत की स्थलाकृति और दोनों ओर स्थित समुद्री क्षेत्रों के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो प्रमुख शाखाएँ मानी जाती हैं—अरब सागर शाखा तथा बंगाल की खाड़ी शाखा। दोनों शाखाएँ देश के अलग-अलग भागों में वर्षा कराती हैं और आगे चलकर उत्तरी मैदानों के आसपास मिल सकती हैं।

  2. अरब सागर शाखा सामान्यतः सबसे पहले भारत के किस तट पर मानसूनी वर्षा लाती है?

    Options:
    1. गुजरात का कच्छ तट
    2. ओडिशा का तट
    3. केरल का पश्चिमी तट
    4. पश्चिम बंगाल का तट

    Correct Option: C

    Explanation:

    दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य आगमन केरल तट पर जून के आरंभ में माना जाता है। अरब सागर से आने वाली नम पवनें पश्चिमी तट पर पहुँचती हैं और पश्चिमी घाट से टकराकर भारी वर्षा कराती हैं। आगमन की वास्तविक तारीख हर वर्ष बदल सकती है।

  3. अरब सागर शाखा के कारण पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. पर्वतीय अवरोध के कारण नम वायु का ऊपर उठना
    2. वायु का नीचे उतरकर गर्म होना
    3. समुद्र से दूरी बहुत अधिक होना
    4. स्थानीय हिमपात का पिघलना

    Correct Option: A

    Explanation:

    नम मानसूनी वायु पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती है। ऊँचाई बढ़ने पर वायु ठंडी होती है, जलवाष्प संघनित होता है और ओरोग्राफिक वर्षा होती है। इसलिए पश्चिमी ढाल और तटीय पट्टी में वर्षा अधिक होती है।

  4. पश्चिमी घाट के पूर्व में दक्कन के कुछ भागों में अपेक्षाकृत कम वर्षा क्यों होती है?

    Options:
    1. वहाँ मानसूनी पवनें कभी पहुँचती ही नहीं
    2. वहाँ पूरे वर्ष हिमपात होता है
    3. वे पश्चिमी घाट के वर्षाछाया क्षेत्र में स्थित हैं
    4. वहाँ समुद्री आर्द्रता अत्यधिक अधिक होती है

    Correct Option: C

    Explanation:

    पश्चिमी घाट पार करने के बाद वायु का बड़ा भाग नमी खो चुका होता है और नीचे उतरते समय गर्म होता है। इससे सापेक्ष आर्द्रता घटती है तथा पूर्वी ओर वर्षा कम हो सकती है। ऐसे क्षेत्र को वर्षाछाया क्षेत्र कहते हैं।

  5. अरब सागर शाखा की वह धारा जो मुंबई के उत्तर में तट से टकराकर मध्य भारत की ओर बढ़ती है, मुख्यतः किन घाटियों का अनुसरण करती है?

    Options:
    1. गंगा और यमुना घाटियाँ
    2. नर्मदा और तापी घाटियाँ
    3. गोदावरी और कृष्णा घाटियाँ
    4. ब्रह्मपुत्र और बराक घाटियाँ

    Correct Option: B

    Explanation:

    अरब सागर शाखा का एक भाग मुंबई के उत्तर में तट से टकराकर नर्मदा और तापी की घाटियों के सहारे मध्य भारत की ओर बढ़ता है। यह मध्य भारत में वर्षा में योगदान देता है और आगे गंगा के मैदान की ओर पहुँच सकता है।

  6. अरब सागर शाखा की तीसरी प्रमुख धारा किन क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ती है?

    Options:
    1. असम, मेघालय और त्रिपुरा
    2. सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिमी राजस्थान
    3. तमिलनाडु और आंध्र तट
    4. बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश בלבד

    Correct Option: B

    Explanation:

    अरब सागर शाखा का एक भाग सौराष्ट्र और कच्छ की ओर बढ़ता है तथा पश्चिमी राजस्थान और अरावली के आसपास आगे जाता है। इस मार्ग में वर्षा सामान्यतः कम होती है, क्योंकि अरावली की दिशा मानसूनी पवनों के लिए प्रभावी अवरोध नहीं बनती।

  7. अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी राजस्थान में व्यापक वर्षा कराने में सीमित प्रभाव का एक प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. अरावली समुद्र के भीतर स्थित है
    2. अरावली हिमालय से ऊँची है
    3. अरावली पर वर्ष भर हिमावरण रहता है
    4. अरावली की दिशा मानसूनी पवनों के लगभग समानांतर है

    Correct Option: D

    Explanation:

    अरावली पर्वतमाला की सामान्य दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर है, जो अरब सागर से आने वाली पवनों के प्रवाह के लगभग समानांतर पड़ती है। इसलिए पवनों को व्यापक रूप से ऊपर उठाने वाला अवरोध कम मिलता है और पश्चिमी राजस्थान में वर्षा कम रहती है।

  8. बंगाल की खाड़ी शाखा भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ने से पहले किस पर्वतीय क्षेत्र से प्रभावित होती है?

    Options:
    1. नीलगिरि पर्वत
    2. सतपुड़ा पर्वत
    3. म्यांमार के अराकान पर्वत
    4. विंध्य पर्वत

    Correct Option: C

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा का एक बड़ा भाग म्यांमार के तटीय अराकान पर्वतों से प्रभावित होकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ता है। इसके कारण यह पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में दक्षिण या दक्षिण-पूर्व से प्रवेश करती दिखाई दे सकती है।

  9. बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत में विशेष रूप से अधिक वर्षा क्यों कराती है?

    Options:
    1. नम वायु का पहाड़ियों से टकराकर तीव्रता से ऊपर उठना
    2. यह शाखा मरुस्थल से होकर आती है
    3. यहाँ समुद्र तल से नीचे मैदान हैं
    4. यह शाखा केवल शीतकाल में सक्रिय होती है

    Correct Option: A

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने वाली पवनें पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों से टकराती हैं। खासी और गारो पहाड़ियों जैसे स्थलरूप वायु को ऊपर उठाते हैं, जिससे भारी ओरोग्राफिक वर्षा होती है। मेघालय के कुछ स्थानों पर इसी कारण अत्यधिक वर्षा दर्ज होती है।

  10. मौसिनराम और चेरापूंजी में अत्यधिक वर्षा का भौगोलिक कारण मुख्यतः क्या है?

    Options:
    1. अरब सागर शाखा का थार मरुस्थल में रुकना
    2. पश्चिमी विक्षोभों का वर्ष भर प्रभाव
    3. बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पवनों का खासी पहाड़ियों से टकराना
    4. हिमालय के उत्तर में स्थित होना

    Correct Option: C

    Explanation:

    मौसिनराम और चेरापूंजी मेघालय की खासी पहाड़ियों के निकट स्थित हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली अत्यधिक नम पवनें पहाड़ियों से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिससे बहुत अधिक वर्षा होती है। स्थानीय स्थलाकृति और पवनों की दिशा इस वर्षा को बढ़ाती है।

  11. हिमालय के दक्षिणी ढाल और तराई क्षेत्र में अधिक वर्षा होने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. हिमालय मानसून को पूरी तरह रोककर समुद्र में लौटा देता है
    2. यह क्षेत्र भूमध्य रेखा पर स्थित है
    3. यहाँ वर्षा केवल पश्चिमी विक्षोभ से होती है
    4. हिमालय मानसूनी पवनों के लिए पर्वतीय अवरोध बनता है

    Correct Option: D

    Explanation:

    हिमालय मानसूनी पवनों को उत्तर की ओर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने से रोकता है और उन्हें ऊपर उठने पर मजबूर करता है। इससे दक्षिणी ढाल तथा हिमालय की तलहटी में वर्षा बढ़ सकती है। पर्वतीय अवरोध मानसून के वितरण का महत्वपूर्ण नियंत्रक है।

  12. बंगाल की खाड़ी शाखा हिमालय की तलहटी तक पहुँचने के बाद सामान्यतः किस दिशा में मुड़ती है?

    Options:
    1. पश्चिम की ओर गंगा के मैदानों में
    2. दक्षिण की ओर हिंद महासागर में
    3. पूर्व की ओर प्रशांत महासागर में
    4. उत्तर की ओर तिब्बत के पार

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय बंगाल की खाड़ी शाखा के उत्तर की ओर विस्तार को रोकता है। परिणामस्वरूप पवनें हिमालय की तलहटी के साथ पश्चिम की ओर मुड़कर गंगा के मैदानों में आगे बढ़ती हैं। इसी प्रक्रिया से पूर्वी और उत्तरी भारत के विस्तृत भागों में वर्षा होती है।

  13. गंगा के मैदान में सामान्यतः पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा घटने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. बंगाल की खाड़ी शाखा आगे बढ़ते हुए क्रमशः नमी खोती जाती है
    2. पश्चिमी भाग समुद्र के अधिक निकट हैं
    3. पूर्वी भारत में कोई पर्वत नहीं है
    4. पश्चिम की ओर तापमान हमेशा शून्य से नीचे रहता है

    Correct Option: A

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वी भारत में प्रवेश करने के बाद गंगा के मैदान के साथ पश्चिम की ओर बढ़ती है। मार्ग में वर्षा के रूप में नमी निकलती जाती है और समुद्र से दूरी भी बढ़ती है, इसलिए सामान्यतः पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा कम होती है। स्थानीय अपवाद संभव हैं।

  14. पंजाब और हरियाणा में मानसूनी वर्षा के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

    Options:
    1. यहाँ केवल उत्तर-पूर्वी मानसून वर्षा करता है
    2. यहाँ मानसूनी वर्षा बिल्कुल नहीं होती
    3. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी शाखाओं का प्रभाव यहाँ मिल सकता है
    4. यहाँ वर्षा का एकमात्र स्रोत भूमध्यसागरीय चक्रवात हैं

    Correct Option: C

    Explanation:

    पंजाब और हरियाणा में बंगाल की खाड़ी शाखा पश्चिम की ओर बढ़ती है और अरब सागर शाखा का पश्चिमोत्तर प्रवाह भी प्रभाव डाल सकता है। दोनों धाराओं के मिलने या परस्पर प्रभाव से वर्षा होती है, हालांकि मात्रा और समय में क्षेत्रीय अंतर रहता है।

  15. कौन-सी शाखा पश्चिमी तट पर भारी वर्षा और दक्कन के पठार के कुछ भागों में वर्षाछाया की स्थिति से विशेष रूप से जुड़ी है?

    Options:
    1. बंगाल की खाड़ी शाखा
    2. उत्तर-पूर्वी मानसून
    3. पश्चिमी विक्षोभ
    4. अरब सागर शाखा

    Correct Option: D

    Explanation:

    अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा कराती है। घाट पार करने के बाद वायु की नमी घटने से दक्कन के पठार के कुछ भाग अपेक्षाकृत शुष्क रहते हैं। इसीलिए पश्चिमी तट और आंतरिक पठारी भागों में वर्षा का स्पष्ट अंतर मिलता है।

  16. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

    Options:
    1. बंगाल की खाड़ी शाखा — थार मरुस्थल में सर्वाधिक वर्षा
    2. अरब सागर शाखा — पश्चिमी घाट पर ओरोग्राफिक वर्षा
    3. अरब सागर शाखा — मौसिनराम की वर्षा का एकमात्र कारण
    4. बंगाल की खाड़ी शाखा — पश्चिमी घाट के पूर्वी वर्षाछाया क्षेत्र का एकमात्र कारण

    Correct Option: B

    Explanation:

    अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती है और पश्चिमी ढाल पर भारी ओरोग्राफिक वर्षा कराती है। मौसिनराम की अत्यधिक वर्षा मुख्यतः बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पवनों और खासी पहाड़ियों की स्थलाकृति से जुड़ी है। थार मरुस्थल में वर्षा कम होती है।

  17. कथन 1: अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा कराती है। कथन 2: पश्चिमी घाट पार करने के बाद वायु में नमी सामान्यतः बढ़ जाती है। सही विकल्प चुनिए।

    Options:
    1. केवल कथन 2 सही है
    2. दोनों कथन सही हैं
    3. केवल कथन 1 सही है
    4. दोनों कथन गलत हैं

    Correct Option: C

    Explanation:

    पहला कथन सही है क्योंकि नम वायु पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती है और वर्षा करती है। दूसरा कथन गलत है: वर्षा के दौरान वायु नमी खो देती है, और घाट के पूर्वी ओर उतरते समय गर्म होकर अधिक शुष्क हो सकती है।

  18. निम्न में से कौन-सा क्षेत्र बंगाल की खाड़ी शाखा से मिलने वाली प्रचुर मानसूनी नमी के लिए प्रसिद्ध है?

    Options:
    1. लद्दाख का शीत मरुस्थल
    2. पश्चिमी थार
    3. असम और मेघालय
    4. कच्छ का रण

    Correct Option: C

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत तक नमी पहुँचाती है। असम की ब्रह्मपुत्र घाटी और मेघालय की पहाड़ियों में वर्षा उल्लेखनीय होती है। इसके विपरीत लद्दाख, थार और कच्छ के कई भाग शुष्क जलवायु के लिए जाने जाते हैं।

  19. अरब सागर शाखा के नर्मदा-तापी मार्ग का भारत की वर्षा में क्या महत्व है?

    Options:
    1. यह केवल तमिलनाडु में शीतकालीन वर्षा कराता है
    2. यह हिमालय के उत्तर में वर्षा रोकता है
    3. यह अंडमान सागर से सीधे लद्दाख जाता है
    4. यह मध्य भारत के कुछ भागों में मानसूनी वर्षा पहुँचाता है

    Correct Option: D

    Explanation:

    नर्मदा और तापी घाटियाँ अरब सागर तट से मध्य भारत की ओर अपेक्षाकृत अनुकूल मार्ग प्रदान करती हैं। इस धारा से मध्य भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा होती है और आगे यह गंगा के मैदानों में अन्य मानसूनी प्रवाहों से मिल सकती है।

  20. किस कारण से बंगाल की खाड़ी शाखा का एक भाग बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पूर्वी दिशा से प्रवेश कर सकता है?

    Options:
    1. अरावली पर्वतमाला द्वारा पवनों का विक्षेपण
    2. अराकान पर्वतों द्वारा पवनों का विक्षेपण
    3. सतपुड़ा द्वारा मानसून का पूर्ण अवरोध
    4. थार मरुस्थल में उच्च हिमावरण

    Correct Option: B

    Explanation:

    म्यांमार के तटीय अराकान पर्वत बंगाल की खाड़ी से आने वाली पवनों को विक्षेपित करते हैं। इस कारण पवनों का एक बड़ा भाग भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ता है और पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश में दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा से पहुँच सकता है।

Test Your Preparation!

Practice topic-wise MCQs with explanations to prepare for competitive exams and improve your concepts