भारतीय मानसून
-
किस कथन में अरब सागर शाखा की तीन धाराओं का सही वर्णन है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अरब सागर शाखा को मुख्यतः तीन धाराओं में समझाया जाता है: एक पश्चिमी घाट से टकराती है, दूसरी मुंबई के उत्तर से नर्मदा-तापी घाटियों के सहारे मध्य भारत में जाती है और तीसरी सौराष्ट्र-कच्छ तथा पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ती है।
-
पवनाभिमुख ढाल (windward slope) का अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पवनाभिमुख ढाल वह ओर होती है जिसका सामना प्रचलित नम पवनों से होता है। पवनें इस ढाल पर ऊपर उठती हैं, ठंडी होती हैं और वर्षा कराती हैं। इसके विपरीत ओर को पवन-विमुख ढाल कहते हैं, जहाँ वर्षाछाया की स्थिति बन सकती है।
-
वर्षाछाया क्षेत्र बनने की प्रक्रिया में कौन-सी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पर्वत के पवनाभिमुख ढाल पर वर्षा के बाद वायु दूसरी ओर उतरती है। नीचे उतरते समय उसका दबाव बढ़ता है और वह गर्म होती है, जिससे सापेक्ष आर्द्रता कम हो जाती है। फलस्वरूप पवन-विमुख क्षेत्र में वर्षा अपेक्षाकृत कम होती है।
-
भारत के पश्चिमी तट पर मानसूनी वर्षा के वितरण को समझने में कौन-सा कारक सबसे प्रत्यक्ष है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पश्चिमी घाट अरब सागर से आने वाली नम पवनों के रास्ते में खड़े हैं। उनकी स्थिति, ऊँचाई और ढाल के कारण वायु ऊपर उठती है और तटीय क्षेत्र में भारी वर्षा होती है। स्थलाकृति के कारण पश्चिमी तट और आंतरिक दक्कन में वर्षा का अंतर स्पष्ट है।
-
किस क्षेत्र में अरब सागर शाखा की तुलना में बंगाल की खाड़ी शाखा का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ब्रह्मपुत्र घाटी में पूर्वोत्तर से आने वाली बंगाल की खाड़ी शाखा का प्रभाव प्रमुख है। यह शाखा बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करके पूर्वोत्तर भारत पहुँचती है और स्थानीय स्थलाकृति के साथ मिलकर व्यापक वर्षा कराती है।
-
कौन-सा कथन सही है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी शाखाएँ अलग-अलग मार्गों से भारत में वर्षा कराती हैं, लेकिन उत्तर भारत के मैदानों में इनके प्रवाह का प्रभाव मिल सकता है। शाखाओं की स्थिति और मानसूनी निम्नदाब प्रणालियों के अनुसार वर्षा का वितरण बदलता रहता है।
-
भारत में मानसून की दो शाखाओं का विभाजन मुख्यतः किस व्यापक भौगोलिक स्थिति से संबंधित है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दक्षिण-पश्चिम मानसून भारतीय क्षेत्र के पास पहुँचकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से संबंधित दो प्रमुख प्रवाहों के रूप में आगे बढ़ता है। समुद्रों की स्थिति, प्रायद्वीपीय भू-आकृति और पर्वतीय अवरोध इनके मार्ग तथा वर्षा के स्वरूप को प्रभावित करते हैं।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान पश्चिमी घाट के वर्षाछाया प्रभाव का उदाहरण समझने के लिए उपयुक्त है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पश्चिमी घाट के पूर्व में दक्कन के कुछ आंतरिक भाग पवन-विमुख स्थिति में हैं। पश्चिमी ढाल पर नमी बरस जाने और वायु के नीचे उतरकर गर्म होने से इन क्षेत्रों में वर्षा कम होती है। यह वर्षाछाया प्रभाव का प्रमुख उदाहरण है।
-
बंगाल की खाड़ी शाखा गंगा के मैदान में पश्चिम की ओर बढ़ते हुए किस प्राकृतिक अवरोध के कारण उत्तर की ओर आसानी से आगे नहीं बढ़ पाती?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
हिमालय एक विशाल पर्वतीय अवरोध है। बंगाल की खाड़ी शाखा के उत्तर की ओर प्रवाह को रोककर यह उसे हिमालय की तलहटी के साथ पश्चिम की ओर मोड़ता है। इससे गंगा के मैदान में मानसूनी वर्षा का प्रसार होता है।
-
किस विकल्प में क्षेत्र और मानसूनी शाखा का संबंध गलत दिया गया है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
मौसिनराम में अत्यधिक वर्षा का प्रमुख संबंध बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पवनों और खासी पहाड़ियों की स्थलाकृति से है, न कि केवल अरब सागर शाखा से। अन्य युग्म अपने-अपने मानसूनी मार्गों और प्रभावों के अनुरूप हैं।
-
यदि पश्चिमी घाट का अवरोध न होता, तो अरब सागर से आने वाली नम पवनों के वर्षा-वितरण पर क्या प्रभाव पड़ सकता था?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पश्चिमी घाट नम अरब सागरीय पवनों को ऊपर उठाकर भारी वर्षा कराने में महत्वपूर्ण है। इस पर्वतीय अवरोध के बिना वायु का आरोहण और वर्षा का स्थानीय संकेंद्रण अलग हो सकता था। इसका अर्थ यह नहीं कि मानसून पूरी तरह समाप्त हो जाता।
-
किस शाखा का मार्ग पूर्वोत्तर भारत से गंगा के मैदानों की ओर मुड़ने के लिए जाना जाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
बंगाल की खाड़ी शाखा पहले पूर्वोत्तर भारत में वर्षा कराती है। हिमालय की तलहटी पर पहुँचने के बाद इसका प्रवाह पश्चिम की ओर मुड़कर गंगा के मैदानों में फैलता है। यह मार्ग भारत में मानसूनी वर्षा के पूर्व-पश्चिम वितरण को प्रभावित करता है।
-
भारत के किस भाग में अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा के परस्पर मिलने का प्रभाव अक्सर बताया जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दोनों शाखाओं के प्रवाह का प्रभाव उत्तरी मैदानों में मिल सकता है और कई भूगोल पाठ्य-स्रोत दिल्ली के आसपास इनके संगम/एकीकृत प्रवाह का उल्लेख करते हैं। वास्तविक स्थिति हर मौसम में समान नहीं रहती, क्योंकि मानसूनी द्रोणी और निम्नदाब प्रणालियाँ बदलती रहती हैं।
-
कौन-सा विकल्प ओरोग्राफिक वर्षा की सही व्याख्या करता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ओरोग्राफिक वर्षा तब होती है जब नम वायु पर्वतीय अवरोध से टकराकर ऊपर उठती है। ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, संघनन होता है और वर्षा होती है। पश्चिमी घाट तथा मेघालय की पहाड़ियों में इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण योगदान है।
-
किस कथन से स्पष्ट होता है कि मानसूनी शाखाओं का वर्षा-वितरण एकसमान नहीं है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
मानसून की शाखाओं का मार्ग, नमी की मात्रा, पर्वतीय अवरोध और समुद्र से दूरी वर्षा को क्षेत्रानुसार बदलते हैं। पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा तथा पूर्वी ओर कुछ क्षेत्रों में वर्षाछाया इसका स्पष्ट उदाहरण है।
-
निम्न में से कौन-सा युग्म गलत है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
नर्मदा और तापी घाटियों का संबंध अरब सागर शाखा के एक प्रवाह से है, जो मध्य भारत की ओर बढ़ता है। अराकान पर्वत बंगाल की खाड़ी शाखा को विक्षेपित करते हैं, पश्चिमी घाट अरब सागर शाखा से भारी वर्षा प्राप्त करते हैं और खासी पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर में वर्षा बढ़ाती हैं।
-
अरब सागर शाखा के पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा कराने में कौन-सा संयोजन सहायक है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
अरब सागर शाखा का एक भाग सौराष्ट्र-कच्छ से पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ता है, लेकिन अरावली पर्वतमाला की दिशा पवनों को प्रभावी रूप से रोककर ऊपर उठाने में सीमित रहती है। समुद्र से दूरी और पवनों की नमी में कमी भी कम वर्षा में योगदान देती है।
-
कौन-सा कथन बंगाल की खाड़ी शाखा की वर्षा-प्रक्रिया के बारे में सही है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
बंगाल की खाड़ी शाखा समुद्र से नमी लेकर पूर्वोत्तर भारत पहुँचती है, जहाँ पहाड़ी अवरोधों से भारी वर्षा हो सकती है। आगे हिमालय की तलहटी से पश्चिम की ओर मुड़कर यह गंगा के मैदानों में वर्षा करती है।
-
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल पर वर्षा के दौरान वायु नमी खो देती है। घाट के पूर्वी भाग में नीचे उतरती वायु गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क हो सकती है। इसलिए यह कहना गलत है कि घाट पार करने के बाद वायु सामान्यतः और अधिक नम हो जाती है।
-
मानसूनी शाखाओं के अध्ययन में ‘विक्षेपण’ (deflection) का क्या अर्थ है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
विक्षेपण का अर्थ है किसी अवरोध के कारण पवनों के मार्ग या दिशा में बदलाव। बंगाल की खाड़ी शाखा का एक बड़ा भाग म्यांमार के अराकान पर्वतों से प्रभावित होकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ता है।