भारतीय मानसून

  1. किस कथन में अरब सागर शाखा की तीन धाराओं का सही वर्णन है?

    Options:
    1. हिमालय पार करने वाली, गंगा से दक्षिण जाने वाली और थार में समाप्त होने वाली
    2. पश्चिमी घाट से टकराने वाली, नर्मदा-तापी घाटियों से बढ़ने वाली और सौराष्ट्र-कच्छ की ओर जाने वाली
    3. केवल बंगाल की खाड़ी में घूमने वाली तीन धाराएँ
    4. केवल अंडमान-निकोबार में वर्षा कराने वाली धाराएँ

    Correct Option: B

    Explanation:

    अरब सागर शाखा को मुख्यतः तीन धाराओं में समझाया जाता है: एक पश्चिमी घाट से टकराती है, दूसरी मुंबई के उत्तर से नर्मदा-तापी घाटियों के सहारे मध्य भारत में जाती है और तीसरी सौराष्ट्र-कच्छ तथा पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ती है।

  2. पवनाभिमुख ढाल (windward slope) का अर्थ क्या है?

    Options:
    1. पर्वत की वह ढाल जो हमेशा सूर्य से दूर रहती है
    2. वह ढाल जहाँ कोई हवा नहीं पहुँचती
    3. पर्वत की सबसे ऊँची चोटी का नाम
    4. वह ढाल जिसकी ओर नम पवनें सीधे आकर टकराती हैं

    Correct Option: D

    Explanation:

    पवनाभिमुख ढाल वह ओर होती है जिसका सामना प्रचलित नम पवनों से होता है। पवनें इस ढाल पर ऊपर उठती हैं, ठंडी होती हैं और वर्षा कराती हैं। इसके विपरीत ओर को पवन-विमुख ढाल कहते हैं, जहाँ वर्षाछाया की स्थिति बन सकती है।

  3. वर्षाछाया क्षेत्र बनने की प्रक्रिया में कौन-सी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है?

    Options:
    1. वायु का लगातार ऊपर उठना और ठंडा होना
    2. पवन-विमुख ढाल पर वायु का नीचे उतरना और गर्म होना
    3. समुद्री जल का जमकर हिमनद बनना
    4. पवनों का पूरी तरह स्थिर हो जाना

    Correct Option: B

    Explanation:

    पर्वत के पवनाभिमुख ढाल पर वर्षा के बाद वायु दूसरी ओर उतरती है। नीचे उतरते समय उसका दबाव बढ़ता है और वह गर्म होती है, जिससे सापेक्ष आर्द्रता कम हो जाती है। फलस्वरूप पवन-विमुख क्षेत्र में वर्षा अपेक्षाकृत कम होती है।

  4. भारत के पश्चिमी तट पर मानसूनी वर्षा के वितरण को समझने में कौन-सा कारक सबसे प्रत्यक्ष है?

    Options:
    1. केवल देशांतर रेखाएँ
    2. केवल जनसंख्या घनत्व
    3. केवल मिट्टी का रंग
    4. पश्चिमी घाट की स्थिति और ऊँचाई

    Correct Option: D

    Explanation:

    पश्चिमी घाट अरब सागर से आने वाली नम पवनों के रास्ते में खड़े हैं। उनकी स्थिति, ऊँचाई और ढाल के कारण वायु ऊपर उठती है और तटीय क्षेत्र में भारी वर्षा होती है। स्थलाकृति के कारण पश्चिमी तट और आंतरिक दक्कन में वर्षा का अंतर स्पष्ट है।

  5. किस क्षेत्र में अरब सागर शाखा की तुलना में बंगाल की खाड़ी शाखा का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है?

    Options:
    1. ब्रह्मपुत्र घाटी
    2. कच्छ का रण
    3. मालाबार तट
    4. कोंकण तट

    Correct Option: A

    Explanation:

    ब्रह्मपुत्र घाटी में पूर्वोत्तर से आने वाली बंगाल की खाड़ी शाखा का प्रभाव प्रमुख है। यह शाखा बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करके पूर्वोत्तर भारत पहुँचती है और स्थानीय स्थलाकृति के साथ मिलकर व्यापक वर्षा कराती है।

  6. कौन-सा कथन सही है?

    Options:
    1. दोनों शाखाएँ हमेशा एक-दूसरे से अलग रहती हैं
    2. दोनों मानसूनी शाखाएँ उत्तरी मैदानों में एक-दूसरे के प्रभाव को मजबूत कर सकती हैं
    3. अरब सागर शाखा केवल सर्दियों में सक्रिय होती है
    4. बंगाल की खाड़ी शाखा भारत में प्रवेश नहीं करती

    Correct Option: B

    Explanation:

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी शाखाएँ अलग-अलग मार्गों से भारत में वर्षा कराती हैं, लेकिन उत्तर भारत के मैदानों में इनके प्रवाह का प्रभाव मिल सकता है। शाखाओं की स्थिति और मानसूनी निम्नदाब प्रणालियों के अनुसार वर्षा का वितरण बदलता रहता है।

  7. भारत में मानसून की दो शाखाओं का विभाजन मुख्यतः किस व्यापक भौगोलिक स्थिति से संबंधित है?

    Options:
    1. भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिण में समुद्री प्रवाह और स्थलरूपों के कारण
    2. हिमालय का भूमध्य रेखा पर स्थित होना
    3. भारत का पूरी तरह दक्षिणी गोलार्द्ध में होना
    4. अरब सागर का भारत से उत्तर में स्थित होना

    Correct Option: A

    Explanation:

    दक्षिण-पश्चिम मानसून भारतीय क्षेत्र के पास पहुँचकर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से संबंधित दो प्रमुख प्रवाहों के रूप में आगे बढ़ता है। समुद्रों की स्थिति, प्रायद्वीपीय भू-आकृति और पर्वतीय अवरोध इनके मार्ग तथा वर्षा के स्वरूप को प्रभावित करते हैं।

  8. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान पश्चिमी घाट के वर्षाछाया प्रभाव का उदाहरण समझने के लिए उपयुक्त है?

    Options:
    1. मेघालय की खासी पहाड़ियाँ
    2. बंगाल की खाड़ी का मध्य भाग
    3. घाट के पूर्व में स्थित दक्कन के आंतरिक भाग
    4. अंडमान सागर का खुला समुद्र

    Correct Option: C

    Explanation:

    पश्चिमी घाट के पूर्व में दक्कन के कुछ आंतरिक भाग पवन-विमुख स्थिति में हैं। पश्चिमी ढाल पर नमी बरस जाने और वायु के नीचे उतरकर गर्म होने से इन क्षेत्रों में वर्षा कम होती है। यह वर्षाछाया प्रभाव का प्रमुख उदाहरण है।

  9. बंगाल की खाड़ी शाखा गंगा के मैदान में पश्चिम की ओर बढ़ते हुए किस प्राकृतिक अवरोध के कारण उत्तर की ओर आसानी से आगे नहीं बढ़ पाती?

    Options:
    1. हिमालय पर्वतमाला
    2. पूर्वी घाट
    3. नीलगिरि पर्वत
    4. अरावली पर्वतमाला

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय एक विशाल पर्वतीय अवरोध है। बंगाल की खाड़ी शाखा के उत्तर की ओर प्रवाह को रोककर यह उसे हिमालय की तलहटी के साथ पश्चिम की ओर मोड़ता है। इससे गंगा के मैदान में मानसूनी वर्षा का प्रसार होता है।

  10. किस विकल्प में क्षेत्र और मानसूनी शाखा का संबंध गलत दिया गया है?

    Options:
    1. पश्चिमी घाट — अरब सागर शाखा
    2. मौसिनराम — केवल अरब सागर शाखा
    3. ब्रह्मपुत्र घाटी — बंगाल की खाड़ी शाखा
    4. नर्मदा-तापी घाटियाँ — अरब सागर शाखा

    Correct Option: B

    Explanation:

    मौसिनराम में अत्यधिक वर्षा का प्रमुख संबंध बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पवनों और खासी पहाड़ियों की स्थलाकृति से है, न कि केवल अरब सागर शाखा से। अन्य युग्म अपने-अपने मानसूनी मार्गों और प्रभावों के अनुरूप हैं।

  11. यदि पश्चिमी घाट का अवरोध न होता, तो अरब सागर से आने वाली नम पवनों के वर्षा-वितरण पर क्या प्रभाव पड़ सकता था?

    Options:
    1. भारत में मानसून पूरी तरह समाप्त हो जाता
    2. पश्चिमी ढाल पर होने वाली तीव्र ओरोग्राफिक वर्षा का स्वरूप बदल सकता था
    3. बंगाल की खाड़ी शाखा अरब सागर में बदल जाती
    4. हिमालय का अस्तित्व समाप्त हो जाता

    Correct Option: B

    Explanation:

    पश्चिमी घाट नम अरब सागरीय पवनों को ऊपर उठाकर भारी वर्षा कराने में महत्वपूर्ण है। इस पर्वतीय अवरोध के बिना वायु का आरोहण और वर्षा का स्थानीय संकेंद्रण अलग हो सकता था। इसका अर्थ यह नहीं कि मानसून पूरी तरह समाप्त हो जाता।

  12. किस शाखा का मार्ग पूर्वोत्तर भारत से गंगा के मैदानों की ओर मुड़ने के लिए जाना जाता है?

    Options:
    1. अरब सागर शाखा की केवल तटीय धारा
    2. उत्तर-पूर्वी शीतकालीन पवनें
    3. पश्चिमी विक्षोभ
    4. बंगाल की खाड़ी शाखा

    Correct Option: D

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा पहले पूर्वोत्तर भारत में वर्षा कराती है। हिमालय की तलहटी पर पहुँचने के बाद इसका प्रवाह पश्चिम की ओर मुड़कर गंगा के मैदानों में फैलता है। यह मार्ग भारत में मानसूनी वर्षा के पूर्व-पश्चिम वितरण को प्रभावित करता है।

  13. भारत के किस भाग में अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा के परस्पर मिलने का प्रभाव अक्सर बताया जाता है?

    Options:
    1. केवल लक्षद्वीप के दक्षिण में
    2. उत्तर भारत के मैदानों में, दिल्ली के आसपास सहित
    3. केवल अंडमान द्वीपसमूह में
    4. केवल कच्छ के रण में

    Correct Option: B

    Explanation:

    दोनों शाखाओं के प्रवाह का प्रभाव उत्तरी मैदानों में मिल सकता है और कई भूगोल पाठ्य-स्रोत दिल्ली के आसपास इनके संगम/एकीकृत प्रवाह का उल्लेख करते हैं। वास्तविक स्थिति हर मौसम में समान नहीं रहती, क्योंकि मानसूनी द्रोणी और निम्नदाब प्रणालियाँ बदलती रहती हैं।

  14. कौन-सा विकल्प ओरोग्राफिक वर्षा की सही व्याख्या करता है?

    Options:
    1. नम वायु पर्वत पर ऊपर उठकर ठंडी होती है और वर्षा करती है
    2. गर्म वायु बिना ठंडी हुए वर्षा करती है
    3. वर्षा केवल समुद्र के भीतर होती है
    4. वायु पर्वत से नीचे उतरते हुए हमेशा अधिक वर्षा करती है

    Correct Option: A

    Explanation:

    ओरोग्राफिक वर्षा तब होती है जब नम वायु पर्वतीय अवरोध से टकराकर ऊपर उठती है। ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, संघनन होता है और वर्षा होती है। पश्चिमी घाट तथा मेघालय की पहाड़ियों में इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण योगदान है।

  15. किस कथन से स्पष्ट होता है कि मानसूनी शाखाओं का वर्षा-वितरण एकसमान नहीं है?

    Options:
    1. भारत के सभी स्थानों पर समान वर्षा होती है
    2. वर्षा केवल समुद्र तट पर होती है
    3. पूर्वोत्तर भारत में मानसून नहीं पहुँचता
    4. पश्चिमी घाट पर भारी वर्षा, जबकि उसके पूर्व के कुछ भागों में कम वर्षा हो सकती है

    Correct Option: D

    Explanation:

    मानसून की शाखाओं का मार्ग, नमी की मात्रा, पर्वतीय अवरोध और समुद्र से दूरी वर्षा को क्षेत्रानुसार बदलते हैं। पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा तथा पूर्वी ओर कुछ क्षेत्रों में वर्षाछाया इसका स्पष्ट उदाहरण है।

  16. निम्न में से कौन-सा युग्म गलत है?

    Options:
    1. अराकान पर्वत — बंगाल की खाड़ी शाखा का विक्षेपण
    2. पश्चिमी घाट — अरब सागर शाखा की भारी वर्षा
    3. खासी पहाड़ियाँ — पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा
    4. नर्मदा-तापी घाटियाँ — बंगाल की खाड़ी शाखा का मुख्य मार्ग

    Correct Option: D

    Explanation:

    नर्मदा और तापी घाटियों का संबंध अरब सागर शाखा के एक प्रवाह से है, जो मध्य भारत की ओर बढ़ता है। अराकान पर्वत बंगाल की खाड़ी शाखा को विक्षेपित करते हैं, पश्चिमी घाट अरब सागर शाखा से भारी वर्षा प्राप्त करते हैं और खासी पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर में वर्षा बढ़ाती हैं।

  17. अरब सागर शाखा के पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा कराने में कौन-सा संयोजन सहायक है?

    Options:
    1. अरावली की लगभग समानांतर दिशा और नमी का सीमित उपलब्ध होना
    2. हिमालय का पश्चिमी राजस्थान में होना
    3. बंगाल की खाड़ी से सीधा समुद्री संपर्क
    4. खासी पहाड़ियों की निकटता

    Correct Option: A

    Explanation:

    अरब सागर शाखा का एक भाग सौराष्ट्र-कच्छ से पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ता है, लेकिन अरावली पर्वतमाला की दिशा पवनों को प्रभावी रूप से रोककर ऊपर उठाने में सीमित रहती है। समुद्र से दूरी और पवनों की नमी में कमी भी कम वर्षा में योगदान देती है।

  18. कौन-सा कथन बंगाल की खाड़ी शाखा की वर्षा-प्रक्रिया के बारे में सही है?

    Options:
    1. यह केवल पश्चिमी घाट पर वर्षा करती है
    2. यह हिमालय के उत्तर से भारत में प्रवेश करती है
    3. यह वर्षा से पहले पूरी तरह नमी खो देती है
    4. यह पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा कराने के बाद गंगा मैदान की ओर पश्चिम बढ़ सकती है

    Correct Option: D

    Explanation:

    बंगाल की खाड़ी शाखा समुद्र से नमी लेकर पूर्वोत्तर भारत पहुँचती है, जहाँ पहाड़ी अवरोधों से भारी वर्षा हो सकती है। आगे हिमालय की तलहटी से पश्चिम की ओर मुड़कर यह गंगा के मैदानों में वर्षा करती है।

  19. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

    Options:
    1. पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा हो सकती है
    2. बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत में वर्षा करती है
    3. पश्चिमी घाट पार करने के बाद मानसूनी वायु सामान्यतः और अधिक नम हो जाती है
    4. हिमालय बंगाल की खाड़ी शाखा को पश्चिम की ओर मोड़ने में मदद करता है

    Correct Option: C

    Explanation:

    पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल पर वर्षा के दौरान वायु नमी खो देती है। घाट के पूर्वी भाग में नीचे उतरती वायु गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क हो सकती है। इसलिए यह कहना गलत है कि घाट पार करने के बाद वायु सामान्यतः और अधिक नम हो जाती है।

  20. मानसूनी शाखाओं के अध्ययन में ‘विक्षेपण’ (deflection) का क्या अर्थ है?

    Options:
    1. किसी पर्वतीय अवरोध से टकराकर पवनों की दिशा बदलना
    2. पवनों का हमेशा समाप्त हो जाना
    3. वर्षा का हिमपात में बदलना
    4. समुद्र का स्थल में बदल जाना

    Correct Option: A

    Explanation:

    विक्षेपण का अर्थ है किसी अवरोध के कारण पवनों के मार्ग या दिशा में बदलाव। बंगाल की खाड़ी शाखा का एक बड़ा भाग म्यांमार के अराकान पर्वतों से प्रभावित होकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मुड़ता है।

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