भारतीय मानसून
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दक्षिणी दोलन (Southern Oscillation) की खोज और अध्ययन को व्यवस्थित रूप देने का श्रेय किसे दिया जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सर गिल्बर्ट वॉकर ने 20वीं शताब्दी के आरंभ में भारतीय मानसून और वैश्विक वायुदाब के बीच संबंधों का अध्ययन किया। दक्षिणी दोलन प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के वायुदाब में होने वाले seesaw-जैसे बदलाव को दर्शाता है।
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दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) निकालने में सामान्यतः किन दो स्थानों के समुद्र-स्तरीय वायुदाब की तुलना की जाती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
SOI की गणना में मध्य/पूर्वी प्रशांत के ताहिती और ऑस्ट्रेलिया के डार्विन के वायुदाब का अंतर महत्वपूर्ण होता है। इन स्थानों के दबाव में विपरीत बदलाव उष्णकटिबंधीय प्रशांत-वायुमंडलीय परिसंचरण में परिवर्तन का संकेत देते हैं।
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एल नीनो की स्थिति सामान्यतः किस महासागरीय क्षेत्र के असामान्य गर्म होने से जुड़ी है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
एल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतही समुद्री परत सामान्य से अधिक गर्म हो जाती है। यह समुद्र-सतह तापमान परिवर्तन वायुमंडलीय परिसंचरण को बदल सकता है और भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को कमजोर करने की संभावना बढ़ा सकता है, हालांकि प्रभाव हर वर्ष समान नहीं होता।
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ला नीना की पहचान किस स्थिति से होती है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
ला नीना ENSO की ठंडी अवस्था है, जिसमें भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत का समुद्री सतह तापमान सामान्य से कम रहता है। यह प्रायः व्यापारिक पवनों और उष्णकटिबंधीय परिसंचरण में बदलाव से जुड़ी होती है तथा कई बार भारत में अनुकूल मानसूनी परिस्थितियों के साथ देखी जाती है, लेकिन यह निश्चित नियम नहीं है।
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ENSO का पूर्ण रूप क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
ENSO का पूरा नाम El Niño–Southern Oscillation है। यह उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के समुद्री सतह तापमान और वायुमंडलीय दाब-पवन परिसंचरण के परस्पर जुड़े बदलावों को दर्शाता है। एल नीनो और ला नीना इसके गर्म तथा ठंडे चरण हैं।
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एल नीनो और भारतीय मानसून के संबंध में सबसे सटीक कथन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर में तापमान और वायुमंडलीय परिसंचरण बदलते हैं, जिससे भारतीय मानसून के लिए प्रतिकूल परिस्थितियाँ बन सकती हैं। फिर भी मानसून पर हिंद महासागर, भारतीय महासागर द्विध्रुव, हिमालय-तिब्बत की दशाओं और अन्य कारकों का भी प्रभाव होता है, इसलिए परिणाम हर वर्ष समान नहीं रहता।
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भारतीय महासागर द्विध्रुव (IOD) किस महासागर के पश्चिमी और पूर्वी भागों के बीच तापीय अंतर से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
Indian Ocean Dipole हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी उष्णकटिबंधीय भागों के समुद्री सतह तापमान के अंतर से जुड़ा है। इसके चरण समुद्री संवहन और वायुमंडलीय परिसंचरण को बदल सकते हैं, जिससे भारत सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा पर असर पड़ सकता है।
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सकारात्मक IOD की सामान्य पहचान क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
सकारात्मक IOD में पश्चिमी उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर अपेक्षाकृत गर्म और पूर्वी भाग, विशेषकर इंडोनेशिया के निकट, अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। यह तापीय अंतर संवहन और पवनों को प्रभावित करता है; कुछ वर्षों में यह एल नीनो के प्रतिकूल प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित कर सकता है।
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नकारात्मक IOD की सामान्य दशा कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
नकारात्मक IOD में पूर्वी उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर अपेक्षाकृत गर्म और पश्चिमी भाग अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। इससे समुद्री संवहन और वर्षा के क्षेत्र बदल सकते हैं। भारतीय मानसून पर इसका प्रभाव ENSO और अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियों के साथ मिलकर सामने आता है।
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वाकर परिसंचरण (Walker Circulation) मुख्यतः किस दिशा में उष्णकटिबंधीय प्रशांत के ऊपर वायु के पूर्व-पश्चिम प्रवाह को दर्शाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
वाकर परिसंचरण उष्णकटिबंधीय प्रशांत के ऊपर पूर्व-पश्चिम दिशा में होने वाले वायुमंडलीय परिसंचरण का नाम है। सामान्य परिस्थितियों में पश्चिमी प्रशांत में हवा ऊपर उठती है और पूर्वी प्रशांत में अपेक्षाकृत नीचे उतरती है। ENSO के दौरान इस परिसंचरण की तीव्रता और स्थिति बदल सकती है।
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सामान्य ENSO-तटस्थ दशाओं में पश्चिमी उष्णकटिबंधीय प्रशांत में संवहन अधिक होने का एक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
तटस्थ दशाओं में व्यापारिक पवनें गर्म सतही जल को पश्चिमी प्रशांत की ओर धकेलती हैं। गर्म समुद्री सतह से वाष्पीकरण और नम हवा का ऊपर उठना बादल तथा वर्षा को बढ़ावा देता है। एल नीनो में गर्म जल पूर्व की ओर फैलने से संवहन का सामान्य वितरण बदल सकता है।
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एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग में समुद्री सतह गर्म होने पर सामान्यतः कौन-सा बदलाव हो सकता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
एल नीनो के दौरान गर्म समुद्री सतह का क्षेत्र मध्य और पूर्वी प्रशांत की ओर फैलता है। इससे संवहन तथा वर्षा के क्षेत्र पूर्व की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं और वाकर परिसंचरण कमजोर पड़ सकता है। यही व्यापक बदलाव दूरस्थ क्षेत्रों, जैसे भारत, के मानसून को भी प्रभावित कर सकता है।
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SOI का लगातार सकारात्मक रहना सामान्यतः किस प्रकार की ENSO दशा से जुड़ सकता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सकारात्मक SOI सामान्यतः ताहिती और डार्विन के बीच ऐसा वायुदाब अंतर दर्शाता है जो ला नीना जैसी परिस्थितियों से जुड़ सकता है। फिर भी SOI का अर्थ समझते समय अन्य समुद्री और वायुमंडलीय संकेतकों को भी देखना चाहिए; एक सूचक अकेले हर क्षेत्र की वर्षा का निश्चित पूर्वानुमान नहीं देता।
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दक्षिणी दोलन को ‘सी-सॉ’ पैटर्न कहने का आशय क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
‘सी-सॉ’ या झूला-जैसा पैटर्न बताता है कि प्रशांत और हिंद महासागर से जुड़े कुछ क्षेत्रों में वायुदाब अक्सर विपरीत दिशा में बदलता है। इन बदलावों का संबंध उष्णकटिबंधीय परिसंचरण से है और वे ENSO तथा मानसून के बीच संबंध समझने में उपयोगी हैं।
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समुद्र-सतह तापमान (SST) मानसून अध्ययन में क्यों महत्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
समुद्र-सतह तापमान वाष्पीकरण, हवा में नमी और संवहन को प्रभावित करता है। प्रशांत या हिंद महासागर में तापमान का असामान्य वितरण दाब-पवन प्रणालियों में बदलाव ला सकता है। इसी कारण SST के आँकड़े मानसून की निगरानी और मौसमी पूर्वानुमान में उपयोग किए जाते हैं।
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मानसून के आधुनिक सिद्धांत में उपग्रहों और समुद्री जहाजों से मिले आँकड़ों का प्रमुख लाभ क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
उपग्रह बादल, समुद्री सतह तापमान और वर्षा के विस्तृत क्षेत्रीय पैटर्न दिखाते हैं, जबकि समुद्री जहाज प्रत्यक्ष मौसम अवलोकन उपलब्ध करा सकते हैं। इन आँकड़ों से महासागर-वायुमंडल की परस्पर क्रिया समझने और मानसून पूर्वानुमान को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
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निम्न में से कौन-सा समूह मानसून की आधुनिक व्याख्या में शामिल कारकों का सही उदाहरण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
आधुनिक व्याख्या मानसून को कई जुड़े कारकों की प्रणाली मानती है। ENSO और IOD महासागरीय तापमान तथा परिसंचरण के संकेतक हैं; जेट धाराएँ ऊपरी वायु प्रवाह को प्रभावित करती हैं और तिब्बत पठार का ग्रीष्मकालीन ताप भी वायुमंडलीय संरचना से जुड़ा है।
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किस कथन से मानसून के पूर्वानुमान की सीमा सबसे सही ढंग से स्पष्ट होती है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
एल नीनो, SOI या IOD जैसे संकेतक मानसून के लिए उपयोगी जानकारी देते हैं, पर कोई एक संकेतक पूरे भारत की वर्षा का निश्चित परिणाम नहीं बताता। क्षेत्रीय स्थलाकृति, मानसून गर्त, समुद्री दशाएँ और मौसम प्रणालियाँ भी वर्षा के समय तथा वितरण को प्रभावित करती हैं।
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Nieuwolt के अनुसार मानसून पवन प्रणाली की पहचान में किस विशेषता पर जोर दिया गया?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
Nieuwolt ने मानसून शब्द के उपयोग के लिए पवन दिशा के मौसमी उलटाव को महत्वपूर्ण माना। साहित्य में उनकी परिभाषा में दिशा परिवर्तन की एक न्यूनतम सीमा का भी उल्लेख मिलता है। इससे स्पष्ट होता है कि हर मौसमी हवा को मानसून नहीं कहा जाता; स्पष्ट मौसमी परिवर्तन इसकी प्रमुख पहचान है।
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भारतीय मानसून पर ENSO और IOD के संयुक्त प्रभाव का अध्ययन क्यों किया जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
ENSO प्रशांत महासागर से जुड़ा है, जबकि IOD हिंद महासागर के पूर्व-पश्चिम तापीय अंतर से संबंधित है। दोनों एक ही वर्ष में अलग-अलग चरणों में हो सकते हैं और उनका संयुक्त प्रभाव मानसून के परिसंचरण तथा वर्षा पर असर डाल सकता है। इसलिए मौसमी पूर्वानुमान में दोनों को साथ देखा जाता है।