प्रायद्वीपीय पठार
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मेघालय पठार का दूसरा नाम क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मेघालय पठार को शिलांग पठार भी कहा जाता है। इसमें गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ शामिल हैं और यह प्रायद्वीपीय पठार की प्राचीन चट्टानों का उत्तर-पूर्वी विस्तार है।
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मेघालय पठार की प्रमुख ऊँची चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
शिलांग चोटी खासी पहाड़ियों में स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 1,823 मीटर बताई गई है। गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी नॉकरेक है।
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गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
नॉकरेक गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी है। मेघालय पठार में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ प्रमुख हैं तथा मानसूनी हवाओं के कारण यहाँ वर्षा में क्षेत्रीय विविधता मिलती है।
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मिकिर पहाड़ियों की अपवाह व्यवस्था कैसी बताई गई है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
मिकिर पहाड़ियाँ मेघालय पठार से अलग और तीन ओर से मैदानों से घिरी हैं। यहाँ धनश्री और जमुना प्रमुख नदियाँ बताई गई हैं तथा अपवाह तंत्र अरीय है।
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महाराष्ट्र पठार की प्रमुख चट्टानें कौन-सी हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
महाराष्ट्र पठार का बड़ा भाग क्रिटेशस काल के ज्वालामुखीय उद्गारों से बनी बेसाल्ट चट्टानों से ढका है। पश्चिमी भाग में इनकी परत अधिक मोटी है और पूर्व की ओर मोटाई घटती है।
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छत्तीसगढ़ मैदान का प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
कोरबा छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध कोयला क्षेत्र है। यहाँ गोंडवाना शैल-समूहों में बिटुमिनस कोयला मिलता है, जो ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक उपयोग के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए कौन-सा क्षेत्र जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
दल्ली-राजहरा की पहाड़ियों में धारवाड़ क्रम की चट्टानों के भीतर हेमेटाइट लौह अयस्क मिलता है। इस क्षेत्र से लौह अयस्क की आपूर्ति भिलाई इस्पात संयंत्र को की जाती रही है।
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गढ़जात पहाड़ियों को किस नाम से भी जाना जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
गढ़जात पहाड़ियों को ओडिशा उच्चभूमि भी कहा जाता है। यह छोटानागपुर पठार, महानदी बेसिन, पूर्वी घाट और उत्कल मैदान के बीच स्थित है।
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दण्डकारण्य पठार के लौह अयस्क से जुड़ी पर्वत श्रेणी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
बैलाडीला श्रेणी दण्डकारण्य क्षेत्र का हिस्सा है और लौह अयस्क के समृद्ध भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। दण्डकारण्य का विस्तार ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों तक बताया गया है।
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कर्नाटक पठार की औसत ऊँचाई किस सीमा में है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
कर्नाटक पठार की औसत ऊँचाई लगभग 600–900 मीटर है। इसकी सर्वोच्च चोटी मुलानगिरि है, जो बाबा बुदन पहाड़ियों में स्थित है।
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कर्नाटक पठार की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मुलानगिरि बाबा बुदन पहाड़ियों में स्थित है और कर्नाटक पठार की सर्वोच्च चोटी मानी जाती है। लेख में इसकी ऊँचाई लगभग 1,913 मीटर दी गई है।
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कर्नाटक पठार के उत्तरी उच्च भाग और दक्षिणी भाग के नाम क्या हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कर्नाटक पठार के उत्तरी उच्च भाग को मलनाड/मलंद और दक्षिणी अपेक्षाकृत सम भाग को मैदान कहा जाता है। यह अंतर स्थलाकृति और ऊँचाई की क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है।
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तेलंगाना पठार में किन शैल-समूहों का प्रमुख उल्लेख मिलता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
तेलंगाना पठार में धारवाड़ और कुडप्पा शैलें प्रमुख हैं। इसके गोदावरी बेसिन में गोंडवाना क्रम की शैलें भी पाई जाती हैं।
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कोयम्बटूर और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच कौन-सा दर्रा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पालघाट या पालक्काड दर्रा पश्चिमी घाट में एक चौड़ा प्राकृतिक अंतराल है। यह केरल और तमिलनाडु के बीच आवागमन, परिवहन और वायु-संचार के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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पश्चिमी घाट का जलविभाजक महत्त्व क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पश्चिमी घाट प्रायद्वीपीय भारत में प्रमुख जलविभाजक है। पश्चिमी ढाल की कई नदियाँ छोटी और तीव्रगामी होकर अरब सागर में गिरती हैं, जबकि पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ प्रायः बंगाल की खाड़ी तक पहुँचती हैं।
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शरावती नदी पर स्थित जोग जलप्रपात किस क्षेत्र से संबंधित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
जोग जलप्रपात कर्नाटक में शरावती नदी पर स्थित है और पश्चिमी घाट से संबंधित प्रमुख जलप्रपातों में गिना जाता है। अधिक वर्षा और तीव्र ढाल यहाँ जलप्रपातों के विकास में सहायक हैं।
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पश्चिमी और पूर्वी घाट दक्षिण में किस पर्वतीय गाँठ के आसपास मिलते हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
पश्चिमी और पूर्वी घाट दक्षिण भारत में नीलगिरि क्षेत्र के आसपास मिलते हैं। नीलगिरि एक महत्त्वपूर्ण पर्वतीय गाँठ है और दक्षिणी प्रायद्वीपीय उच्चभूमि की कई श्रेणियों से जुड़ी है।
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पश्चिमी घाट के महत्त्वपूर्ण दर्रों का सही युग्म कौन-सा है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
थाल घाट और भोर घाट पश्चिमी घाट के महत्त्वपूर्ण दर्रे हैं। ये दक्कन के पठार और पश्चिमी तटीय क्षेत्र के बीच परिवहन संपर्क में योगदान देते हैं।
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पूर्वी घाट की सामान्य औसत ऊँचाई लगभग कितनी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पूर्वी घाट की औसत ऊँचाई लगभग 600 मीटर बताई गई है। महानदी और गोदावरी के बीच कुछ भागों की औसत ऊँचाई अधिक, लगभग 1,000 मीटर, बताई गई है।
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कृष्णा नदी और चेन्नई के बीच पूर्वी घाट की कौन-सी श्रेणी स्थित है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
कृष्णा नदी और चेन्नई के बीच पूर्वी घाट की श्रेणियों में कोंडाविडु, नल्लामलाई, वेलिकोंडा, पालकोंडा और इर्रामाला शामिल हैं। ये पूर्वी घाट की खंडित प्रकृति को दर्शाती हैं।