प्रायद्वीपीय पठार

  1. मेघालय पठार के प्रमुख पर्वतीय समूहों का सही संयोजन कौन-सा है?

    Options:
    1. गारो, खासी और जयंतिया
    2. अरावली, विंध्य और सतपुड़ा
    3. नीलगिरि, अन्नामलाई और कार्डमम
    4. पीर पंजाल, जास्कर और लद्दाख

    Correct Option: A

    Explanation:

    मेघालय पठार के प्रमुख भागों में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ आती हैं। लेख में मिकिर और रेंगमा पहाड़ियों का भी उल्लेख है।

  2. शिलांग नगर किस पहाड़ी क्षेत्र के मेज-जैसे मध्यवर्ती भाग में स्थित है?

    Options:
    1. गारो पहाड़ियाँ
    2. जयंतिया पहाड़ियाँ
    3. मिकिर पहाड़ियाँ
    4. खासी पहाड़ियाँ

    Correct Option: D

    Explanation:

    खासी पहाड़ियों का मध्यवर्ती भाग मेज की तरह बताया गया है और इसी क्षेत्र में शिलांग नगर स्थित है। शिलांग चोटी इस पठार की सर्वाधिक ऊँची चोटी है।

  3. मौसीनराम की भौगोलिक विशेषता क्या है?

    Options:
    1. भारत की सबसे ऊँची चोटी
    2. एक प्रमुख कोयला क्षेत्र
    3. विश्व में अत्यधिक वार्षिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध
    4. भारत का सबसे शुष्क स्थान

    Correct Option: C

    Explanation:

    मौसीनराम मेघालय में चेरापूंजी से लगभग 16 किमी पश्चिम में स्थित है। लेख इसे विश्व में सर्वाधिक वर्षा दर्ज करने वाले स्थान के रूप में प्रस्तुत करता है।

  4. मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी किस नाम से जानी जाती है?

    Options:
    1. अजयगढ़ पहाड़ियाँ
    2. रंगमा पहाड़ियाँ
    3. जार्गा पहाड़ियाँ
    4. महादेव पहाड़ियाँ

    Correct Option: B

    Explanation:

    मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी को रंगमा पहाड़ियाँ कहा जाता है। लेख में इनकी ऊँचाई लगभग 900 मीटर बताई गई है।

  5. मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियों का सही युग्म कौन-सा है?

    Options:
    1. धनश्री और जमुना
    2. दामोदर और बराकर
    3. बेतवा और धसान
    4. रावी और ब्यास

    Correct Option: A

    Explanation:

    धनश्री और जमुना मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियाँ हैं। इस क्षेत्र का अपवाह तंत्र अरीय बताया गया है।

  6. महाराष्ट्र पठार के अंतर्गत कौन-से क्षेत्र को छोड़कर शेष महाराष्ट्र शामिल बताया गया है?

    Options:
    1. विदर्भ और मराठवाड़ा
    2. गोदावरी घाटी और कृष्णा घाटी
    3. केवल मुंबई महानगर
    4. कोंकण तट और सह्याद्रि

    Correct Option: D

    Explanation:

    उत्तरी दक्कन या महाराष्ट्र पठार में कोंकण तट और सह्याद्रि को छोड़कर लगभग संपूर्ण महाराष्ट्र शामिल है। यह मुख्यतः बेसाल्ट चट्टानों से ढका है।

  7. महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत की मोटाई लगभग कितनी बताई गई है?

    Options:
    1. 30 किमी
    2. 30 मीटर
    3. 3 किमी
    4. 300 मीटर

    Correct Option: C

    Explanation:

    महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत लगभग 3 किमी मोटी बताई गई है। पूर्व और दक्षिण-पूर्व की ओर इसकी मोटाई घटती जाती है।

  8. महाराष्ट्र पठार के संदर्भ में लेख में किस संरचनात्मक विशेषता का उल्लेख है?

    Options:
    1. नवीन डेल्टा
    2. लगभग 1,000 मीटर का भ्रंश
    3. हिमानी मोरेन
    4. प्रवाल भित्ति

    Correct Option: B

    Explanation:

    लेख महाराष्ट्र पठार की एक असाधारण विशेषता के रूप में लगभग 1,000 मीटर के भ्रंश का उल्लेख करता है, जो अरब सागर के निकट ऊँची तटरेखा से संबंधित बताया गया है।

  9. छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा बनाने वाले स्थलरूपों का सही समूह कौन-सा है?

    Options:
    1. लोमारी और पेंड्रा पठार तथा छुरी-रायगढ़ पहाड़ियाँ
    2. नीलगिरि और अन्नामलाई पहाड़ियाँ
    3. राजपीपला और महादेव पहाड़ियाँ
    4. गारो और खासी पहाड़ियाँ

    Correct Option: A

    Explanation:

    छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा पर लोमारी पठार, पेंड्रा पठार तथा छुरी और रायगढ़ पहाड़ियों का उल्लेख है। इसकी पश्चिमी सीमा पर मैकाल श्रेणी स्थित है।

  10. छत्तीसगढ़ मैदान की पश्चिमी सीमा पर कौन-सी पर्वत श्रेणी है?

    Options:
    1. अरावली
    2. नीलगिरि
    3. पटकाई
    4. मैकाल श्रेणी

    Correct Option: D

    Explanation:

    मैकाल श्रेणी छत्तीसगढ़ मैदान की पश्चिमी सीमा पर स्थित है। लेख में इसकी ऊँचाई लगभग 700–900 मीटर बताई गई है।

  11. गढ़जात पहाड़ियों के क्षेत्र की प्रमुख शैल-संरचना किससे जुड़ी है?

    Options:
    1. केवल समुद्री चूना पत्थर
    2. हिमानी निक्षेप
    3. आर्कियन ग्रेनाइट, नाइस और चुम्बकीय/कायांतरित चट्टानें
    4. केवल नवीन जलोढ़

    Correct Option: C

    Explanation:

    गढ़जात या ओडिशा उच्चभूमि में आर्कियन ग्रेनाइट, नाइस और कायांतरित चट्टानों का उल्लेख है। इस क्षेत्र में गोंडवाना, तलचर और बराकर जैसी शैल-श्रृंखलाएँ भी मिलती हैं।

  12. दण्डकारण्य पठार का कौन-सा जिला-समूह इसके विस्तार में शामिल है?

    Options:
    1. लखनऊ और कानपुर
    2. कोरापुट और कालाहांडी
    3. जयपुर और अजमेर
    4. शिमला और मंडी

    Correct Option: B

    Explanation:

    दण्डकारण्य एक तरंगित पठार है जिसका विस्तार ओडिशा के कोरापुट और कालाहांडी, छत्तीसगढ़ के बस्तर तथा आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों तक बताया गया है।

  13. दण्डकारण्य क्षेत्र की नदी कौन-सी महानदी की सहायक है?

    Options:
    1. तेल
    2. साबरी
    3. सिलेरू
    4. उदांती

    Correct Option: A

    Explanation:

    तेल और उदांती को महानदी की सहायक नदियों के रूप में, जबकि साबरी और सिलेरू को गोदावरी की सहायक नदियों के रूप में लेख में सूचीबद्ध किया गया है।

  14. कर्नाटक पठार का विस्तार कर्नाटक के अतिरिक्त केरल के किन जिलों तक बताया गया है?

    Options:
    1. कोल्लम और अलप्पुझा
    2. इडुक्की और कोट्टायम
    3. कासरगोड और त्रिशूर
    4. कन्नूर और कोझीकोड

    Correct Option: D

    Explanation:

    कर्नाटक पठार का विस्तार कर्नाटक राज्य के साथ केरल के कन्नूर और कोझीकोड जिलों तक बताया गया है। इसकी औसत ऊँचाई लगभग 600–900 मीटर है।

  15. कर्नाटक पठार की दूसरी सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?

    Options:
    1. धूपगढ़
    2. गुरु शिखर
    3. कुद्रेमुख
    4. मुलानगिरि

    Correct Option: C

    Explanation:

    कुद्रेमुख की ऊँचाई लगभग 1,892 मीटर बताई गई है और इसे कर्नाटक पठार की दूसरी सर्वोच्च चोटी कहा गया है। सर्वोच्च चोटी मुलानगिरि है।

  16. कर्नाटक पठार की ग्रीष्मकालीन शरणस्थली के रूप में किस स्थान का उल्लेख है?

    Options:
    1. आबू पर्वत
    2. नंदी घाटी
    3. पालघाट
    4. मौसीनराम

    Correct Option: B

    Explanation:

    नंदी घाटी को कर्नाटक पठार की ग्रीष्मकालीन शरणस्थली या सैरगाह के रूप में उल्लेखित किया गया है।

  17. तमिलनाडु उच्चभूमि की जावदी और शेवराय पहाड़ियों में कौन-सी चट्टान का उल्लेख है?

    Options:
    1. चार्नोकाइट
    2. बेसाल्ट
    3. क्वार्टजाइट בלבד
    4. नवीन जलोढ़

    Correct Option: A

    Explanation:

    तमिलनाडु उच्चभूमि की जावदी और शेवराय पहाड़ियों में चार्नोकाइट चट्टानें मिलती हैं। यह क्षेत्र दक्षिणी सह्याद्रि और तमिलनाडु के तटीय मैदानों के बीच स्थित है।

  18. पश्चिमी घाट का उत्तर-दक्षिण विस्तार किस नदी के मुहाने से शुरू होकर किस स्थान तक बताया गया है?

    Options:
    1. गंगा के मुहाने से कच्छ तक
    2. महानदी से दिल्ली तक
    3. गोदावरी से अमरकंटक तक
    4. तापी के मुहाने से कन्याकुमारी तक

    Correct Option: D

    Explanation:

    पश्चिमी घाट या सह्याद्रि का विस्तार तापी नदी के मुहाने से कन्याकुमारी तक पश्चिमी तट के समानांतर बताया गया है। इसकी लंबाई लगभग 1,600 किमी है।

  19. पश्चिमी घाट की ढालों का सही वर्णन कौन-सा है?

    Options:
    1. दोनों ढालें समान और समतल
    2. दोनों ओर केवल खड़ी चट्टानें
    3. पश्चिमी ढाल तीव्र, पूर्वी ढाल मंद
    4. पश्चिमी ढाल मंद, पूर्वी ढाल तीव्र

    Correct Option: C

    Explanation:

    पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल तीव्र और पूर्वी ढाल अपेक्षाकृत मंद है। यह अंतर तटीय मैदान और दक्कन के पठार के बीच ऊँचाई तथा ढाल के अंतर को दर्शाता है।

  20. पश्चिमी घाट की उत्पत्ति के बारे में कौन-सा मत दिया गया है?

    Options:
    1. केवल नदी निक्षेप से बनी पहाड़ियाँ
    2. अरब सागर की ओर भू-भाग के अधोवलन से संबंधित भ्रंश पर्वत
    3. हिमनदों द्वारा निक्षेपित पर्वत
    4. समुद्री प्रवाल से बने पर्वत

    Correct Option: B

    Explanation:

    पश्चिमी घाट को भ्रंश पर्वत बताता है और इसकी उत्पत्ति अरब सागर की ओर भू-भाग के अधोवलन (downwarping) से जोड़ता है।

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