प्रायद्वीपीय पठार
-
मेघालय पठार के प्रमुख पर्वतीय समूहों का सही संयोजन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मेघालय पठार के प्रमुख भागों में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ आती हैं। लेख में मिकिर और रेंगमा पहाड़ियों का भी उल्लेख है।
-
शिलांग नगर किस पहाड़ी क्षेत्र के मेज-जैसे मध्यवर्ती भाग में स्थित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
खासी पहाड़ियों का मध्यवर्ती भाग मेज की तरह बताया गया है और इसी क्षेत्र में शिलांग नगर स्थित है। शिलांग चोटी इस पठार की सर्वाधिक ऊँची चोटी है।
-
मौसीनराम की भौगोलिक विशेषता क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मौसीनराम मेघालय में चेरापूंजी से लगभग 16 किमी पश्चिम में स्थित है। लेख इसे विश्व में सर्वाधिक वर्षा दर्ज करने वाले स्थान के रूप में प्रस्तुत करता है।
-
मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी किस नाम से जानी जाती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
मिकिर पहाड़ियों की दक्षिणी श्रेणी को रंगमा पहाड़ियाँ कहा जाता है। लेख में इनकी ऊँचाई लगभग 900 मीटर बताई गई है।
-
मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियों का सही युग्म कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
धनश्री और जमुना मिकिर पहाड़ियों से संबंधित प्रमुख नदियाँ हैं। इस क्षेत्र का अपवाह तंत्र अरीय बताया गया है।
-
महाराष्ट्र पठार के अंतर्गत कौन-से क्षेत्र को छोड़कर शेष महाराष्ट्र शामिल बताया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
उत्तरी दक्कन या महाराष्ट्र पठार में कोंकण तट और सह्याद्रि को छोड़कर लगभग संपूर्ण महाराष्ट्र शामिल है। यह मुख्यतः बेसाल्ट चट्टानों से ढका है।
-
महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत की मोटाई लगभग कितनी बताई गई है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
महाराष्ट्र पठार के पश्चिमी भाग में बेसाल्ट की परत लगभग 3 किमी मोटी बताई गई है। पूर्व और दक्षिण-पूर्व की ओर इसकी मोटाई घटती जाती है।
-
महाराष्ट्र पठार के संदर्भ में लेख में किस संरचनात्मक विशेषता का उल्लेख है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
लेख महाराष्ट्र पठार की एक असाधारण विशेषता के रूप में लगभग 1,000 मीटर के भ्रंश का उल्लेख करता है, जो अरब सागर के निकट ऊँची तटरेखा से संबंधित बताया गया है।
-
छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा बनाने वाले स्थलरूपों का सही समूह कौन-सा है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
छत्तीसगढ़ मैदान की उत्तरी सीमा पर लोमारी पठार, पेंड्रा पठार तथा छुरी और रायगढ़ पहाड़ियों का उल्लेख है। इसकी पश्चिमी सीमा पर मैकाल श्रेणी स्थित है।
-
छत्तीसगढ़ मैदान की पश्चिमी सीमा पर कौन-सी पर्वत श्रेणी है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
मैकाल श्रेणी छत्तीसगढ़ मैदान की पश्चिमी सीमा पर स्थित है। लेख में इसकी ऊँचाई लगभग 700–900 मीटर बताई गई है।
-
गढ़जात पहाड़ियों के क्षेत्र की प्रमुख शैल-संरचना किससे जुड़ी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
गढ़जात या ओडिशा उच्चभूमि में आर्कियन ग्रेनाइट, नाइस और कायांतरित चट्टानों का उल्लेख है। इस क्षेत्र में गोंडवाना, तलचर और बराकर जैसी शैल-श्रृंखलाएँ भी मिलती हैं।
-
दण्डकारण्य पठार का कौन-सा जिला-समूह इसके विस्तार में शामिल है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दण्डकारण्य एक तरंगित पठार है जिसका विस्तार ओडिशा के कोरापुट और कालाहांडी, छत्तीसगढ़ के बस्तर तथा आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों तक बताया गया है।
-
दण्डकारण्य क्षेत्र की नदी कौन-सी महानदी की सहायक है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
तेल और उदांती को महानदी की सहायक नदियों के रूप में, जबकि साबरी और सिलेरू को गोदावरी की सहायक नदियों के रूप में लेख में सूचीबद्ध किया गया है।
-
कर्नाटक पठार का विस्तार कर्नाटक के अतिरिक्त केरल के किन जिलों तक बताया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
कर्नाटक पठार का विस्तार कर्नाटक राज्य के साथ केरल के कन्नूर और कोझीकोड जिलों तक बताया गया है। इसकी औसत ऊँचाई लगभग 600–900 मीटर है।
-
कर्नाटक पठार की दूसरी सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
कुद्रेमुख की ऊँचाई लगभग 1,892 मीटर बताई गई है और इसे कर्नाटक पठार की दूसरी सर्वोच्च चोटी कहा गया है। सर्वोच्च चोटी मुलानगिरि है।
-
कर्नाटक पठार की ग्रीष्मकालीन शरणस्थली के रूप में किस स्थान का उल्लेख है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
नंदी घाटी को कर्नाटक पठार की ग्रीष्मकालीन शरणस्थली या सैरगाह के रूप में उल्लेखित किया गया है।
-
तमिलनाडु उच्चभूमि की जावदी और शेवराय पहाड़ियों में कौन-सी चट्टान का उल्लेख है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
तमिलनाडु उच्चभूमि की जावदी और शेवराय पहाड़ियों में चार्नोकाइट चट्टानें मिलती हैं। यह क्षेत्र दक्षिणी सह्याद्रि और तमिलनाडु के तटीय मैदानों के बीच स्थित है।
-
पश्चिमी घाट का उत्तर-दक्षिण विस्तार किस नदी के मुहाने से शुरू होकर किस स्थान तक बताया गया है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
पश्चिमी घाट या सह्याद्रि का विस्तार तापी नदी के मुहाने से कन्याकुमारी तक पश्चिमी तट के समानांतर बताया गया है। इसकी लंबाई लगभग 1,600 किमी है।
-
पश्चिमी घाट की ढालों का सही वर्णन कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
पश्चिमी घाट की पश्चिमी ढाल तीव्र और पूर्वी ढाल अपेक्षाकृत मंद है। यह अंतर तटीय मैदान और दक्कन के पठार के बीच ऊँचाई तथा ढाल के अंतर को दर्शाता है।
-
पश्चिमी घाट की उत्पत्ति के बारे में कौन-सा मत दिया गया है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पश्चिमी घाट को भ्रंश पर्वत बताता है और इसकी उत्पत्ति अरब सागर की ओर भू-भाग के अधोवलन (downwarping) से जोड़ता है।