हिमालय का विभाजन
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हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के संदर्भ में लघु हिमालय को हिमाचल प्रदेश में किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
क्षेत्रीय विवरण के अनुसार लघु या मध्य हिमालय को हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और उत्तराखंड में नागभिता कहा जाता है। स्थानीय नामों का ज्ञान क्षेत्रीय भूगोल तथा पर्वत-श्रेणियों की पहचान में उपयोगी है।
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निम्न में से कौन-सा नदी-समूह हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के सिंधु नदी तंत्र से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय का क्षेत्र सिंधु तथा गंगा, दोनों नदी प्रणालियों से अपवाहित होता है। रावी, ब्यास और सतलुज सिंधु तंत्र से जुड़ी नदियाँ हैं, जबकि यमुना और घाघरा गंगा तंत्र से संबंधित हैं।
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उत्तराखंड हिमालय में भागीरथी, अलकनंदा और यमुना नदियों का उद्गम किस भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
भागीरथी, अलकनंदा और यमुना के स्रोत हिमालय के हिमाचल–उत्तराखंड खंड से संबंधित हैं। इन नदियों का हिमनदीय और उच्च पर्वतीय स्रोत गंगा नदी तंत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण है।
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गर्मियों में ऊँचे घास के मैदानों में पशुओं के साथ जाना और सर्दियों में घाटियों में लौटना किस समुदाय की मौसमी जीवन-शैली का उदाहरण है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कुमाऊँ और गढ़वाल के ऊँचे भागों में भोटिया समुदाय के कुछ समूह मौसमी प्रवास करते हैं। गर्मियों में वे बुग्यालों में पशुओं के साथ जाते हैं और सर्दियों में अपेक्षाकृत निचली घाटियों में लौटते हैं।
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हिमालयी भूगोल में ‘बुग्याल’ शब्द का सही अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बुग्याल हिमालय के ऊँचे भागों में, प्रायः हिमरेखा के निकट पाए जाने वाले घास के मैदान हैं। गर्मियों में ये पशुचारण के लिए उपयोगी होते हैं और पर्वतीय पारिस्थितिकी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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निम्न में से कौन-सा समूह हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय के प्रमुख पर्यटन/पर्वतीय नगरों का है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
शिमला, मसूरी, धर्मशाला और कसौली हिमाचल तथा उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र के प्रमुख पर्वतीय नगरों में गिने जाते हैं। ऊँचाई, अपेक्षाकृत ठंडी जलवायु और प्राकृतिक दृश्यों ने इन्हें पर्यटन केंद्र बनाया है।
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देहरादून और कोथरीदून जैसे स्थल किस प्रकार की स्थलाकृति के उदाहरण हैं?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
दून हिमालय की पर्वत श्रेणियों के बीच विकसित अनुदैर्घ्य घाटियाँ हैं। देहरादून, कोथरीदून और पाटलीदून जैसे उदाहरण हिमालय के दक्षिणी भाग में पाए जाते हैं और इनका निर्माण पर्वतीय भू-आकृतिक प्रक्रियाओं से जुड़ा है।
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काली और तीस्ता नदियों के बीच फैला लगभग 800 किमी लंबा खंड किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बरार्ड के अनुप्रस्थ विभाजन में काली और तीस्ता नदियों के बीच का लगभग 800 किमी लंबा भाग नेपाल हिमालय कहलाता है। इसे क्षेत्रीय विवरण में दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय अथवा मध्य हिमालय से भी जोड़ा गया है।
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दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय की जैव-विविधता के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय अपनी जैव-विविधता, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और रंगीन ऑर्किड के लिए प्रसिद्ध है। ऊँचाई, वर्षा और स्थलाकृति में विविधता के कारण यहाँ अलग-अलग प्रकार के आवास विकसित होते हैं।
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दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय के ऊँचे भागों में रहने वाले समुदायों में किसका उल्लेख मिलता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
लेप्चा समुदाय का उल्लेख दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय के ऊँचे भागों में मिलता है। इस क्षेत्र की जनजातीय विविधता, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक आजीविका वहाँ के मानव भूगोल की विशेषताएँ हैं।
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अरुणाचल हिमालय का पूर्वी विस्तार किस दर्रे तक बताया गया है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
क्षेत्रीय विवरण में अरुणाचल हिमालय को भूटान हिमालय से पूर्व में दिफू दर्रे तक फैला बताया गया है। यह भाग असम हिमालय नाम से भी जाना जाता है और यहाँ पर्वतों तथा गहरी नदी घाटियों का विशिष्ट भू-दृश्य मिलता है।
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नामचा बरवा के निकट ब्रह्मपुत्र द्वारा गहरी खाई का निर्माण किस भौतिक प्रक्रिया का उदाहरण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
अरुणाचल हिमालय में उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली नदियाँ गहरी घाटियाँ काटती हैं। नामचा बरवा के आसपास ब्रह्मपुत्र का गहरा महाखड्ड नदी के शक्तिशाली अपरदन और पर्वतीय उत्थान के बीच संबंध को दर्शाता है।
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अरुणाचल हिमालय में पश्चिम से पूर्व की ओर उल्लिखित जनजातीय क्रम में कौन-सा समूह शामिल है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
अरुणाचल हिमालय के क्षेत्रीय विवरण में मोनपा, डफला, अबोर, मिश्मी, निशि और नागा समुदायों का उल्लेख है। यह विविधता पर्वतीय पर्यावरण, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय आजीविका प्रणालियों से जुड़ी है।
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झूम खेती को सामान्यतः किस दूसरे नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
झूम खेती स्थानांतरित कृषि का एक रूप है। इसमें वनस्पति काटकर और जलाकर भूमि को कुछ समय के लिए खेती में उपयोग किया जाता है, फिर भूमि की उर्वरता घटने पर खेत बदल दिया जाता है।
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ब्रह्मपुत्र नदी के पूर्व में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली पहाड़ियों के समूह को किस नाम से जाना जाता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
ब्रह्मपुत्र के पूर्व में उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली पूर्वी पहाड़ियों में पटकाई, नागा, मणिपुर और मिजो/लुशाई पहाड़ियाँ शामिल हैं। ये भारत के पूर्वोत्तर के भौतिक भूगोल और भारत-म्यांमार सीमा के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
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पूर्वी पहाड़ियों के उत्तरी भाग में कौन-सी पर्वतश्रेणी का नाम आता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पूर्वी पहाड़ियों के उत्तरी भाग में पटकाई, बुम और नागा पहाड़ियों का उल्लेख मिलता है। दक्षिण की ओर मणिपुर, मिजो या लुशाई तथा अराकान पहाड़ियाँ क्षेत्रीय पर्वतीय क्रम का हिस्सा हैं।
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मणिपुर घाटी के मध्य में स्थित प्रसिद्ध झील कौन-सी है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
लोकतक झील मणिपुर घाटी के मध्य में स्थित है और चारों ओर पहाड़ियों से घिरी हुई है। यह पूर्वोत्तर भारत की प्रमुख झीलों में से एक है तथा क्षेत्रीय पर्यावरण और आजीविका के लिए महत्त्वपूर्ण है।
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मिजोरम को ‘मोलासेस बेसिन’ कहे जाने का संबंध मुख्यतः किस प्रकार की चट्टानों से है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
मिजोरम को मोलासेस बेसिन कहा जाता है क्योंकि यहाँ मुलायम और अपेक्षाकृत असंगठित अवसादी चट्टानों का व्यापक प्रभाव है। ऐसी चट्टानें अपरदन और स्थलरूप विकास को प्रभावित करती हैं।
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बराक नदी अंततः किस नदी-तंत्र से संबंधित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
बराक मणिपुर और मिजोरम क्षेत्र की प्रमुख नदी है। यह आगे चलकर बांग्लादेश में सुरमा-कुशियारा प्रणाली के माध्यम से मेघना नदी तंत्र से जुड़ती है, इसलिए इसका जल-निकास गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना क्षेत्र के व्यापक संदर्भ में समझा जाता है।
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नागालैंड की अधिकांश नदियाँ किस प्रमुख नदी की सहायक नदियाँ बताई गई हैं?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
क्षेत्रीय विवरण के अनुसार नागालैंड में बहने वाली अधिकांश नदियाँ ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदियाँ हैं। पूर्वोत्तर भारत में नदी-प्रणालियाँ पर्वतीय ढाल, जल-विभाजक और सीमा-पार जल-निकास से प्रभावित होती हैं।