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हिमालय का विभाजन

  1. हिमालयी दर्रों का ऐतिहासिक महत्त्व किससे सबसे अधिक जुड़ा है?

    Options:
    1. पर्वतीय क्षेत्रों के बीच आवागमन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क
    2. केवल समुद्री मत्स्य पालन
    3. रेगिस्तान में सिंचाई
    4. ज्वार-भाटा नियंत्रण

    Correct Option: A

    Explanation:

    दर्रे पर्वतीय श्रेणियों में अपेक्षाकृत नीची जगहें हैं, जिनसे लोगों और व्यापारिक काफिलों का आवागमन संभव होता है। हिमालयी दर्रों ने विभिन्न घाटियों और क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित किया। मौसम, ऊँचाई और हिमपात के कारण कई दर्रे मौसमी रूप से बंद भी हो सकते हैं।

  2. हिमालय की घाटियों में अपेक्षाकृत अधिक बस्तियाँ बसने का एक कारण क्या है?

    Options:
    1. हर घाटी में कोई प्राकृतिक जोखिम नहीं होता
    2. घाटियाँ हमेशा समतल और चौड़ी होती हैं
    3. जल, कुछ समतल भूमि और आवागमन के मार्गों की उपलब्धता
    4. ऊँचाई का मानव जीवन पर कोई प्रभाव नहीं होता

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमालय में तीव्र ढालों के कारण समतल भूमि सीमित है। घाटियों में जल, कृषि योग्य छोटे मैदान और परिवहन मार्ग उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए बस्तियाँ वहाँ केंद्रित होती हैं। फिर भी बाढ़, नदी कटाव और भूस्खलन जैसे जोखिमों के कारण सुरक्षित भूमि उपयोग महत्त्वपूर्ण है।

  3. हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ाने वाले कारकों का सही समूह कौन-सा है?

    Options:
    1. तीव्र ढाल, कमजोर चट्टानें, भारी वर्षा और मानवीय कटान
    2. केवल समुद्री ज्वार और प्रवाल
    3. समतल भूभाग, सूखा मौसम और मजबूत चट्टानें
    4. केवल कम तापमान

    Correct Option: A

    Explanation:

    भूस्खलन के जोखिम में ढाल का कोण, चट्टानों की मजबूती, दरारें, वर्षा, भूकंप और मानवीय गतिविधियाँ योगदान देती हैं। हिमालय में तीव्र ढाल और सक्रिय भू-प्रक्रियाओं के कारण जोखिम अधिक हो सकता है। सड़क कटान और खराब जल-निकासी इस खतरे को और बढ़ा सकते हैं।

  4. ट्रांस-हिमालय को मुख्य हिमालय से अलग पहचानने का सबसे उपयोगी संकेत क्या है?

    Options:
    1. यह मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित है
    2. यह केवल शिवालिक के दक्षिण में है
    3. यह गंगा के डेल्टा में स्थित है
    4. यह भारत के दक्षिणी तट पर स्थित है

    Correct Option: A

    Explanation:

    ट्रांस-हिमालय मुख्य हिमालयी श्रेणियों के उत्तर में स्थित पर्वतीय क्षेत्र है। काराकोरम, लद्दाख और जास्कर जैसी श्रेणियाँ इसमें शामिल की जाती हैं। इसकी ऊँची पर्वतीय स्थिति और वर्षाछाया के कारण कई भाग ठंडे तथा शुष्क हैं।

  5. हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी से मैदान की ओर जाते समय सामान्यतः कौन-से तलहटी क्षेत्र मिल सकते हैं?

    Options:
    1. मालवा और दक्कन
    2. सुंदरवन और राढ़
    3. भाबर और तराई
    4. डेल्टा और लैगून

    Correct Option: C

    Explanation:

    शिवालिक के दक्षिण में भाबर की कंकड़-बजरीयुक्त छिद्रदार पट्टी और उसके दक्षिण में तराई का नम क्षेत्र मिलता है। भाबर में पानी जमीन में रिस सकता है, जबकि तराई में वह फिर सतह पर आकर दलदली परिस्थितियाँ बना सकता है। ये क्षेत्र हिमालय और उत्तरी मैदान के बीच संक्रमण दर्शाते हैं।

  6. महान हिमालय के जलवैज्ञानिक महत्त्व का एक सही उदाहरण कौन-सा है?

    Options:
    1. यह केवल समुद्री जल का स्रोत है
    2. हिमनदों और हिमपिघलन से नदी प्रणालियों को जल मिलना
    3. यह मानसून को पूरी तरह समाप्त कर देता है
    4. यहाँ से कोई नदी प्रणाली पोषित नहीं होती

    Correct Option: B

    Explanation:

    महान हिमालय में हिमनद और मौसमी हिमावरण मौजूद हैं। गर्मियों में हिमपिघलन कई नदी प्रणालियों की ऊपरी धाराओं को जल देता है। हालांकि नदी प्रवाह पर वर्षा और भूजल भी प्रभाव डालते हैं, हिमनदों का आकार और पिघलने का समय जल-सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  7. हिमालय में पर्यावरण के अनुकूल विकास योजना बनाते समय किस बात को प्राथमिकता देनी चाहिए?

    Options:
    1. भू-जोखिम, ढाल की स्थिरता, जल-निकासी और स्थानीय पारिस्थितिकी का आकलन
    2. वनस्पति और जल-निकासी की अनदेखी
    3. बाढ़ तथा भूस्खलन जोखिम को अप्रासंगिक मानना
    4. हर स्थान पर बिना सर्वेक्षण निर्माण

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय में भूकंप, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और संवेदनशील पारिस्थितिकी जैसी चुनौतियाँ हैं। विकास योजनाओं में भू-जोखिम मानचित्रण, ढाल स्थिरता, जल-निकासी, वनस्पति संरक्षण और प्रारंभिक चेतावनी को शामिल करना चाहिए। इससे सड़क, भवन और बस्तियों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।

  8. किस कथन में ‘हिमाद्रि’ और ‘शिवालिक’ का अंतर सही बताया गया है?

    Options:
    1. शिवालिक हिमाद्रि से अधिक ऊँची है
    2. हिमाद्रि मैदान और शिवालिक नदी है
    3. दोनों एक ही श्रेणी के पर्याय हैं
    4. हिमाद्रि सर्वोच्च मुख्य श्रेणी है, जबकि शिवालिक बाहरी और अपेक्षाकृत नवीन श्रेणी है

    Correct Option: D

    Explanation:

    हिमाद्रि महान हिमालय की सबसे ऊँची और अधिक निरंतर श्रेणी है। शिवालिक हिमालय की दक्षिणी बाहरी श्रेणी है, जिसकी ऊँचाई कम है और जिसमें अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेप मिलते हैं। दोनों की ऊँचाई, चट्टानों और स्थलाकृतिक स्थिति में स्पष्ट अंतर है।

  9. हिमालय की विभिन्न श्रेणियों की तुलना करते समय कौन-से तत्व सबसे अधिक उपयोगी हैं?

    Options:
    1. स्थिति, ऊँचाई, चट्टानी संरचना, हिमावरण और घाटियों की विशेषताएँ
    2. केवल राजनीतिक सीमा
    3. केवल जनसंख्या की संख्या
    4. केवल नाम की वर्तनी

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालय की श्रेणियों को समझने के लिए उनकी उत्तर-दक्षिण स्थिति, ऊँचाई, चट्टानी संरचना, हिमावरण और घाटियों की तुलना करनी चाहिए। ट्रांस-हिमालय, हिमाद्रि, हिमाचल और शिवालिक की विशेषताएँ अलग हैं। इन तत्वों से भौतिक भूगोल और क्षेत्रीय अंतर स्पष्ट होते हैं।

  10. यदि किसी हिमालयी क्षेत्र में ढाल तीव्र हो और लगातार भारी वर्षा हो, तो कौन-सी प्रक्रिया तेज हो सकती है?

    Options:
    1. प्रवाल भित्ति निर्माण
    2. मरुस्थलीय लवण झीलों का निर्माण
    3. मृदा और चट्टान का अपरदन तथा भूस्खलन
    4. समुद्री ज्वार का विस्तार

    Correct Option: C

    Explanation:

    तीव्र ढाल पर भारी वर्षा पानी के बहाव को तेज करती है, जिससे मृदा और चट्टानों का अपरदन बढ़ सकता है। यदि चट्टानें कमजोर हों या ढाल पहले से कट चुकी हो, तो भूस्खलन का खतरा भी बढ़ता है। वनस्पति संरक्षण और उचित जल-निकासी इन प्रक्रियाओं को कम करने में मदद कर सकती है।

  11. सर सिडनी बरार्ड के वर्गीकरण में पंजाब हिमालय की पश्चिमी और पूर्वी सीमाएँ कौन-सी नदियाँ निर्धारित करती हैं?

    Options:
    1. सतलुज और काली
    2. सिंधु और सतलुज
    3. काली और तीस्ता
    4. तीस्ता और ब्रह्मपुत्र

    Correct Option: B

    Explanation:

    सर सिडनी बरार्ड ने हिमालय का अनुप्रस्थ विभाजन नदियों के बीच किया था। उनके अनुसार पंजाब हिमालय सिंधु और सतलुज नदियों के बीच स्थित है और इसकी लंबाई लगभग 500 किमी मानी गई है।

  12. एक विद्यार्थी बरार्ड के वर्गीकरण में 320 किमी लंबे हिमालयी खंड का अध्ययन कर रहा है। वह किस खंड को पढ़ रहा है?

    Options:
    1. नेपाल हिमालय
    2. असम हिमालय
    3. कुमाऊँ हिमालय
    4. पंजाब हिमालय

    Correct Option: C

    Explanation:

    बरार्ड के वर्गीकरण में कुमाऊँ हिमालय सतलुज और काली नदियों के बीच लगभग 320 किमी तक फैला है। नेपाल हिमालय काली–तीस्ता के बीच लगभग 800 किमी और असम हिमालय तीस्ता–ब्रह्मपुत्र के बीच लगभग 720 किमी बताया गया है।

  13. एस. पी. चटर्जी के 1964 के वर्गीकरण में पूर्वाचल को किस व्यापक हिमालयी विभाग में रखा गया है?

    Options:
    1. पूर्वी हिमालय
    2. पश्चिमी हिमालय
    3. मध्य हिमालय
    4. केवल पंजाब हिमालय

    Correct Option: A

    Explanation:

    एस. पी. चटर्जी ने 1964 में हिमालय को पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भागों में बाँटा। उनके वर्गीकरण में पूर्वाचल अथवा पूर्वोत्तर पर्वतमालाएँ पूर्वी हिमालय के अंतर्गत आती हैं।

  14. आर. एल. सिंह के 1971 के वर्गीकरण में उत्तर प्रदेश हिमालय किस विभाग में शामिल है?

    Options:
    1. पूर्वी हिमालय
    2. पश्चिमी हिमालय
    3. केवल कश्मीर हिमालय
    4. मध्य हिमालय

    Correct Option: D

    Explanation:

    आर. एल. सिंह के वर्गीकरण में पश्चिमी हिमालय में कश्मीर और हिमाचल हिमालय, मध्य हिमालय में उत्तर प्रदेश और नेपाल हिमालय, तथा पूर्वी हिमालय को अलग विभाग के रूप में रखा गया है।

  15. हिमालय के क्षेत्रीय विभाजन में कश्मीर घाटी किन दो प्रमुख पर्वतीय इकाइयों के बीच स्थित है?

    Options:
    1. काराकोरम और लद्दाख
    2. वृहत हिमालय और पीर पंजाल
    3. शिवालिक और धौलाधार
    4. जास्कर और नागा पहाड़ियाँ

    Correct Option: B

    Explanation:

    कश्मीर घाटी वृहत हिमालय और पीर पंजाल श्रेणी के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति, हिमानी निक्षेपों और करेवा संरचनाओं ने इस क्षेत्र की कृषि तथा बसावट को प्रभावित किया है।

  16. कश्मीर हिमालय में करेवा निक्षेपों का प्रमुख कृषि महत्त्व किस फसल से जुड़ा है?

    Options:
    1. चाय
    2. जूट
    3. केसर
    4. रबर

    Correct Option: C

    Explanation:

    करेवा हिमानी झीलों और हिमानी प्रक्रियाओं से संबंधित निक्षेप हैं। कश्मीर घाटी में इनकी मिट्टी केसर की खेती के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है, इसलिए करेवा का कृषि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में महत्त्व है।

  17. निम्न में से कौन-सा दर्रा जास्कर पर्वतमाला से संबंधित बताया गया है?

    Options:
    1. फोटु ला
    2. बनिहाल
    3. खारदुंग ला
    4. जोजि ला

    Correct Option: A

    Explanation:

    दिए गए क्षेत्रीय विवरण के अनुसार जोजि ला वृहत हिमालय, बनिहाल पीर पंजाल, फोटु ला जास्कर और खारदुंग ला लद्दाख श्रेणी से जुड़ा प्रमुख दर्रा है। दर्रे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन के महत्त्वपूर्ण मार्ग होते हैं।

  18. किस विकल्प में केवल काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों के नाम दिए गए हैं?

    Options:
    1. गंगोत्री, यमुनोत्री, पिंडारी
    2. सियाचिन, गंगोत्री, मिलम
    3. पिंडारी, केदारनाथ, यमुनोत्री
    4. बाल्टोरो, सियाचिन, हिस्पार

    Correct Option: D

    Explanation:

    काराकोरम क्षेत्र के प्रमुख हिमनदों में बाल्टोरो, सियाचिन, हिस्पार, बतूरा और बियाफो शामिल हैं। ये हिमनद उच्च पर्वतीय पर्यावरण, हिम-संचय और नदी प्रणालियों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

  19. श्रीनगर की अवस्थिति किस नदी के तट पर है?

    Options:
    1. चिनाब
    2. झेलम
    3. रावी
    4. सतलुज

    Correct Option: B

    Explanation:

    श्रीनगर झेलम नदी के तट पर स्थित है। झेलम सिंधु नदी तंत्र की एक महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है और कश्मीर घाटी की भौतिक तथा सांस्कृतिक भूगोल में केंद्रीय भूमिका निभाती है।

  20. कश्मीर हिमालय की झीलों में कौन-सा युग्म मीठे पानी की झीलों का है?

    Options:
    1. डल और वूलर
    2. पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी
    3. चिलिका और पुलिकट
    4. सांभर और लूणकरणसर

    Correct Option: A

    Explanation:

    डल और वूलर कश्मीर क्षेत्र की मीठे पानी की झीलें हैं। इसके विपरीत पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी को क्षेत्रीय विवरण में खारे पानी की झीलों के रूप में बताया गया है।