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हिमालय का विभाजन

  1. भाबर क्षेत्र की प्रमुख विशेषता क्या है?

    Options:
    1. स्थायी हिमनदों से ढकी सतह
    2. घने मैंग्रोव वन
    3. लावा पठार
    4. कंकड़-बजरीयुक्त छिद्रदार निक्षेपों में धाराएँ भूमि में समा जाती हैं

    Correct Option: D

    Explanation:

    भाबर शिवालिक के दक्षिण में हिमालय की तलहटी की संकरी पट्टी है। यहाँ नदियाँ मोटे कंकड़ और बजरी जमा करती हैं, जिससे भूमि छिद्रदार बनती है। कई छोटी धाराएँ सतह से नीचे रिस जाती हैं और दक्षिण की ओर तराई क्षेत्र में फिर सतह पर आ सकती हैं।

  2. भाबर के दक्षिण में स्थित नम और दलदली पट्टी क्या कहलाती है?

    Options:
    1. रोही
    2. दोआब
    3. तराई
    4. दून

    Correct Option: C

    Explanation:

    तराई भाबर के दक्षिण में स्थित नम और अपेक्षाकृत दलदली पट्टी है। भाबर में जमीन के भीतर समाई धाराएँ तराई में कम ढाल और महीन अवसादों के कारण फिर सतह पर आ सकती हैं। ऐतिहासिक रूप से यहाँ घने वन और दलदली परिस्थितियाँ थीं; अब कई भागों में कृषि और बसावट बढ़ी है।

  3. हिमालय के निर्माण का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. केवल नदी निक्षेपण
    2. अफ्रीकी प्लेट का अटलांटिक में डूबना
    3. केवल पवन अपरदन
    4. भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों का अभिसरण तथा टक्कर

    Correct Option: D

    Explanation:

    भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर बढ़कर यूरेशियाई प्लेट से टकराने के कारण हिमालय का निर्माण हुआ। इस अभिसरण ने चट्टानों में वलन, भ्रंशन और उत्थान उत्पन्न किया। प्लेटों की गति आज भी जारी है, इसलिए हिमालय भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र है।

  4. हिमालय को युवा वलित पर्वत क्यों कहा जाता है?

    Options:
    1. यह पृथ्वी का सबसे पुराना अपरदित पर्वत है
    2. यह केवल ज्वालामुखीय राख से बना है
    3. इसमें कोई विवर्तनिक गतिविधि नहीं होती
    4. इसका निर्माण भूवैज्ञानिक दृष्टि से अपेक्षाकृत हाल के प्लेट-अभिसरण और वलन से हुआ

    Correct Option: D

    Explanation:

    हिमालय का प्रमुख उत्थान भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों के अभिसरण से भूवैज्ञानिक समयमान पर अपेक्षाकृत हाल में हुआ। इसमें वलित चट्टानें, सक्रिय भ्रंश और निरंतर विवर्तनिक गतिविधि मिलती है। यही कारण भूकंप, ऊँचे उत्थान और तीव्र अपरदन की पृष्ठभूमि बनता है।

  5. हिमालय में भूस्खलन का जोखिम किन परिस्थितियों में बढ़ता है?

    Options:
    1. समतल मैदान और पूर्ण शुष्क मौसम ही
    2. केवल समुद्री ज्वार
    3. केवल कम तापमान
    4. तीव्र ढाल, कमजोर चट्टानें और भारी वर्षा

    Correct Option: D

    Explanation:

    तीव्र ढाल, दरारयुक्त चट्टानें, भारी वर्षा, भूकंप और सड़क कटान जैसी गतिविधियाँ हिमालय में भूस्खलन का जोखिम बढ़ाती हैं। युवा वलित पर्वत होने के कारण यहाँ अपरदन सक्रिय है। भूस्खलन परिवहन, बस्तियों और नदी प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।

  6. हिमालय भारतीय मानसून को किस प्रकार प्रभावित करता है?

    Options:
    1. उसका कोई प्रभाव नहीं होता
    2. केवल समुद्री धाराएँ बदलता है
    3. नमी वाली वायु को ऊपर उठाकर वर्षा बढ़ाता है और ठंडी मध्य एशियाई वायु को रोकने में भूमिका निभाता है
    4. मानसून को पूरी तरह समाप्त कर देता है

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमालय मानसूनी नमी से भरी वायु को ऊपर उठने के लिए बाध्य करता है, जिससे पर्वतीय ढालों पर वर्षा बढ़ सकती है। यह मध्य एशिया की ठंडी वायु के दक्षिण की ओर प्रवेश को भी सीमित करता है। वर्षा का वितरण ऊँचाई, ढाल और हवा की दिशा के अनुसार बदलता है।

  7. हिमालयी हिमनदों का प्रमुख जलवैज्ञानिक महत्त्व क्या है?

    Options:
    1. वे केवल समुद्री जल का तापमान नियंत्रित करते हैं
    2. वे केवल मरुस्थलीय झीलें भरते हैं
    3. वे पिघलकर अनेक हिमालयी नदियों के प्रवाह में योगदान देते हैं
    4. वे नदी प्रवाह में योगदान नहीं देते

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमनद बर्फ के दीर्घकालिक भंडार हैं। गर्म मौसम में इनके पिघलने से सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र प्रणालियों की अनेक ऊपरी धाराओं को जल मिलता है। नदी प्रवाह में वर्षा और हिम-पिघलन का योगदान मौसम तथा नदी के अनुसार बदलता है, इसलिए हिमनदों में परिवर्तन जल-सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  8. हिमालय में भूकंप का जोखिम अधिक होने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. यह पूरी तरह समुद्र तल से नीचे है
    2. यह स्थिर प्लेट के बीचोंबीच है
    3. भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों का अभिसरण जारी है
    4. यहाँ कोई सक्रिय भ्रंश नहीं है

    Correct Option: C

    Explanation:

    भारतीय प्लेट का यूरेशियाई प्लेट के साथ अभिसरण हिमालय में तनाव और विकृति पैदा करता है। चट्टानों में संचित तनाव अचानक मुक्त होने पर भूकंप आते हैं। इस सक्रिय प्लेट सीमा के कारण हिमालय और आसपास के क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील हैं।

  9. कश्मीर हिमालय की प्रसिद्ध पीर पंजाल श्रेणी किस विभाजन में आती है?

    Options:
    1. पूर्वी घाट
    2. लघु हिमालय
    3. ट्रांस-हिमालय
    4. शिवालिक

    Correct Option: B

    Explanation:

    पीर पंजाल लघु हिमालय की प्रमुख श्रेणी है। यह कश्मीर घाटी और दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्रों के बीच प्राकृतिक अवरोध बनती है तथा दर्रों के माध्यम से संपर्क उपलब्ध कराती है। इसकी ऊँचाई और हिमपात स्थानीय जलवायु, परिवहन और बसावट को प्रभावित करते हैं।

  10. हिमाद्रि और हिमाचल में सही अंतर कौन-सा है?

    Options:
    1. हिमाचल हिमाद्रि से उत्तर में है
    2. दोनों केवल शिवालिक के नाम हैं
    3. हिमाद्रि अधिक ऊँची मुख्य श्रेणी है और हिमाचल इसके दक्षिण में है
    4. हिमाद्रि मैदान और हिमाचल पठार है

    Correct Option: C

    Explanation:

    हिमाद्रि महान हिमालय की सर्वोच्च और अधिक निरंतर श्रेणी है। हिमाचल या लघु हिमालय इसके दक्षिण में स्थित है और इसमें अपेक्षाकृत कम ऊँची श्रेणियाँ तथा अनेक घाटियाँ मिलती हैं। दोनों में ऊँचाई, हिमावरण और मानव बसावट की परिस्थितियों में अंतर होता है।

  11. शिवालिक को हिमालय की बाहरी श्रेणी क्यों कहा जाता है?

    Options:
    1. यह समुद्र में स्थित है
    2. यह मुख्य हिमालय के दक्षिणी किनारे पर स्थित है
    3. यह ट्रांस-हिमालय के उत्तर में है
    4. यह सबसे ऊँची श्रेणी है

    Correct Option: B

    Explanation:

    शिवालिक हिमालय की दक्षिणी या बाहरी पर्वतीय पट्टी है और मैदानों के निकट स्थित है। यह महान हिमालय से कम ऊँची और अपेक्षाकृत नवीन अवसादी निक्षेपों से बनी है। इसके दक्षिण में भाबर और तराई जैसे तलहटी क्षेत्र पाए जाते हैं।

  12. हिमालयी क्षेत्रों में ऊँचाई और जलवायु के अंतर का मुख्य कारण क्या है?

    Options:
    1. ऊँचाई, ढाल, वर्षा की दिशा और पर्वतीय स्थिति
    2. केवल समुद्री ज्वार
    3. केवल मिट्टी का रंग
    4. हर ऊँचाई पर समान तापमान

    Correct Option: A

    Explanation:

    ऊँचाई बढ़ने पर तापमान सामान्यतः घटता है और ढाल की दिशा तथा मानसूनी हवाओं के संपर्क से वर्षा बदलती है। दक्षिणी ढालों पर कई जगह अधिक वर्षा होती है, जबकि वर्षाछाया में स्थित लद्दाख अपेक्षाकृत शुष्क है। इससे वनस्पति, हिमावरण और बसावट में क्षेत्रीय अंतर आते हैं।

  13. पूर्वी हिमालय में पश्चिमी भाग की तुलना में अधिक वर्षा होने का सामान्य कारण क्या है?

    Options:
    1. पूर्वी हिमालय बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम मानसूनी हवाओं के प्रभाव में अधिक रहता है
    2. पश्चिमी भाग समुद्र के भीतर है
    3. पूर्वी भाग में मानसून पहुँचता ही नहीं
    4. पूर्वी भाग के सभी पर्वत 500 मीटर से कम हैं

    Correct Option: A

    Explanation:

    पूर्वी हिमालय बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से युक्त मानसूनी हवाओं के प्रभाव में अधिक रहता है। इस कारण कई पूर्वी क्षेत्रों में वर्षा पश्चिमी हिमालय से अधिक होती है। फिर भी वास्तविक वर्षा ऊँचाई, ढाल और घाटियों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है।

  14. पश्चिमी हिमालय में शीतकालीन वर्षा और हिमपात पर कौन-सी मौसम प्रणाली प्रभाव डालती है?

    Options:
    1. दक्षिणी व्यापारिक पवनें ही
    2. समुद्री ज्वार
    3. एल नीनो अकेला
    4. पश्चिमी विक्षोभ

    Correct Option: D

    Explanation:

    पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी एशिया से होकर उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुँचने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं। ये सर्दियों में पश्चिमी हिमालय में वर्षा और ऊँचे क्षेत्रों में हिमपात लाती हैं। यह हिमपात रबी फसलों, जल-संसाधनों और पर्वतीय पारिस्थितिकी के लिए महत्त्वपूर्ण है।

  15. हिमालय में ऊँचाई के अनुसार वनस्पति बदलने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. केवल मिट्टी में नमक
    2. ऊँचाई के साथ तापमान, नमी और बढ़ने के मौसम में परिवर्तन
    3. केवल नदी की चौड़ाई
    4. सभी ऊँचाइयों पर समान तापमान

    Correct Option: B

    Explanation:

    ऊँचाई बढ़ने पर तापमान और बढ़ने के मौसम की अवधि सामान्यतः घटती है। नमी तथा ढाल भी बदलते हैं, इसलिए तलहटी के उपोष्णकटिबंधीय वनों से समशीतोष्ण वन, अल्पाइन घासभूमि और हिमरेखा के ऊपर विरल वनस्पति तक अलग पट्टियाँ मिलती हैं।

  16. हिमालयी दर्रों का प्रमुख महत्त्व क्या है?

    Options:
    1. वे पर्वतीय अवरोध के पार आवागमन और व्यापार के मार्ग प्रदान करते हैं
    2. वे पर्वतों को ऊँचा बनाते हैं
    3. वे हमेशा नदियों को पूरी तरह रोकते हैं
    4. वे केवल समुद्र में पाए जाते हैं

    Correct Option: A

    Explanation:

    दर्रे पर्वतीय श्रेणियों में अपेक्षाकृत नीची जगहें हैं जिनसे लोग, सड़कें और व्यापारिक मार्ग गुजर सकते हैं। हिमालयी दर्रों का सामरिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्त्व है। ऊँचाई, हिमपात और मौसम के कारण कई दर्रे वर्ष के कुछ हिस्सों में बंद हो सकते हैं।

  17. हिमालयी नदी घाटियों में बस्तियाँ अक्सर कहाँ विकसित होती हैं?

    Options:
    1. केवल निर्जल जल-विभाजकों पर
    2. जहाँ अपेक्षाकृत समतल भूमि, जल और परिवहन सुविधा उपलब्ध हो
    3. केवल हिमनदों की चोटियों पर
    4. केवल खड़ी चट्टानों पर

    Correct Option: B

    Explanation:

    हिमालय में तीव्र ढाल के कारण समतल भूमि सीमित है। घाटियों और नदी के निकट अपेक्षाकृत समतल स्थानों पर जल, कृषि और परिवहन की सुविधा के कारण बस्तियाँ विकसित हो सकती हैं। फिर भी बाढ़, कटाव और भूस्खलन के जोखिम को ध्यान में रखकर भूमि उपयोग नियोजित करना आवश्यक है।

  18. हिमालयी घाटियों के निर्माण में कौन-सी प्रक्रियाएँ भूमिका निभाती हैं?

    Options:
    1. नदी अपरदन, विवर्तनिक संरचना और हिमनदीय क्रियाएँ
    2. केवल हवा का जमाव
    3. केवल प्रवाल वृद्धि
    4. केवल समुद्री लहरें

    Correct Option: A

    Explanation:

    हिमालयी घाटियाँ कई प्रक्रियाओं से बनती और बदलती हैं। नदियाँ चट्टानों का अपरदन करके घाटियों को गहरा करती हैं, विवर्तनिक उत्थान और भ्रंश उनकी दिशा तथा रूप को प्रभावित करते हैं, और ऊँचे क्षेत्रों में हिमनद भी घाटियों को आकार देते हैं।

  19. हिमालय में सड़क निर्माण से ढाल अस्थिरता का जोखिम क्यों बढ़ सकता है?

    Options:
    1. सड़क निर्माण से पर्वत समाप्त हो जाते हैं
    2. कटान, विस्फोट, जल-निकासी में बदलाव और वनस्पति हटने से
    3. ढाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
    4. सड़कें वर्षा पूरी तरह रोक देती हैं

    Correct Option: B

    Explanation:

    सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ी ढाल काटने, विस्फोट, वनस्पति हटाने और जल-निकासी बदलने से ढाल अस्थिर हो सकती है। भारी वर्षा या भूकंप के समय भूस्खलन का खतरा बढ़ता है। भूवैज्ञानिक जाँच, उपयुक्त निकासी और ढाल-स्थिरीकरण जोखिम घटाने में मदद करते हैं।

  20. हिमालय में जैव-विविधता अधिक होने का प्रमुख कारण क्या है?

    Options:
    1. वनस्पति का पूर्ण अभाव
    2. केवल एक प्रकार की मिट्टी
    3. पूरे क्षेत्र में एक जैसी जलवायु
    4. ऊँचाई, वर्षा, तापमान और आवासों में व्यापक विविधता

    Correct Option: D

    Explanation:

    तलहटी से ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों तक ऊँचाई, तापमान, वर्षा और मिट्टी में व्यापक बदलाव मिलते हैं। इससे विभिन्न वन, घासभूमियाँ और अल्पाइन आवास विकसित होते हैं। विभिन्न आवासों के कारण अनेक पौधों और जीवों का अस्तित्व संभव होता है, जिससे हिमालय संरक्षण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।