भारतीय जलवायु
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कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
हिमालय उत्तर में एक बड़ा पर्वतीय अवरोध बनाता है और मध्य एशिया की अत्यधिक ठंडी हवाओं के प्रभाव को सीमित करने में मदद करता है। अरावली का संबंध पश्चिमी राजस्थान की कम वर्षा के भौगोलिक कारणों से है, जबकि एल नीनो प्रशांत महासागर से जुड़ा जलवायु पैटर्न है।
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किस कारक से तटीय शहरों में गर्मी और सर्दी का तापांतर आंतरिक शहरों से सामान्यतः कम रहता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
समुद्र की ऊष्मा धारिता अधिक होती है, इसलिए वह स्थल की तुलना में धीरे गर्म और ठंडा होता है। समुद्र के निकट क्षेत्रों में यह प्रभाव तापमान के अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कम करता है। आंतरिक क्षेत्रों में समुद्र का प्रभाव कम होने से गर्मी और सर्दी अधिक तीव्र हो सकती हैं।
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भारत में जलवायु के निर्धारण में स्थलाकृति का महत्व किस उदाहरण से स्पष्ट होता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
स्थलाकृति पवनों को ऊपर उठाकर या उनका मार्ग बदलकर वर्षा के वितरण को प्रभावित करती है। पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर नम मानसूनी पवनें भारी वर्षा कराती हैं, जबकि घाट के पूर्व में कुछ भाग वर्षाछाया क्षेत्र बनते हैं। यह भारत में स्थलरूपों के जलवायु पर प्रभाव का प्रमुख उदाहरण है।
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भारत के उत्तर और दक्षिण में तापमान के अंतर को समझाने में कौन-सा कारक विशेष रूप से उपयोगी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
भारत का उत्तर-दक्षिण विस्तार पर्याप्त बड़ा है। सामान्यतः दक्षिणी भाग भूमध्य रेखा के अधिक निकट होने के कारण अधिक उष्ण रहता है, जबकि उत्तर में मौसमी तापांतर अधिक हो सकता है। फिर भी हिमालय की ऊँचाई, समुद्र से दूरी और वायुमंडलीय प्रणालियाँ तापमान को अतिरिक्त रूप से प्रभावित करती हैं।
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किस कारण से उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु में वर्षा ला सकता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
शीत ऋतु के आरंभ में स्थल से समुद्र की ओर बहने वाली उत्तर-पूर्वी पवनें बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते हुए नमी ग्रहण कर सकती हैं। इसके बाद ये तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तट पर वर्षा ला सकती हैं। इसीलिए तमिलनाडु की वर्षा का बड़ा हिस्सा कई वर्षों में लौटते मानसून से मिलता है।
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भारत की जलवायु पर समुद्री धाराओं का संभावित प्रभाव क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
समुद्री धाराएँ गर्म या ठंडे जल को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक ले जाती हैं। वे तटीय तापमान, वाष्पीकरण और आसपास की वायु की नमी को प्रभावित कर सकती हैं। भारत की जलवायु पर समुद्री धाराओं का प्रभाव पवनों, समुद्री सतह तापमान और मानसूनी परिसंचरण के साथ मिलकर समझा जाता है।
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कौन-सा कथन भारतीय जलवायु के कारकों के संबंध में सही है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
भारत की जलवायु किसी एक कारक से निर्धारित नहीं होती। अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी, हिमालय और अन्य स्थलरूप, मानसूनी पवनें, जेट धाराएँ, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और ENSO जैसे महासागर-वायुमंडल पैटर्न परस्पर क्रिया करते हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से क्षेत्रीय जलवायु और वर्षा में विविधता आती है।
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यदि किसी क्षेत्र में समुद्र से दूरी अधिक हो और पर्वतीय अवरोध भी वर्षा में कमी लाए, तो वहाँ किस प्रकार की जलवायु दशा की संभावना हो सकती है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
समुद्र से दूरी बढ़ने पर नमी का समुद्री प्रभाव कम हो सकता है और तापमान का वार्षिक अंतर बढ़ सकता है। यदि क्षेत्र पर्वत के वर्षाछाया भाग में भी हो, तो वर्षा और कम हो सकती है। हालांकि वास्तविक जलवायु का निर्धारण स्थानीय पवनों, ऊँचाई और अन्य मौसमी प्रणालियों पर भी निर्भर करता है।
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भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारकों में ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण का उदाहरण कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
जेट धाराएँ ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से बहने वाली वायु की संकरी धाराएँ हैं। इनके स्थान और मौसमी बदलाव का संबंध पश्चिमी विक्षोभों के मार्ग और भारतीय मानसून की प्रगति से हो सकता है। इसलिए ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण जलवायु को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में शामिल है।
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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
एल नीनो कई वर्षों में भारतीय मानसून के कमजोर होने की संभावना बढ़ा सकता है, लेकिन हर घटना में भारत में निश्चित रूप से सूखा ही पड़े, ऐसा नहीं है। मानसून पर हिंद महासागर द्विध्रुव, क्षेत्रीय परिसंचरण और अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियाँ भी प्रभाव डालती हैं। अन्य कथन सामान्य भौगोलिक संबंधों के अनुरूप हैं।