भारत का उत्तरी मैदान
-
बाढ़ मैदान में नदी के दोनों ओर बने प्राकृतिक तटबंधों के पीछे जल भर जाने से कौन-सी समस्या हो सकती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
प्राकृतिक तटबंध नदी के किनारे अपेक्षाकृत ऊँचे भाग बना सकते हैं। इनके पीछे का निम्न भूभाग पानी निकलने में कठिनाई के कारण जलभराव से प्रभावित हो सकता है।
-
उत्तरी मैदान के पूर्वी भाग में अत्यधिक बाढ़ की संभावना बढ़ाने वाला प्रमुख कारक क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
पूर्वी उत्तरी मैदान और ब्रह्मपुत्र घाटी में भारी मानसूनी वर्षा तथा हिमालय से आने वाली नदियों का अधिक जल प्रवाह बाढ़ की संभावना बढ़ाते हैं।
-
कोसी नदी को बिहार में प्रायः किस समस्या से जोड़ा जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
कोसी नदी हिमालय से बड़ी मात्रा में अवसाद लाती है और बिहार के मैदान में बाढ़ तथा धारा परिवर्तन के लिए प्रसिद्ध है। इसी कारण इसे कभी-कभी बिहार का शोक भी कहा जाता है।
-
उत्तरी मैदान में नदियों के किनारे नई जलोढ़ मिट्टी का जमाव कृषि के लिए क्यों उपयोगी है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
बाढ़ के साथ आने वाली महीन गाद और अवसाद मिट्टी में पोषक तत्वों की पुनःपूर्ति कर सकते हैं। हालांकि अत्यधिक बाढ़ फसलों और बस्तियों को नुकसान भी पहुँचा सकती है।
-
उत्तरी मैदान में नहर सिंचाई के विकास के लिए कौन-सी भौतिक स्थिति विशेष रूप से अनुकूल है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
समतल भूमि और कम ढाल नहरों के निर्माण तथा जल वितरण को अपेक्षाकृत आसान बनाते हैं। उपजाऊ मिट्टी के साथ सिंचाई ने उत्तरी मैदान में गहन कृषि को बढ़ावा दिया है।
-
उत्तरी मैदान में गेहूँ और चावल की खेती का वितरण मुख्यतः किससे प्रभावित होता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
गेहूँ और चावल की खेती तापमान, वर्षा, सिंचाई की उपलब्धता, मिट्टी तथा कृषि तकनीक पर निर्भर करती है। मैदान के अलग-अलग भागों में इन कारकों की भिन्नता फसल वितरण को प्रभावित करती है।
-
गंगा मैदान के पश्चिमी भाग में सिंचाई का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पश्चिमी गंगा मैदान में नहरों और भूजल का उपयोग सिंचाई के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। सिंचाई की उपलब्धता गेहूँ, गन्ना और अन्य फसलों की उत्पादकता को बढ़ाती है।
-
उत्तरी मैदान के पूर्वी हिस्सों में धान की खेती के लिए कौन-सी परिस्थिति अधिक अनुकूल है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
पूर्वी उत्तरी मैदान में अपेक्षाकृत अधिक मानसूनी वर्षा और जल उपलब्धता धान की खेती के लिए अनुकूल होती है। स्थानीय मिट्टी, बाढ़ और सिंचाई भी उत्पादन को प्रभावित करते हैं।
-
उत्तरी मैदान में जनसंख्या का घनत्व सामान्यतः अधिक होने का एक कारण क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
उपजाऊ मिट्टी, जल की उपलब्धता, समतल स्थलाकृति और परिवहन के विकास ने उत्तरी मैदान में कृषि तथा नगरीय बस्तियों को बढ़ावा दिया है।
-
उत्तरी मैदान में नदियों के द्वारा जमा महीन गाद का सबसे सीधा प्रभाव क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
नदी द्वारा लाई गई महीन गाद बाढ़ मैदानों में जमा होकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ा सकती है। फिर भी परिणाम निक्षेपों की प्रकृति, जल निकास और बाढ़ की तीव्रता पर निर्भर करता है।
-
उत्तरी मैदान में नदी के ऊपरी प्रवाह से निचले प्रवाह तक अवसादों का आकार सामान्यतः कैसा बदलता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
नदी पर्वतों से मैदान की ओर आते समय सामान्यतः पहले मोटे कंकड़-बजरी और आगे चलकर महीन रेत, गाद तथा चिकनी मिट्टी जमा करती है। यह बदलाव नदी के वेग और वहन क्षमता से जुड़ा है।
-
जलवायु एवं स्थलाकृतिक विशेषताओं के आधार पर भारत के उत्तरी मैदान को सामान्यतः किन चार प्रमुख प्रादेशिक इकाइयों में बाँटा जाता है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
उत्तरी मैदान का प्रादेशिक विभाजन जलवायु, स्थलाकृति और नदी-निक्षेपों की विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसके चार प्रमुख भाग राजस्थान मैदान, पंजाब-हरियाणा मैदान, गंगा मैदान तथा ब्रह्मपुत्र मैदान हैं। प्रत्येक भाग में वर्षा, जल-निकास, मिट्टी और नदी-निर्मित स्थलरूपों की अलग-अलग विशेषताएँ मिलती हैं।
-
राजस्थान मैदान की स्थिति अरावली पर्वत के किस ओर है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
राजस्थान मैदान अरावली पर्वत के पश्चिम में स्थित है। इसमें राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र तथा बागड़ जैसे भौगोलिक भाग शामिल हैं। अरावली के पश्चिम में वर्षा अपेक्षाकृत कम होने के कारण शुष्क जलवायु, रेत के टीले और आंतरिक अपवाह वाले क्षेत्र प्रमुख हैं।
-
राजस्थान मैदान का अनुमानित क्षेत्रफल कितना है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
राजस्थान मैदान का अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 1,75,000 वर्ग किलोमीटर बताया गया है। इसकी विशालता के बावजूद बड़े हिस्से में शुष्क जलवायु और मरुस्थलीय स्थलरूप पाए जाते हैं। तुलना के लिए लेख में ब्रह्मपुत्र मैदान का क्षेत्रफल लगभग 56,275 वर्ग किमी और निचले गंगा मैदान का क्षेत्रफल लगभग 80,970 वर्ग किमी दिया गया है।
-
राजस्थान मैदान का सामान्य ढाल किस दिशा में है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
राजस्थान मैदान का सामान्य ढाल उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर बताया गया है। मैदान की ऊँचाई और नदी-प्रवाह की दिशा समझने में सामान्य ढाल उपयोगी संकेत है। लूनी नदी का प्रवाह भी इस शुष्क क्षेत्र की भौगोलिक संरचना और आंतरिक अपवाह के स्वरूप को समझने में महत्त्वपूर्ण है।
-
राजस्थान मैदान में लवणीय झीलों की उपस्थिति किस भौगोलिक प्रक्रिया का प्रमाण मानी गई है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
सांभर, डीडवाना, डेगाना और अन्य लवणीय झीलें राजस्थान के भूगर्भीय अतीत तथा शुष्क जलवायु से संबंधित हैं। लेख इन झीलों को समुद्र के पीछे हटने और पुराने समुद्री प्रभाव के प्रमाणों से जोड़ता है। शुष्क परिस्थितियों में जल का वाष्पीकरण अधिक होने से लवण जमा हो सकते हैं, जिससे झीलों का पानी खारा बनता है।
-
सांभर झील किस शहर के उत्तर-पश्चिम में लगभग 65 किमी दूर स्थित बताई गई है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सांभर झील जयपुर के उत्तर-पश्चिम में लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह राजस्थान की प्रसिद्ध खारे पानी की झील है। वर्षा ऋतु में इसका फैलाव काफी बढ़ जाता है और इसका उल्लेख राजस्थान मैदान के लवणीय झीलों वाले भू-दृश्य को समझाने के लिए किया जाता है।
-
राजस्थान मैदान की कौन-सी नदी कच्छ के रण से होकर अरब सागर तक पहुँचती है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
लूनी राजस्थान के शुष्क मैदान की प्रमुख नदी है और लेख के अनुसार इस क्षेत्र की वह नदी है जो कच्छ के रण से होकर अरब सागर तक पहुँचती है। इसके ऊपरी भाग में पानी अपेक्षाकृत मीठा होता है, जबकि निचले भाग में लवणता बढ़ने से जल खारा हो जाता है। यह परिवर्तन शुष्क जलवायु और वाष्पीकरण से जुड़ा है।
-
राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी भाग के उपजाऊ जलोढ़ मैदान को स्थानीय रूप से क्या कहा जाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
राजस्थान मैदान के दक्षिण-पश्चिमी भाग में जलोढ़ मिट्टी वाले अपेक्षाकृत उपजाऊ मैदान मिलते हैं, जिन्हें रोही कहा जाता है। यह नाम स्थानीय भू-आकृतिक पहचान को दर्शाता है। इसके विपरीत राजस्थान के बड़े हिस्से में रेत के टीले, बरखान तथा प्लाया झीलों जैसे शुष्क प्रदेशों के स्थलरूप प्रमुख हैं।
-
घग्गर नदी के शुष्क नदी-पात्र से संबंधित मैदान को क्या कहा जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
राजस्थान मैदान के उत्तर-पूर्वी भाग में घग्गर नदी का शुष्क संस्तर या नदी-पात्र पाया जाता है, जिससे संबंधित क्षेत्र को घग्गर मैदान कहा जाता है। यह उदाहरण दिखाता है कि वर्तमान में मौसमी या शुष्क नदी-पात्र भी किसी क्षेत्र की स्थलाकृति और ऐतिहासिक जल-निकास व्यवस्था को पहचानने में उपयोगी होते हैं।