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Western Ghats और Kasturirangan Report एक बार फिर चर्चा में हैं। Karnataka Assembly ने 22 सितंबर 2026 को Kasturirangan Report के आधार पर जारी Western Ghats Ecologically Sensitive Area (ESA) की सातवीं draft notification को वर्तमान रूप में स्वीकार नहीं करने और इसमें आवश्यक बदलाव की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया। राज्य ने क्षेत्र का physical survey कराने और इसके लिए केंद्र से एक वर्ष का समय मांगा है।
केंद्र सरकार की 27 जुलाई 2026 की draft notification में Karnataka के 10 जिलों के 20,668 वर्ग किमी क्षेत्र और 1,449 गांवों को प्रस्तावित ESA में शामिल किया गया है।
Western Ghats क्या है?
Western Ghats भारत के पश्चिमी तट के समानांतर फैली एक प्रमुख पर्वतमाला है। यह लगभग 1,600 किमी लंबी है और Gujarat, Maharashtra, Goa, Karnataka, Kerala और Tamil Nadu से होकर गुजरती है। Western Ghats भारत के प्रमुख जैव-विविधता क्षेत्रों में से एक है। इसके महत्व के कारण इसे 2012 में UNESCO World Heritage Site के रूप में मान्यता मिली।
भौगोलिक दृष्टि से Western Ghats का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह Arabian Sea से आने वाली मानसूनी हवाओं को ऊपर उठाकर Orographic Rainfall में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Kasturirangan Report क्या है?
Kasturirangan Report Western Ghats के संरक्षण से संबंधित High Level Working Group (HLWG) की रिपोर्ट है।
भारत सरकार ने 2012 में डॉ. K. Kasturirangan की अध्यक्षता में High Level Working Group गठित किया था। इसका उद्देश्य Madhav Gadgil Committee की 2011 की रिपोर्ट की समीक्षा करना था। Kasturirangan Committee ने अपनी रिपोर्ट 2013 में प्रस्तुत की।
इसका मुख्य उद्देश्य
Western Ghats में:
- पर्यावरण संरक्षण
- जैव-विविधता की रक्षा
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
- और विकास के बीच संतुलन
स्थापित करने के लिए Ecologically Sensitive Area (ESA) की पहचान करना था।
Kasturirangan Report की प्रमुख सिफारिश
Kasturirangan Committee ने Western Ghats के लगभग 60,000 वर्ग किमी, यानी लगभग 37% क्षेत्र को Ecologically Sensitive Area के रूप में चिन्हित करने की सिफारिश की थी। यह क्षेत्र छह राज्यों—Gujarat, Maharashtra, Goa, Karnataka, Kerala और Tamil Nadu—में फैला था।
यहाँ विशेष रूप से high-impact activities को नियंत्रित करने का प्रस्ताव था।
Karnataka में अभी विवाद क्यों है?
2026 की draft notification के अनुसार Karnataka में लगभग 20,668 वर्ग किमी क्षेत्र को ESA में शामिल करने का प्रस्ताव है। यह क्षेत्र 10 जिलों और 1,449 गांवों से संबंधित है। Karnataka सरकार की प्रमुख आपत्तियों में यह शामिल है कि प्रस्तावित boundaries में forests के साथ agricultural land, plantations, houses और public infrastructure भी आ सकते हैं।
राज्य ने कहा है कि boundaries की पहचान के लिए satellite data के साथ joint physical survey और survey-number-wise demarcation की आवश्यकता है। इसके लिए Karnataka ने एक high-level committee और physical survey की प्रक्रिया की बात कही है तथा केंद्र से एक वर्ष का समय मांगा है।
Western Ghats का भौगोलिक महत्व
परीक्षा की दृष्टि से Western Ghats को केवल Kasturirangan Report से जोड़कर न पढ़ें। इसके कई महत्वपूर्ण geographical features हैं:
- Arabian Sea के समानांतर स्थित।
- Indian monsoon में महत्वपूर्ण भूमिका।
- Western slope पर भारी वर्षा।
- कई प्रायद्वीपीय नदियों का उद्गम क्षेत्र।
- जैव-विविधता का प्रमुख केंद्र।
- भारत के पश्चिमी तट और Deccan Plateau के बीच महत्वपूर्ण physiographic divide।
- UNESCO World Heritage Site का हिस्सा।
Sources: Hindustan Times, Press Information Bureau, The Indian Express
परीक्षा के लिए 5 महत्वपूर्ण तथ्य
1. Kasturirangan Committee का गठन कब हुआ?
→ 2012
2. Kasturirangan Committee के अध्यक्ष कौन थे?
→ डॉ. K. Kasturirangan
3. Kasturirangan Report कब प्रस्तुत की गई?
→ 2013
4. Committee ने Western Ghats के लगभग कितने क्षेत्र को ESA के रूप में चिन्हित किया?
→ लगभग 37% या 60,000 वर्ग किमी।
5. Western Ghats कितने राज्यों से होकर गुजरती है?
→ 6 राज्य—Gujarat, Maharashtra, Goa, Karnataka, Kerala और Tamil Nadu।
FAQs
Kasturirangan Report किससे संबंधित है?
यह Western Ghats के ecological conservation और Ecologically Sensitive Area (ESA) से संबंधित High Level Working Group की रिपोर्ट है।
Kasturirangan Committee ने कितने क्षेत्र को ESA के लिए प्रस्तावित किया था?
लगभग 60,000 वर्ग किमी यानी Western Ghats के लगभग 37% क्षेत्र को।
Karnataka में अभी क्या मामला है?
Karnataka Assembly ने सितंबर 2026 में सातवीं draft ESA notification के वर्तमान स्वरूप की समीक्षा और modification की मांग की है तथा physical survey के लिए एक वर्ष का समय मांगा है।
Western Ghats का सबसे बड़ा भौगोलिक महत्व क्या है?
यह मानसून, जैव-विविधता, नदी उद्गम और पश्चिमी भारत की जलवायु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र है।