इस लेख में हम भारत में अभ्रक का उत्पादन एवं वितरण के साथ- 2 इसके प्रकार, विशेषताओं, आर्थिक महत्व और उपयोग के बारे में चर्चा करेंगे।
अभ्रक (Mica) क्या है?
अभ्रक या Mica एक महत्वपूर्ण अधात्विक खनिज समूह है, जो अपनी पतली परतों में आसानी से विभाजित होने की क्षमता, पारदर्शिता, लचीलेपन, ऊष्मा प्रतिरोध तथा उच्च विद्युतरोधकता के कारण औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभ्रक मुख्यतः आग्नेय, कायांतरित और अवसादी चट्टानों में पाया जाता है। भारतीय खनिज ब्यूरो (IBM) के अनुसार Mica group में लगभग 34 phyllosilicate minerals शामिल हैं, जिनकी संरचना परतदार या platy होती है।
अभ्रक के दो प्रमुख व्यावसायिक प्रकार Muscovite (मस्कोवाइट या White/Potash Mica) और Phlogopite (फ्लोगोपाइट या Magnesium/Amber Mica) हैं। Muscovite मुख्यतः granitic pegmatites से प्राप्त होता है, जबकि Phlogopite सामान्यतः कायांतरित अवसादी चट्टानों से संबंधित होता है, जिनमें pegmatite-rich granite का अंतःक्षेपण हुआ हो।
अभ्रक की प्रमुख विशेषताएँ
अभ्रक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी perfect basal cleavage है, जिसके कारण इसे बहुत पतली sheets या films में आसानी से विभाजित किया जा सकता है। यह लचीला, पारदर्शी, tough तथा elastic होता है। इसके अतिरिक्त इसमें उच्च dielectric strength, ऊष्मा के प्रति प्रतिरोध तथा तापमान में अचानक परिवर्तन सहने की क्षमता होती है। अभ्रक रासायनिक रूप से अपेक्षाकृत inert और स्थिर होता है तथा पानी को आसानी से अवशोषित नहीं करता। इन गुणों के कारण विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में इसका विशेष महत्व है।

भारत में अभ्रक का वितरण
भारत में अभ्रक के महत्वपूर्ण निक्षेप मुख्यतः pegmatite belts से जुड़े हुए हैं। भारत के प्रमुख mica-bearing pegmatites आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी अभ्रक के occurrences पाए जाते हैं।
भारत में अभ्रक का वितरण समान रूप से नहीं है। इसके प्रमुख क्षेत्र प्रायद्वीपीय भारत के पुराने crystalline तथा metamorphic rock belts से संबंधित हैं। विशेष रूप से आंध्र प्रदेश का Nellore mica belt, झारखंड-बिहार का Koderma-Giridih belt तथा राजस्थान का Ajmer-Bhilwara क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं।
1. आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख अभ्रक संसाधन क्षेत्रों में से एक है। Nellore और Visakhapatnam जिले अभ्रक की महत्वपूर्ण occurrences के लिए जाने जाते हैं। यह राज्य को देश के लगभग 41% mica resources से संबद्ध बताया गया है। Nellore mica belt विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यहां pegmatite rocks में mica का विकास हुआ है और ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र sheet mica के लिए प्रसिद्ध रहा है।
प्रमुख क्षेत्र
- Nellore
- Visakhapatnam
2. झारखंड और बिहार
झारखंड-बिहार क्षेत्र भारत के पारंपरिक mica-producing belts में से एक है। विशेष रूप से Koderma–Giridih–Hazaribagh belt ऐतिहासिक रूप से sheet mica के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां उच्च गुणवत्ता वाले Muscovite mica के निक्षेप पाए जाते हैं। बिहार में Nawada district में mica occurrence दर्ज है।
प्रमुख क्षेत्र
- Koderma
- Giridih
- Hazaribagh
- Nawada
3. राजस्थान
राजस्थान वर्तमान में mica के महत्वपूर्ण उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। राजस्थान में Ajmer और Bhilwara जिलों में mica की occurrences दर्ज हैं। राजस्थान के mica deposits मुख्यतः pegmatite तथा संबंधित crystalline rocks से जुड़े हैं। यहां मिलने वाले mica में Muscovite महत्वपूर्ण है।
प्रमुख क्षेत्र
- Ajmer
- Bhilwara
4. ओडिशा
ओडिशा भी भारत के महत्वपूर्ण mica-resource states में शामिल है। ओडिशा देश के लगभग 17% mica resources से संबंधित है।
5. महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में भी mica के occurrences पाए जाते हैं। यहां Sindhudurg district में mica की occurrence दर्ज है। महाराष्ट्र का mica distribution मुख्यतः राज्य के पुराने crystalline एवं metamorphic terrains से संबंधित है।
6. तेलंगाना
तेलंगाना में भी mica-bearing pegmatites पाए जाते हैं। तेलंगाना को भारत के महत्वपूर्ण mica-bearing राज्यों में शामिल किया गया है। हालांकि इसके संसाधन आंध्र प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा की तुलना में काफी कम हैं।
भारत में अभ्रक के संसाधन
राज्यवार कुल resources में:
| राज्य | Reserve में कुल हिस्सा |
| आंध्र प्रदेश | 41% |
| राजस्थान | 28% |
| ओड़िसा | 17% |
| महाराष्ट्र | 13% |
| महाराष्ट्र | 2% |
Source: IBM के Indian Minerals Yearbook 2022
भारत में अभ्रक का उत्पादन
IBM के Indian Minerals Yearbook 2022 में उपलब्ध नवीनतम विस्तृत राज्यवार production table में 2021-22 के लिए:
| राज्य | 2019-20 | 2020-21 | 2021-22 |
| Andhra Pradesh | 16,822 t | 16,717 t | — |
| Rajasthan | 16,000 t | 17,719 t | 42,600 t |
स्रोत: संबंधित State Directorates of Mining & Geology तथा उनके websites से प्राप्त आंकड़े।
नोट : भारत सरकार ने 20 फरवरी 2025 को Barytes, Felspar, Mica और Quartz को Major Minerals की श्रेणी में शामिल किया। Indian Minerals Yearbook 2024 की भूमिका में भी इस परिवर्तन का उल्लेख है।
अभ्रक के प्रमुख उपयोग
अभ्रक के उपयोग मुख्यतः इसके ऊष्मा प्रतिरोध, विद्युतरोधकता, flexibility और thin-sheet cleavage से संबंधित हैं।
1. विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
Natural sheet mica का उपयोग electrical और electronic industries में blocks, splittings, films तथा built-up mica (micanite) के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग capacitors और commutator segments जैसे उत्पादों में भी होता है।
2. उच्च तापमान उपकरण
Mica की heat resistance के कारण इसका उपयोग boiler gauge glasses, thermal regulators और radiation pyrometers आदि में किया जाता है।
3. Rubber Industry
Ground mica का उपयोग rubber industry में dusting agent और inert filler के रूप में किया जाता है। Mica fillers rubber products की hardness, tensile strength तथा tear resistance को प्रभावित करते हैं।
4. Plastic Industry
Ground mica का उपयोग plastics में filler के रूप में किया जाता है तथा इससे कुछ products में mechanical properties को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।
5. Drilling Industry
Mica को drilling fluids में lost-circulation zones में fluid loss कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी platy structure overlapping particles की एक tight layer बनाने में सहायता करती है।
6. Paint और अन्य उद्योग
Powdered mica का उपयोग paints, coatings तथा विभिन्न industrial fillers में भी किया जाता है।
अभ्रक का आर्थिक महत्व
अभ्रक भारत के mineral economy में quantity के आधार पर iron ore, coal या bauxite जितना बड़ा mineral नहीं है, लेकिन इसके विशिष्ट physical और electrical properties इसे strategic industrial mineral बनाते हैं। विशेष रूप से electrical insulation, electronics, thermal equipment, rubber, plastic, drilling और अन्य manufacturing sectors में इसकी उपयोगिता बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त mica-bearing regions में mining और mineral processing से स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियां भी उत्पन्न होती हैं।
Sources: Indian Bureau of Mines – Indian Minerals Yearbook, Ministry of Mines – Government of India
Impotant one liners
Q1. अभ्रक का अंग्रेजी नाम क्या है?
उत्तर: Mica
Q2. अभ्रक किस प्रकार का खनिज है?
उत्तर: अधात्विक खनिज
Q3. अभ्रक की सबसे प्रमुख भौतिक विशेषता क्या है?
उत्तर: Perfect basal cleavage
Q4. अभ्रक के दो प्रमुख व्यावसायिक प्रकार कौन-से हैं?
उत्तर: Muscovite और Phlogopite
Q5. Muscovite को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: White/Potash mica
Q6. Phlogopite को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: Magnesium/Amber mica
Q7. भारत का प्रमुख mica-bearing belt कौन-सा है?
उत्तर: Nellore mica belt तथा Koderma-Giridih-Hazaribagh belt प्रमुख ऐतिहासिक क्षेत्र हैं
Q8. भारत में प्रमुख mica-bearing pegmatites किन राज्यों में हैं?
उत्तर: आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना
Q9. आंध्र प्रदेश में mica के प्रमुख जिले कौन-से हैं?
उत्तर: Nellore और Visakhapatnam
Q10. राजस्थान में mica के प्रमुख जिले कौन-से हैं?
उत्तर: Ajmer और Bhilwara
Q11. बिहार में mica का प्रमुख जिला कौन-सा है?
उत्तर: Nawada
Q12. Mica का सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक उपयोग क्या है?
उत्तर: Electrical और electronic industries में insulating material के रूप में।
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