आर्थिक भूगोल MCQs
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आर्थिक भूगोल के अध्ययन में ‘क्रमबद्ध उपागम’ (Systematic Approach) का मुख्य आधार क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
क्रमबद्ध उपागम में किसी एक आर्थिक गतिविधि—जैसे कृषि, उद्योग या व्यापार—का अलग-अलग क्षेत्रों में अध्ययन किया जाता है। इससे उस गतिविधि के वितरण, समानताओं, भिन्नताओं और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों की तुलना की जा सकती है।
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प्रादेशिक उपागम (Regional Approach) में आर्थिक भूगोलवेत्ता मुख्यतः क्या अध्ययन करता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
प्रादेशिक उपागम किसी निश्चित क्षेत्र या प्रदेश को इकाई मानकर वहाँ के संसाधनों, जनसंख्या, कृषि, उद्योग, परिवहन, व्यापार और सेवाओं का संयुक्त अध्ययन करता है। इससे क्षेत्र की विशिष्ट आर्थिक संरचना और विकास संबंधी समस्याएँ समझी जा सकती हैं।
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आर्थिक भूगोल में उत्पादन, वितरण, विनिमय और उपभोग के बीच संबंध क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
उत्पादन वस्तुओं और सेवाओं का निर्माण करता है, वितरण उन्हें उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाता है, विनिमय के माध्यम से उनका लेन-देन होता है और उपभोग में उनका उपयोग होता है। ये सभी प्रक्रियाएँ स्थान, परिवहन, बाजार और संसाधनों से जुड़ी हैं।
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आर्थिक भूगोल को गतिशील विषय क्यों कहा जाता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
आर्थिक भूगोल गतिशील है क्योंकि तकनीकी नवाचार, परिवहन, बाजार की माँग, नीतियाँ और संसाधनों की उपलब्धता समय के साथ बदलते हैं। इनके कारण उद्योगों, कृषि क्षेत्रों, रोजगार और व्यापार नेटवर्क का स्थानिक वितरण भी बदल सकता है।
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आर्थिक भूगोल की प्रकृति को ‘अंतर्विषयी’ कहने का सबसे उपयुक्त कारण क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
आर्थिक गतिविधियों को समझने के लिए केवल अर्थशास्त्र पर्याप्त नहीं होता। जनसंख्या और श्रम के लिए जनांकिकी, सामाजिक संरचना के लिए समाजशास्त्र, पर्यावरण के लिए पारिस्थितिकी और स्थानिक विश्लेषण के लिए भूगोल की अवधारणाएँ उपयोगी होती हैं।
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आर्थिक भूगोल में ‘मानव-पर्यावरण अंतःक्रिया’ का उदाहरण कौन-सा है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
फसल चयन जलवायु और मिट्टी जैसे प्राकृतिक कारकों से प्रभावित होता है, लेकिन सिंचाई, बीज, तकनीक, श्रम, बाजार और सरकारी नीतियाँ भी निर्णय को प्रभावित करती हैं। यह प्राकृतिक परिस्थितियों और मानव निर्णयों की अंतःक्रिया का उदाहरण है।
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आर्थिक भूगोल में ‘संसाधन’ को केवल प्राकृतिक वस्तु मानना उचित क्यों नहीं है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
प्राकृतिक पदार्थ तभी उपयोगी संसाधन बनते हैं जब मानव के पास उनका उपयोग करने का ज्ञान, तकनीक और आवश्यकता हो। उदाहरणतः नई तकनीक से पहले अनुपयोगी समझे जाने वाले पदार्थ बाद में ऊर्जा या औद्योगिक संसाधन बन सकते हैं।
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आर्थिक भूगोल में ‘क्षेत्रीय विशेषज्ञता’ का अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
क्षेत्रीय विशेषज्ञता तब विकसित होती है जब किसी क्षेत्र में संसाधन, कौशल, तकनीक, श्रम, अवसंरचना या ऐतिहासिक परिस्थितियों के कारण कुछ गतिविधियाँ विशेष रूप से विकसित हो जाती हैं। इससे क्षेत्रों के बीच व्यापार और आर्थिक परस्पर निर्भरता बढ़ सकती है।
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आर्थिक भूगोल में ‘आर्थिक विकास’ का स्थानिक अध्ययन किस प्रश्न का उत्तर खोजता है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
आर्थिक विकास का स्थानिक अध्ययन क्षेत्रों के बीच आय, रोजगार, अवसंरचना, उद्योग, सेवाओं और अवसरों के अंतर को देखता है। इससे विकास के केंद्रों, पिछड़े क्षेत्रों और क्षेत्रीय असमानताओं के कारणों की पहचान की जा सकती है।
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आर्थिक भूगोल में ‘केंद्रीय स्थान’ या बाजार केंद्रों का अध्ययन किस बात से संबंधित है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
बाजार और सेवा केंद्र अलग-अलग आकार के क्षेत्रों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उनकी अवस्थिति, पहुँच, जनसंख्या और सेवा-स्तर से उनके प्रभाव क्षेत्र बनते हैं। आर्थिक भूगोल इन केंद्रों के वितरण और उनके बीच के संबंधों का अध्ययन कर सकता है।
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आर्थिक भूगोल में ‘वैश्विक आपूर्ति शृंखला’ का अध्ययन क्यों महत्त्वपूर्ण है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
वैश्विक आपूर्ति शृंखला में किसी वस्तु के कच्चे माल, घटक, संयोजन, पैकेजिंग और बिक्री के चरण अलग-अलग देशों या क्षेत्रों में हो सकते हैं। आर्थिक भूगोल इन स्थानों के बीच श्रम, पूँजी, परिवहन, नीति और बाजार के संबंधों का अध्ययन करता है।
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आर्थिक भूगोल में ‘स्थानिक असमानता’ का सही अर्थ क्या है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
स्थानिक असमानता तब दिखाई देती है जब कुछ क्षेत्रों में रोजगार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाएँ अधिक हों जबकि अन्य क्षेत्रों में कम। आर्थिक भूगोल इन अंतरों के कारणों और संभावित क्षेत्रीय नीतियों का विश्लेषण करता है।
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आर्थिक भूगोल में सांस्कृतिक कारक किस प्रकार आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
उपभोग की पसंद, भोजन की परंपराएँ, स्थानीय कौशल और सामाजिक संस्थाएँ यह प्रभावित कर सकती हैं कि कौन-सी वस्तुएँ बनेंगी, कहाँ बिकेंगी और किस प्रकार के रोजगार विकसित होंगे। इसलिए आर्थिक भूगोल में सांस्कृतिक और सामाजिक परिस्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।
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आर्थिक भूगोल में सरकारी नीति का स्थानिक प्रभाव किस उदाहरण से स्पष्ट होता है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
सरकारें औद्योगिक क्षेत्र, कर प्रोत्साहन, बिजली, सड़क, बंदरगाह और कौशल विकास में निवेश के माध्यम से स्थानों की आकर्षकता बदल सकती हैं। इससे आर्थिक गतिविधियों का क्षेत्रीय वितरण और रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं।
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आर्थिक भूगोल में मात्रात्मक विधियों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता है?
Options:
Correct Option: A
Explanation:
मात्रात्मक विधियों में अनुपात, दर, सूचकांक, सहसंबंध, सांख्यिकीय विश्लेषण और मानचित्रण शामिल हो सकते हैं। इनके माध्यम से उत्पादन, रोजगार, व्यापार और आय के वितरण की तुलना तथा स्थानिक संकेंद्रण की पहचान की जाती है।
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आर्थिक भूगोल में गुणात्मक विधि का उदाहरण कौन-सा है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
गुणात्मक विधियों में साक्षात्कार, अवलोकन, केस अध्ययन और स्थानीय अनुभवों का विश्लेषण शामिल है। इनके माध्यम से यह समझा जा सकता है कि लोग किसी स्थान पर उद्योग या व्यवसाय चुनने के पीछे किन सामाजिक, सांस्कृतिक और संस्थागत कारणों को महत्त्व देते हैं।
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आर्थिक भूगोल में पैमाने (Scale) का महत्त्व क्या है?
Options:
Correct Option: C
Explanation:
किसी आर्थिक प्रक्रिया का स्वरूप अध्ययन के पैमाने के अनुसार बदल सकता है। उदाहरण के लिए, किसी शहर में उद्योगों का संकेंद्रण स्थानीय स्तर पर दिखता है, जबकि उन्हीं उद्योगों की आपूर्ति शृंखला राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर फैली हो सकती है।
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आर्थिक भूगोल में ‘निर्णय-निर्माण’ का अध्ययन क्यों उपयोगी है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
व्यवसाय स्थान चुनते समय लागत, श्रम, बाजार, परिवहन, जोखिम और नीति पर विचार कर सकते हैं। श्रमिक रोजगार और जीवन-यापन की सुविधाओं को देखते हैं, जबकि उपभोक्ता कीमत, पहुँच और पसंद के आधार पर निर्णय लेते हैं। इन निर्णयों से आर्थिक गतिविधियों का स्थानिक प्रतिरूप बनता है।
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आर्थिक भूगोल में पर्यावरणीय लागतों को शामिल करना क्यों आवश्यक है?
Options:
Correct Option: B
Explanation:
खनन, उद्योग, ऊर्जा उत्पादन और परिवहन से प्रदूषण, भूमि क्षरण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन हो सकते हैं। इन प्रभावों को समझना दीर्घकालिक आर्थिक योजना, संसाधन संरक्षण और सतत विकास के लिए आवश्यक है।
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आर्थिक भूगोल में ‘स्थान-विशिष्ट लाभ’ (Locational Advantage) का उदाहरण क्या है?
Options:
Correct Option: D
Explanation:
स्थान-विशिष्ट लाभ किसी स्थान की ऐसी विशेषता है जो वहाँ आर्थिक गतिविधि को अधिक अनुकूल बनाती है। बंदरगाह, कुशल श्रम, ऊर्जा, बाजार, परिवहन नेटवर्क या कच्चे माल की निकटता कुछ उद्योगों को विशेष लाभ दे सकती है।