Know about Ladakh’s Hero Sonam Wangchuk: Innovator, Educator, and Climate Warrior

Sonam Wangchuk, renowned climate activist from Ladakh, was recently arrested amid protests demanding statehood and ecological protection. Know his environmental work, geographical significance, and latest updates in this unique post for competitive exams.
World Wetlands Day 2025: Protecting Our Common Future

World Wetlands Day 2025 highlights the critical role of wetlands in biodiversity, water security, and climate resilience. Discover India’s leading Ramsar sites and the urgent need for wetland conservation in sustainable geography and ecosystems.
भारत में लौह-अयस्क (Iron Ore in India)

भारत विश्व का लगभग 12 प्रतिशत लोहे का उत्पादन करके विश्व में चौथे स्थान पर है। भारत का अधिकांश लोहा उच्च कोटि (हैमेटाइट) का है। अपितु अति उच्च कोटि (मैग्नेटाइट) के लौह संसाधन अपेक्षाकृत कम हैं और छत्तीसगढ़ के बैलाडीला, कर्नाटक के विलोरी-हॉस्पेट तथा झारखंड-उड़ीसा के बड़ा जमादा क्षेत्र तक ही सीमित हैं। 2021-22 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल 2,53,974 हजार टन लौह-अयस्क का उत्पादन किया गया। भारत में अधिकतर लौह – अयस्क का उत्पादन मध्य-पूर्वी भाग में ही होता है। पिछले कुछ वर्षों के आंकडों से पता चलता है कि भारत में लोहे के उत्पादन में निरन्तर वृद्धि हो रही है।
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक (Factors affecting Climate of India)

किसी भी देश की जलवायु अच्छे से समझने के लिए वहाँ के तापमान, वर्षा, यायुदाब तथा पवनों की गति तथा दिशा का ज्ञान होना आवश्यक है। किसी भी देश की जलवायु पर उस देश के अक्षांशीय विस्तार, उच्चावच तथा जल व स्थल के वितरण का गहरा प्रभाव पड़ता है। हम जानते हैं कि कर्क रेखा भारत को लगभग दो बराबर भागों में बांटती है। अतः इसका दक्षिणी भाग उष्ण कटिबन्ध में तथा उत्तरी भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में स्थित है। भारत के उत्तर में विशाल हिमालय पर्वत स्थित है।