
भारतीय कृषि मानसून पर इतनी निर्भर क्यों है?
भारत की कृषि व्यवस्था का मानसून से गहरा और जटिल रिश्ता है जो हजारों वर्षों से चला आ रहा है। यह निर्भरता न केवल भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों का परिणाम है, बल्कि ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों का भी प्रतिफल है। भारत में लगभग 60 प्रतिशत कृषि भूमि मानसूनी वर्षा पर निर्भर है, और देश की कुल खाद्यान्न उत्पादन का 55 प्रतिशत हिस्सा खरीफ फसलों से आता है जो पूर्णतः मानसून की दया पर निर्भर हैं। यह निर्भरता भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, और लगभग 60 करोड़ लोगों की आजीविका को प्रभावित करती है। मानसून की अनियमितता न केवल फसल उत्पादन को प्रभावित करती है, बल्कि देश की समग्र आर्थिक वृद्धि दर को भी प्रभावित कर सकती है।




